🌺 श्री महालक्ष्मी की कला की लहर 🎨✨🙏🌟🔔 🌄🎶💃🏽💖 🎨🥁👁️‍🗨️🌷 🕉️❤️🕊️👑

Started by Atul Kaviraje, December 18, 2025, 08:00:56 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

श्री महालक्ष्मी देवस्थान कला उत्सव-पणजी-गोवा-

🌺 श्री महालक्ष्मी की कला की लहर 🎨

तारीख: 06.12.2025, शनिवार

जगह: श्री महालक्ष्मी देवस्थान, कला उत्सव, पणजी, गोवा
भक्ति: पूर्ण (भक्तिभाव पूर्ण)

गीत 1: शुरुआत और पुकार
तुम्हें सलाम, मेरी देवी, महालक्ष्मी मौली,
आज गोमांतक की धरती उत्सव में डूब गई है।
पणजी के मंदिर में, कला की यह पुकार,
भक्ति से गूंज उठी। ✨🙏🌟🔔

मतलब: हे महालक्ष्मी मौली, तुम्हें मेरा सलाम। आज गोवा की धरती उत्सव में डूब गई है। पणजी का मंदिर कला के आनंद से गूंज रहा है। शनिवार की रात भक्ति की भावना से भरी है।

गाना 2: शुभ समारोह
6 दिसंबर की सुबह, शनिवार का सुंदर योग,
मंदिर के आंगन में भक्तों की बातचीत जमा हो गई है।
गाना, बजाना, नाचना, मीठे से हो रहे हैं,
महालक्ष्मी की कृपा से सारे दुख और रोग दूर हो जाते हैं। 🌄🎶💃🏽💖

मतलब: 6 दिसंबर की खूबसूरत सुबह है और शनिवार का शुभ दिन आ गया है। मंदिर के आंगन में भक्त जमा हो गए हैं। गाने, बजाने, नाचने का मीठा प्रोग्राम चल रहा है। महालक्ष्मी की कृपा से सारे दुख और रोग दूर हो जाते हैं।

कड़वे 3: कला का जागरण
कला का यह जागरण, आज मन में चल रहा है,
रंग, रेखाएं, धुन और, लयबद्ध कदम।
गोवा की यह संस्कृति, आंखों से छलकती है,
देवी के चरणों में, हर कला प्रस्तुत है। 🎨🥁👁��🗨�🌷

मतलब: कला का यह त्योहार आज बड़ी धूमधाम से चल रहा है। पेंटिंग, संगीत और डांस के लयबद्ध कदम पड़ रहे हैं। गोवा की खूबसूरत संस्कृति आंखों से दिख रही है। कला का हर काम देवी के चरणों में समर्पित किया जा रहा है।

कड़वे 4: भक्ति की महिमा
भक्ति की यह भावना दिल से आनी चाहिए,
साफ दिल से देवी की पूजा करनी चाहिए।
सभी को उनकी कृपा का आशीर्वाद मिले,
और जीवन में हर जगह खुशियां और समृद्धि फैले। 🕉�❤️🕊�👑

मतलब: भक्ति की सच्ची भावना दिल से आनी चाहिए, और देवी को साफ मन से पुकारना चाहिए। सभी को उनकी कृपा का आशीर्वाद मिले,
और जीवन में हर जगह खुशियां और समृद्धि फैले।

कड़वे 5: पणजी की शान
पणजी शहर की शान, मंदिर महान है,
महालक्ष्मी की मूर्ति, चमकदार और मजबूत।
उनके दर्शन से मन का बोझ दूर होता है,
मीठे शब्दों से भरी, उनका आशीर्वाद मिलता है। 🏙�💎💫😊

मतलब: पणजी शहर की शान महालक्ष्मी का मंदिर है। देवी की मूर्ति चमकदार और शक्तिशाली है। उनके दर्शन से मन का सारा बोझ दूर होता है। उनका मीठा आशीर्वाद हमेशा स्वीकार होता है।

कड़वे 6: रसाल वाणी (सुरीली आवाज़)
आज दर्शकों के लिए, सुरीली आवाज़ फूट पड़े,
कलाकारों की सेवा, सफलता के शिखर पर पहुँचे।
मराठी भाषा की मिठास, उत्सव में और बढ़े,
यह खुशी कविता के ज़रिए हर जगह बाँटी जाए। 🎤🗣�🏆📜

मतलब: इस त्योहार में कलाकारों के मुंह से मधुर आवाज निकल रही है, जिससे कला के प्रति उनकी सेवा सफलता के शिखर पर पहुंच रही है। इस त्योहार में मराठी भाषा की मिठास और बढ़ रही है। यह खुशी कविता के जरिए हर जगह बांटी जा रही है।

कड़वे 7: निष्कर्ष और आशीर्वाद
आखिर में, देवी आपके चरणों में यही विनती है,
कला और संस्कृति हमेशा बनी रहे।
त्योहार की मिठास ऐसी ही है, अनवरत बहती रहे,
सबका भला हो, महालक्ष्मी मां! 🔚🙏🚩🇮🇳

मतलब: आखिर में, हे देवी आपके चरणों में यही विनती है कि कला और संस्कृति की परंपरा चलती रहे। इस त्योहार की मिठास मन में बनी रहे। महालक्ष्मी आई, आप सबका भला करें।

इमोजी समरी:
✨🙏🌟🔔 🌄🎶💃🏽💖 🎨🥁👁��🗨�🌷 🕉�❤️🕊�👑 🏙�💎💫😊 🎤🗣�🏆📜 🔚🙏🚩🇮🇳

--अतुल परब
--दिनांक-06.12.2025-शनिवार.
===========================================