🌅 महापुरुष ज्ञानादित्य का निर्वाण दिवस 🕊️🌌🙏💡💔 🏟️🌷🌊🧠 ⚖️🤝📚💪 📜🏛️🔥🇮

Started by Atul Kaviraje, December 18, 2025, 08:01:56 PM

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Atul Kaviraje

भारतरत्न डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिन-

🌅 महापुरुष ज्ञानादित्य का निर्वाण दिवस 🕊�

तारीख: 06.12.2025, शनिवार

विशेष: भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस
भक्तिभाव: पूर्ण आदर (BHAKTIBHAV PURN)

कड़वा 1: आसमान की विदाई
छठी दिसंबर, इस शनिवार शाम को,
अंधेरा गहराया, ज्ञानादित्य चले गए!
भारत रत्न बाबासाहेब ने महापरिनिर्वाण की आज्ञा ली,
शोषितों के जीवन का वह सहारा डूब गया। 🌌🙏💡💔

अर्थ: आज ही के दिन, शनिवार, 6 दिसंबर को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का महापरिनिर्वाण हुआ, जिससे एक महान ज्ञान का सूरज डूब गया। वंचित और शोषित समाज के जीवन का एक बड़ा सहारा आज खो गया।

कड़वे 2: चैत्यभूमि की पुकार
चैत्यभूमि के किनारे, बहुत सारे अनुयायी जमा हुए हैं,
आस्था और भक्ति लेकर, सम्मान का बोझ देते हुए।
भीमरा को याद करते हुए, यही संकल्प है,
उनके विचारों को मन में रखते हुए, हमेशा मन में। 🏟�🌷🌊🧠

मतलब: मुंबई में चैत्यभूमि स्मारक पर उनके असंख्य अनुयायी बड़ी संख्या में जमा हुए हैं। वे सम्मान के साथ फूल लेकर बाबासाहेब को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इस याद से उनके विचारों पर चलने का संकल्प फिर से जागता है और उनके विचार मन में बस जाते हैं।

कड़वे 3: समानता का सागर
इंसानियत का असली मतलब, उन्होंने दुनिया को सिखाया,
उन्होंने भारतीयों को समानता, भाईचारे और न्याय का मंत्र दिया।
उन्होंने ज्ञान से भेदभाव की दीवारें गिरा दीं,
उन्होंने हर इंसान को आत्म-सम्मान के साथ जीने लायक बनाया। ⚖️🤝📚💪

मतलब: बाबासाहेब ने दुनिया को इंसानियत का सही मतलब समझाया और भारत के लोगों को बराबरी, भाईचारे और इंसाफ़ का बड़ा मैसेज दिया। अपने ज्ञान की ताकत से उन्होंने समाज में भेदभाव की दीवारें तोड़ीं और हर इंसान को भरोसे के साथ ज़िंदगी जीने लायक बनाया।

सद 4: संविधान बनाने वाले
संविधान बनाने वाले, उनका विज़न बहुत बड़ा था,
उन्होंने हमें बराबरी के हक़ का मालिक संविधान दिया।
छुआछूत के अंधेरे में उन्होंने मशाल जलाई,
शानदार काम के आगे यह भाला विनम्रता से झुकता है। 📜🏛�🔥🇮🇳

मतलब: वे भारतीय संविधान बनाने वाले महान थे और उनका विज़न बहुत बड़ा था। उन्होंने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो बराबरी के हक़ का घर है। छुआछूत के अंधेरे में उन्होंने ज्ञान की लौ जलाई और उनके इस शानदार काम के आगे हमारा सिर सम्मान से झुकता है।

कड़वा 5: संघर्ष और बलिदान
सोसला ने बहुत संघर्ष, अपमान और दर्द सहा,
लेकिन कभी हार नहीं मानी, संघर्ष की वो प्रेरणा।
शिक्षा, संगठन, संघर्ष, एक नई पहचान दी,
दलित समुदाय के लिए, उनका जीवन एक साधना थी। 🤺🎓✊🎯

मतलब: उन्होंने अपने जीवन में बहुत संघर्ष, अपमान और दर्द सहा, लेकिन लड़ने की उनकी प्रेरणा कभी कम नहीं हुई। उन्होंने एक नया मंत्र दिया, 'सीखो, संगठित हो और संघर्ष करो'। उनका पूरा जीवन दलित समुदाय के उत्थान के लिए एक तपस्या थी।

कड़वा 6: विचारों की चमक
शरीर भले ही चला जाए, उनके विचार अमर हैं,
आज भी, रास्ता दिखाते हुए, सहारा बनेंगे।
हर पीढ़ी को उनका यह जुनून अपनाना चाहिए,
न्याय और अधिकार के लिए लड़ना, यही उनके प्रति सच्चा आभार है। 🌟📖🗣�✨

मतलब: भले ही आज उनका शरीर इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उनके विचार हमेशा ज़िंदा रहेंगे। आज भी उनके विचार हमें सही रास्ता दिखाने में साथ देंगे। हर पीढ़ी को उनके विचारों पर लगातार चलना चाहिए। न्याय और अधिकार के लिए लड़ते रहना ही उनके प्रति सच्ची कृतज्ञता है।

कड़वे 7: अंतिम प्रणाम
उस महापुरुष को सौ बार नमन, जिसने बचाया,
उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर, यादों का सैलाब उमड़ पड़ा है।
आओ जय भीम का नारा लगाएं, आओ एक बार फिर प्रण लें,
भारत का पुनर्निर्माण करें, जैसा उन्होंने सच किया! 💐🚩🇮🇳🦁

मतलब: उस महापुरुष को हम बार-बार नमन करते हैं, जिसने समाज को बचाया। उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर, उनकी यादों का सैलाब उमड़ पड़ा है। आओ 'जय भीम' का नारा लगाएं, आओ एक बार फिर प्रण लें, कि उनके देखे सपने के मुताबिक हम भारत को बेहतर बनाएंगे।

इमोजी समरी (इमोजी का सारांश):
🌌🙏💡💔 🏟�🌷🌊🧠 ⚖️🤝📚💪 📜🏛�🔥🇮🇳 🤺🎓✊🎯 🌟📖🗣�✨ 💐🚩🇮🇳🦁

--अतुल परब
--दिनांक-06.12.2025-शनिवार.
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