कर्तव्य की पुकार-🏹🛡️🚩🚫📉🥀🔥⚠️💡🧠🌊✋⚔️👁️🔱✨💪🏹🔥🛣️👣🏛️🌟📈🚩🐚🙌🌍

Started by Atul Kaviraje, December 23, 2025, 06:56:54 PM

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Atul Kaviraje

॥ ज्ञानेश्वरी भावार्थदीपिका ॥
॥ अथ प्रथमोऽध्यायः – अध्याय पहिला ॥

॥ अर्जुनविषादयोगः ॥

तुज नव्हे हें उचित । येणें नासेल जोडलें बहुत ।तूं अझुनी वरी हित । विचारीं पां ॥ २२ ॥
तुला हे योग्य नाही. आजपर्यंत जे काय पुष्कळ यश तू जोडले आहेस त्याचा त्यामुळे नाश होईल. तू अजून तरी आपल्या हिताचा विचार कर. ॥२-२२॥

॥  कविता: कर्तव्य की पुकार ॥

1.
हे अर्जुन, युद्ध के मैदान में खड़े होकर, हाथ में धनुष-बाण लिए हुए, तुम्हारे विचार गलत हैं।
मैं तुम्हें मोह में डूबा हुआ देख रहा हूँ, तुम अपनी चेतना खो चुके हो।
तुम्हारा व्यवहार गलत है, अपना धैर्य मत छोड़ो।
यह ठीक नहीं है, हे क्षत्रिय, तुम क्यों अधीर हो रहे हो। 🏹🛡�🚩🚫

अर्थ: हे अर्जुन, युद्ध के मैदान में अपने हथियार फेंकना तुम्हारे लिए ठीक नहीं है। तुमने मोह के कारण अपनी चेतना खो दी है, लेकिन यह व्यवहार क्षत्रिय धर्म के अनुकूल नहीं है।

2.
तुम्हारा यश नष्ट हो जाएगा, तुमने अब तक कड़ी मेहनत की है, तुम्हें अपार सफलता मिली है।
क्या तुम्हें एक गलत निर्णय से कलंकित होना चाहिए?
तुम्हारी वीरता की परंपरा तुम्हारी है, तुम्हारा यश पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
तुम्हारा भगोड़ापन अब तुम्हारी सफलता की मिट्टी बनेगा। 📉🥀🔥⚠️

मतलब: अगर तुमने जंग छोड़ दी तो अब तक तुमने जो भी बड़े-बड़े कारनामे किए हैं, वे सब बेकार हो जाएंगे। अगर लोग तुम्हें कायर कहेंगे, तो तुम्हारी कामयाबी और शोहरत खत्म हो जाएगी।

3.
ज़मीर का हाथ थाम, वक्त अभी खत्म नहीं हुआ है, संभल जा, ऐ मन।
अपने फायदे की सोच, रो मत, ऐ मन।
इमोशंस की इस लहर में मत बह।
यह मत भूल कि तुम्हारा असली फायदा क्या है। 💡🧠🌊✋

मतलब: अपने इमोशंस में बहकर रो मत। अभी भी वक्त है, शांत हो जाओ और अपने ज़मीर से सोचो कि तुम्हारा असली फायदा (फायदा) क्या है।

4.
भले ही तुम कर्म के इस धर्मयुद्ध के सामने खड़े हो जाओ, भले ही वह पर्सनल हो, धर्म ही महान है।
अगर तुम अपने फर्ज से बचोगे, तो तुम्हें बहुत दुख होगा।
जो तुमने जोड़ा है, उसकी नेकी से रक्षा करो।
अब, इस भ्रम के पर्दे को हटा दो। ⚔️👁�🔱✨

मतलब: भले ही सामने रिश्तेदार हों, यह धर्म की लड़ाई है। तुम्हें अपना फ़र्ज़ निभाना होगा। अगर तुम भाग गए, तो तुम्हारा पुण्य और वीरता खत्म हो जाएगी।

5.
हिम्मत से खड़े रहो, तुम्हारा शरीर गिर गया है, तुम्हारा शरीर कांप रहा है।
लेकिन कामयाबी का रास्ता यही है, झूठे भ्रम छोड़ दो।
अपने अंदर सोचो, क्या सही है?
सच्चाई का रास्ता तरक्की का रास्ता है, यह तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है। 💪🏹🔥🛣�

मतलब: भले ही तुम्हारा शरीर कांप रहा हो और तुम्हारा धनुष गिर गया हो, भ्रम छोड़ दो और खड़े हो जाओ। अपने अंदर सोचो, क्या सही है, क्योंकि सच्चाई का रास्ता तुम्हें बुला रहा है।

6.
संस्कारों की रक्षा करो, अपने बड़ों का आदर करो, परी धर्म महान है।
जिस कर्म ने तुम्हारा नाम बचाकर रखा है, उसे याद रखो।
भविष्य के बारे में सोचो, एक कदम बढ़ाओ।
यही तुम्हारा सपना है सफलता की उस चोटी का। 👣🏛�🌟📈

मतलब: अपनी परंपराओं और अपने कुल के नाम की रक्षा करो। जिस नाम से तुम मशहूर हुए हो, उसे खराब मत करो। अपनी भविष्य की सफलता के बारे में सोचो और अगला कदम उठाओ।

7.
यह श्री कृष्ण की सलाह है, हे पार्थ के मित्र, इसे सुनो, प्रभु से कहो।
अर्जुन, तुम्हारे जीवन की कीमत बहुत कीमती है।
हे अजूनी, अपनी भलाई के बारे में सोचो, यह दुख छोड़ दो।
तुम तरक्की के सनातन हो, अब, जीत की आहट सुनाई दे रही है। 🚩🐚🙌🌍

मतलब: श्री कृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं कि तुम्हारा जीवन कीमती है। यह दुख छोड़ो, अपनी भलाई के बारे में सोचो और जीत का शंख बजाओ और युद्ध के लिए तैयार हो जाओ। इमोजी समरी:

🏹 (धनुर्धर) • 🛡� (सुरक्षा) • 📉 (गिरने से रोकें) • 💡 (विवेक) • ⚔️ (युद्ध/कार्य) • 💪 (शक्ति) • 🚩 (धर्म) • 🐚 (जीत) • 🌍 (दुनिया)

🏹🛡�🚩🚫📉🥀🔥⚠️💡🧠🌊✋⚔️👁�🔱✨💪🏹🔥🛣�👣🏛�🌟📈🚩🐚🙌🌍

--अतुल परब
--दिनांक-17.12.2025-बुधवार.
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