दत्तात्रेय भक्ति अमृत: समर्पण का मार्ग🕉️ (पवित्रता) | ✨ (चमक) | 🔱 (त्रिमूर्ति

Started by Atul Kaviraje, December 22, 2025, 07:25:27 PM

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Atul Kaviraje

श्री गुरुदेव दत्त और भक्तिरस: समर्पण का मार्ग-
(श्री गुरु देव दत्त के भक्ति अमृत में समर्पण का मार्ग)
(The Path of Surrender in the Devotional Nectar of Shri Guru Dev Datta)
Shri Gurudev Dutt and Bhaktiras: The path of surrender-

श्री गुरुदेव दत्ता की भक्ति पर आधारित एक रसीली और इमोशनल कविता

.. दत्तात्रेय भक्ति अमृत: समर्पण का मार्ग।

कड़वे 1
त्रिदेव दत्ता ही गुरु राया हैं, अत्रि-अनुसूया का धागा, प्रेम की यह छाया।
जिन चरणों में ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर एक हैं, मैंने अपना सारा शरीर उंडेल दिया है.. 🕉� ✨ 🔱 👣

मतलब: दत्तागुरु, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का रूप हैं,
अत्रि ऋषि और माता अनुसूया के घर पैदा हुए थे। ऐसे सर्वशक्तिमान गुरु के चरणों में
मैं अपना तन और मन अर्पित करता हूँ।

कड़वे 2
औदुंबरा की ठंडी छाँव में, मन को शांति मिले, दत्ता का नाम जपने से, दिल में रोशनी जगमगाए। भक्ति के इस अमृत का स्वाद, जिसने भी चखा है, उसके सारे झगड़े खत्म हो गए हैं। 🌳 📿 🕯� 🧘�♂️

मतलब: औदुंबर के पेड़ के नीचे दत्तगुरु रहते हैं, जहाँ मन को परम शांति मिलती है।
उनका नाम जपने से मन का अज्ञान दूर होता है और भक्ति का सच्चा आनंद मिलता है।

कड़वे 3
हाथ में कमंडल और जोली लेकर, कंधे पर डंडा रखकर, गुरु भक्तों की रक्षा के लिए दौड़े चले आते हैं।
अब मैं आपकी शरण में आ गया हूँ, हे सांदुनिया, मेरा मान दत्त दत्त घोष से रंगा हुआ है, मेरी पूरी चेतना.. 🍯 🦯 👜 🙌

मतलब: गुरुदेव, हाथ में कमंडल और जोली लेकर, अपने भक्तों के बुलाने पर दौड़े चले आते हैं।
मैंने अपना अहंकार छोड़कर उनकी शरण ले ली है, और अब मेरी पूरी चेतना उनके नाम में खो गई है।

कड़वा 4
गंगापुर की हवा, नरसोबा की घाटी, भक्ति के इस बहाव के साथ, दुख की जलती हुई लकड़ी।
कृष्ण-पंचगंगे के किनारे, मंत्रों के साथ, दत्ता के इस दर्शन के साथ, हमारा भाग्य हमारा हो.. 🌊 🛕 🔔 🚩

मतलब: गंगापुर और नरसोबावाड़ी जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों पर दत्ता के दर्शन से सभी दुख जलकर राख हो जाते हैं।
नदियों के किनारे मंत्रों का जाप भक्तों का भाग्य चमका देता है।

कड़वा 5
काम, क्रोध और लोभ मार्ग की बड़ी रुकावटें हैं, गुरु की कृपा से, दुनिया की यह गर्दन मुक्त हो जाती है।
यह समर्पण का मार्ग है, सरल और सीधा, मां दत्ता पोषण करती हैं, प्रेम का यह विमल गरल। ✂️ ⛓️ ❤️ 💎

मतलब: इंसान की इच्छाएं (वासना, गुस्सा, वगैरह) भक्ति के रास्ते में रुकावटें डालती हैं,
लेकिन गुरु की कृपा से ये फंदे टूट जाते हैं। पूरा समर्पण ही भगवान तक पहुंचने का सबसे आसान तरीका है।

कड़वे 6
मेरा अनंत रूप, भगवान दिगंबर, जीवों की सेवा में, भक्ति की इसी उमंग को बहाता है।
कुत्ता और कपिला गाय, प्यार की गवाही देते हैं, यही दत्त की शिक्षा है, उस मुक्ति के धाम की.. 🐕 🐄 🌍 🕊�

मतलब: दत्तगुरु ने चौबीस गुरु बनाकर हर जीव में भगवान को देखना सिखाया।
उनके साथ गाय और कुत्ते सभी जीवों के लिए प्यार के प्रतीक हैं,
जो हमें मुक्ति की ओर ले जाते हैं।

कड़वे 7
'अवधूत चिंतन श्री गुरुदेव दत्त', यही आवाज़ गरजती है, तुम्हारे बिना, ये दुनिया, कौन आवाज़ देगा?
भक्ति के इस अमृत में, मेरा दिल भीगा हुआ है, मुझे दत्ता के चरणों में, अब लगातार आराम मिलता है। 🗣� 🌌 🐚 👑

मतलब: पूरा ब्रह्मांड 'अवधूत चिंतन श्री गुरुदेव दत्ता' की पुकार से गूंज रहा है।
भक्ति के इस अमृत से मेरा मन तृप्त हो गया है,
अब मेरा शाश्वत विश्राम केवल दत्ता के चरणों में है।

इमोजी सारांश
🕉� (पवित्रता) | ✨ (चमक) | 🔱 (त्रिमूर्ति रूप) | 👣 (कमल के पैर) | 🌳 (औदुंबरा) | 📿 (नाम स्मरण) | 🛕 (तीर्थस्थल) | 🚩 (भक्ति की जीत) | 🐕🐄 (सर्वव्यापी दया) | 👑 (गुरुराया)

--अतुल परब
--दिनांक-18.12.2025-गुरुवार.
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