🕊️ कविता: 'ज्ञानदीप: संत संताजी जगनाड़े'🙏🌟🪔🕊️ | ✍️📖📿💖 | 🏡🌍🌱🤝 | 🌻✨

Started by Atul Kaviraje, December 18, 2025, 08:11:05 PM

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Atul Kaviraje

श्री संताजी जगनाडे महाराज जयंती-सदुंबरे, तालुका-मावळ-

🕊�  कविता: 'ज्ञानदीप: संत संताजी जगनाड़े'

📅 तारीख: 08. 12. 2025 (सोमवार)
📍 जगह: सदुंबरे, तालुका-मावल, पुणे

कड़वे 1
आज एक पवित्र दिन है, सदुंबरे गांव के संताजी महाराज की जयंती।
तेली समुदाय की शान, वारकरी संत, ज्ञान और भक्ति के सागर, जिनका कोई अंत नहीं है।

मतलब: आज संत संताजी जगनाड़े महाराज की पवित्र जयंती है। यह समारोह सदुंबरे (मावल) में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। वे तेली समुदाय की शान और एक वफादार वारकरी संत थे; उनके ज्ञान और भक्ति का सागर असीम है। 🙏🌟🪔🕊�

कड़वे 2
नामदेव तुकोबा के, शिष्य महान थे, उन्होंने अभंग लिखे, भक्ति की वह शक्ति। वे लेखक बने, तुकोबारा के, उन्होंने उद्धार किया, अनेक आत्माओं का।
अर्थ: वे संत नामदेव महाराज और संत तुकाराम महाराज के महान शिष्य थे। उन्होंने भक्ति के बल पर कई अभंगों की रचना की। उन्होंने संत तुकाराम महाराज के अभंगों को लिखा (लेखक का कार्य किया), जिससे अनेक आत्माओं का उद्धार हुआ। ✍️📖📿💖

कड़वे 3
उनका गाँव सदुम्बरे है, उनकी जन्मभूमि महान है, उन्होंने सबको भक्ति मार्ग का ज्ञान दिया। ॥
उनके शब्द महान हैं, उनका व्यवहार सरल है, उन्होंने कंधों में समानता के बीज बोए। ॥
अर्थ: सदुम्बरे उनकी जन्मभूमि और जन्मभूमि दोनों है। उन्होंने सबको भक्ति और धर्म के मार्ग का ज्ञान दिया। उनकी वाणी बहुत प्रभावी थी और उनका व्यवहार सरल था। उन्होंने समाज में समानता के बीज बोए। 🏡🌍🌱🤝

कड़वे 4
उनका तेल का धंधा था, पर भक्ति सबसे अच्छी थी, जाति-पाति का भेद भुलाकर उन्होंने साफ-साफ काम किया। ॥
उन्होंने इंसानियत का धर्म सिखाया, शरीर से परे, उन्होंने आत्मा को पहचाना। ॥
मतलब: उनका पारंपरिक धंधा तेल का था, पर भक्ति उनके लिए सबसे अच्छी थी। उन्होंने जाति-पाति का भेद भुलाकर साफ-साफ समाज-कार्य किया। उन्होंने सबको इंसानियत सिखाई और रूहानी ज्ञान से रूबरू कराया। 🌻✨🕊�👤

कड़वे 5
अभंगों की कहानी, संजोकर रखने लायक खजाना, उनकी कृपा से अपने जीवन में रंग भरो।
तुका को जगनाडे कहते हैं, मेरी जान ही मेरी जान है, शिष्य का महत्व, गुरुजी जानो।
मतलब: उनके लिखे अभंगों (कहानियों) का संग्रह हमारे लिए संजोकर रखने लायक अनमोल खजाना है। उनकी कृपा से हमारा जीवन खुशहाल हो जाता है। संत तुकाराम महाराज खुद संतजी को 'मेरा जीवन ही मेरा जीवन है' कहते थे, इससे हम समझते हैं कि संतजी का कितना बड़ा महत्व था। 📚📝🚩👑

कड़वे 6
मिट्टी पर तेल, भगवान पर मन, कर्मयोगी जीवन, शिक्षा खास है।
संत तुकाराम की कहानी, अमर हो गई, संतजी की कृपा से ज्ञान बना रहा।
मतलब: भले ही वे मिट्टी से तेल निकालने का काम कर रहे थे, लेकिन उनका मन हमेशा भगवान के चरणों में लगा रहता था। यह कर्मयोगी जीवन जीने की एक खास शिक्षा है। संतजी की लेखनी की वजह से ही संत तुकाराम महाराज की कहानी आज अमर है और उनका ज्ञान बचा हुआ है। 💧⚙️💪💡

कड़वे 7
उनकी जयंती पर, आइए हम उन्हें नमन करें, आइए उनके विचारों की चमक को अपने दिलों में बचाकर रखें।
संतजी का काम अपनाने लायक है, उन्होंने रास्ता बनाया, जीवन खुशियों का है।
मतलब: उनकी जयंती पर, आइए हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दें। आइए हम उनके नेक विचारों की चमक को अपने दिलों में बनाए रखें। संतजी महाराज का काम हमारे लिए मिसाल है; उन्होंने जो रास्ता दिखाया वह सच में एक खुशहाल ज़िंदगी का रास्ता है। 💐🙏⭐😇

समरी इमोजी:
🙏🌟🪔🕊� | ✍️📖📿💖 | 🏡🌍🌱🤝 | 🌻✨🕊�👤 | 📚📝🚩👑 | 💧⚙️💪💡 | 💐🙏⭐😇

--अतुल परब
--दिनांक-08.12.2025-सोमवार.
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