स्वामी समर्थ की दिव्य शिक्षण पाठशाला: जीवन की शिक्षाएँ-🕉️ (परब्रह्म) | 📚 (ज्ञा

Started by Atul Kaviraje, December 22, 2025, 07:27:04 PM

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Atul Kaviraje

(श्री स्वामी समर्थ के अनुसार सीखने की विधियाँ)
श्री स्वामी समर्थ और उनके शिक्षा के तरीके-
(श्री स्वामी समर्थ के अनुसार सीखने के तरीके)
(The Methods of Learning According to Shri Swami Samarth)
Shri Swami Samarth and his teaching methods-

अक्कलकोट के श्री स्वामी समर्थ महाराज और उनके दिव्य शिक्षण पद्धति पर आधारित एक शिक्षाप्रद कविता

.. स्वामी समर्थ की दिव्य शिक्षण पाठशाला: जीवन की शिक्षाएँ..

कड़वे 1
अक्कलकोटि में प्रकट हुए स्वामी, ज्ञान के महान मेरु, न केवल पोथी-पुराण प्रस्तुत किए, बल्कि जीवन के गुरु बन गए।
किताबी ज्ञान से बढ़कर, उन्होंने अनुभव के पाठ दिए, अज्ञान का अंधेरा दूर किया, नियति का मार्ग रोशन किया.. 🕉� 📚 ✨ 🎓

अर्थ: स्वामी समर्थ ज्ञान का पहाड़ थे।
उन्होंने केवल किताबी ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि अनुभव के पाठ सिखाए,
जिससे भक्तों के जीवन से अज्ञान का अंधेरा दूर हो गया।

कड़वे 2
"डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ", यही महान आत्मविश्वास है, मुसीबत में भी रास्ता खोज लेना, यही शिक्षा का सच्चा जुनून है। इस दुनिया से डरो मत, हिम्मत से आगे बढ़ो, स्वामी के इस एक शब्द से मन में डर की सील हट गई। 🦁 💪 🛡� 🚩

मतलब: स्वामी ने सिखाया कि आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी शिक्षा है।

'डरो मत' का उनका भरोसा इंसान को मुश्किलों से लड़ना
और हिम्मत से जीना सिखाता है।

कड़वा 3
उस घमंड के पहाड़ को तोड़कर, उन्होंने विनम्रता सिखाई, जिसकी तरक्की का रास्ता अहंकार के बोझ से रुका हुआ था।

राजा हो या रंक, उनका नज़रिया एक जैसा है, बराबरी का यह पाठ पढ़ाकर उन्होंने सारी सृष्टि को खुश कर दिया। 🔨 🏔� 🙇�♂️ 🤝

मतलब: स्वामी का सिखाने का तरीका अहंकार को खत्म करना था।

उन्होंने विनम्रता और सबको बराबरी से देखना, यह ज़रूरी पाठ अपने कामों से सिखाया।

कड़वे 4
सिर्फ जप मत करो, तुम्हारा विश्वास कर्म में होना चाहिए, आलस्य को त्यागकर मेहनत करो, लक्ष्य तक का सफर पूरा हो जाता है।

"आलसी व्यक्ति का चेहरा मत देखो", ये उनके सख्त शब्द हैं, कोशिशों की ये शिक्षा, दुनिया में अमूल्य है.. ⚙️ 🌾 🚫 😴

मतलब: स्वामी ने आलस्य की निंदा की।

उन्होंने दृढ़ता से कहा कि कर्म के प्रति निष्ठा और काम में लगातार लगे रहना ही सच्ची शिक्षा है।

कड़वे 5
प्रकृति के सानिध्य में रहकर उन्होंने ईश्वर के स्वरूप की शिक्षा दी, हर जीव की सेवा में ज्ञान का अमृत मिलता है।
जीवों के प्रति दया, यही शिक्षा का मूल आधार है, स्वामी की इस पाठशाला में उनकी छाया सब पर है.. 🌳 🐾 💧 ❤️

मतलब: प्रकृति और जीवों से प्रेम करना स्वामी की शिक्षा प्रणाली का एक अहम हिस्सा था।

उन्होंने यह सोच डाली कि सेवा ही सच्ची शिक्षा है।

कड़वे 6
हर भक्त की गलतियों पर स्वामी ने एक सख्त लाइन खींची, अहंकार और अज्ञानता की, उन्होंने मुश्किल पहेली सुलझाई।
दंड कृपा नहीं, भक्त के सुधार का रास्ता है, स्वामी के इस अनुशासन में, जीवन के लिए सही रास्ता मिलता है। 🏹 ⛓️ 🛤� 💎

मतलब: स्वामी ने कभी-कभी सख्ती की, लेकिन उसके पीछे भक्त को सुधारने की शिक्षा थी।
उनके अनुशासन की वजह से ही कई जीवन सही रास्ते पर आए।

कड़वे 7
अनंत कोटि ब्रह्मांड के, स्वामी समर्थ महाराज थोर, आपके चरणों में हमने सीखा, भक्ति का यह नया जोश। पूर्ण समर्पण ही ज्ञान है, यही परम शिक्षा का सार है, स्वामी के इसी ज्ञान से जीवन का उद्धार होता है.. 👑 🙇�♂️ 🐚 🪔

अर्थ: स्वामी के चरणों में समर्पण करना, यही परम शिक्षा है.
उनके ज्ञान से ही व्यक्ति का जीवन सार्थक होता है और वह मोक्ष को प्राप्त करता है.

इमोजी सारांश
🕉� (परब्रह्म) | 📚 (ज्ञान) | ✨ (भयानक) | 🎓 (शिक्षा) | 🦁 (निर्भयता) | 💪 (आत्मविश्वास) | 🛡� (रक्षा) | 🔨 (अहंकार नाश) | 🤝 (समानता) | ⚙️ (कर्म) | 🌳 (स्वभाव) | 💎 (अनमोल ज्ञान) | 👑 (स्वामी समर्थ)

--अतुल परब
--दिनांक-18.12.2025-गुरुवार.
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