संत परंपरा और गण गण गण में बोए जाते हैं-🌹 (भक्ति) | 🙏 (नमन) | 🕉️ (आध्यात्मिकत

Started by Atul Kaviraje, December 22, 2025, 07:24:35 PM

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Atul Kaviraje

श्री गजानन महाराज और संतों की परंपरा-
(Shree Gajanan Maharaj and the Tradition of Saints)
Shri Gajanan Maharaj and Sant tradition-

श्री गजानन महाराज और महाराष्ट्र की महान संत परंपरा पर आधारित एक इमोशनल कविता

.. संत परंपरा और गण गण गण में बोए जाते हैं।

कड़वे 1
संत कृपा की यह पवित्र भूमि, यहां भक्ति का झरना बहता है।
ज्ञानेश्वरी की ज्ञानेश्वरी से, ज्ञान का दीपक जलता रहता है।
तुकोबा की अभंगवाणी से, विट्ठल हृदय में प्रकट होते हैं।
संतों की इस दुनिया में, महाराष्ट्र धन्य है.. 🌹 🙏 ✨ 🚩

मतलब: महाराष्ट्र की भूमि संतों की कृपा से पवित्र है।
संत ज्ञानेश्वरी और संत तुकाराम ने जो ज्ञान और भक्ति की ज्योति जलाई,
पूरा महाराष्ट्र उसमें नहा गया है।

कड़वे 2
इस परंपरा का एक अनमोल खजाना, शेगाँव में एक योगी प्रकट हुए।
गजानन ने अपने नाम से दुनिया को बचाया, बीमारियों और बीमारों को ठीक किया।
'गण गण गणत बोते' मंत्र की आवाज़ नहीं गूंजी।
जो शरीर को भूल गए, वही अवलिया विदेही हैं।
🕉� 🧘�♂️ 🐚 📿

मतलब: श्री गजानन महाराज इसी संत परंपरा के तहत शेगाँव में प्रकट हुए।
उन्होंने अपने मंत्र और प्राण से दुनिया के दुख दूर किए और
लोगों को शरीर की स्थिति से परिचित कराया।

कड़वे 3
परी पूर्णब्रह्म, जिसे देखकर दीवानी थी, उसके हाथ में वह चिलम थी।
भक्तों की पुकार पर वह दौड़ी चली आई, माया की कलम तोड़ दी।
भास्कर, बंकटलाल की तरह, भक्त पवित्र हो गए।
महाराज के चरणों में, उन्होंने अपने प्राण अर्पित कर दिए। 🔥 🙌 🪵 🛐

मतलब: भले ही वे पागल लगते थे, लेकिन महाराज असल में परब्रह्म थे।
उन्होंने बंकटलाल और भास्कर जैसे भक्तों को बचाया,
जिन्होंने अपना पूरा जीवन उनके चरणों में लगा दिया।

कड़वा 4
महाराज के देखते ही सूखे कुएं में पानी आ गया।
उनकी पवित्र कृपा से सारे पाप और दुख जल गए।
भक्ति का रास्ता आसान हो गया, अब कोई कर्मकांड नहीं।
दिल की पवित्र भावना से भगवान का प्रकाश जगता है.. 💧 🚰 ✨ 🔅

मतलब: महाराज ने सूखे कुएं में पानी लाने जैसे कई चमत्कार किए,
लेकिन उनका असली मकसद भक्तों के मन का अंधेरा दूर करना था
और उन्हें भक्ति का आसान रास्ता दिखाना था।

कड़वा 5
यही चोखामेला, नामदेव और एकनाथ की शिक्षा है।
महाराज ने अपने व्यवहार से हमें याद दिलाया।
सभी जीवों से प्यार करो, इस धर्म को मत भूलो। गजानन की भक्ति में ही जीवन का असली सार है.. 🐾 💞 🤝 🌿

मतलब: संत चोखामेला, नामदेव और एकनाथ ने जो समानता और प्रेम का संदेश दिया,
महाराज ने अपने व्यवहार से वही संदेश एक बार फिर दुनिया को दिया।

कड़वे 6
शेगाँव की वह पवित्र मिट्टी, जहाँ 'आनंद विसावा' बसा है।
भक्तों के मन में आज भी महाराज की रवा बसी है।
चाहे पंढरी की वारी हो या शेगाँव की भक्ति, भक्ति का एक ही धागा है।
यह जगह संतों के कदमों से समृद्ध हुई है.. पंढरी ➡️ शेगाँव 👣 🌸

मतलब: शेगाँव आज भक्तों के लिए आनंद की जगह है।
चाहे पंढरपुर की वारी हो या शेगाँव की भक्ति,
इन सबका मूल धागा संतों का दिखाया भक्ति का रास्ता है।

कड़वे 7
अनंत कोटि ब्रह्माण्डों के, गजानन स्वामी समर्थ।
मैं आपके चरणों में सिर झुकाता हूँ, जीवन को अर्थ मिले।
आपकी कृपा ऐसे ही बनी रहे, संत परंपरा की यह विरासत।
भक्ति के इस आईने में, मुझे पांडुरंग की सरसों दिखती है। 👑 🙇�♂️ 🪔 🚩

अर्थ: हे प्रभु गजानन महाराज, आपके चरणों में सिर झुकाने के बाद ही जीवन सार्थक होता है।

यह संत परंपरा और आपकी कृपा हमेशा हमारे साथ बनी रहे।

इमोजी समरी
🌹 (भक्ति) | 🙏 (नमन) | 🕉� (आध्यात्मिकता) | 🧘�♂️ (ध्यान) | 💧 (चमत्कार/कृपा) | 💞 (प्रेम/समानता) | 🪔 (ज्ञान का प्रकाश) | 🚩 (धर्म/परंपरा)

--अतुल परब
--दिनांक-18.12.2025-गुरुवार.
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