ड्यूटी की कड़वी सच्चाई-⚔️🛑🏹🛡️🧐🤔👺🐍🔥💧⚔️⚖️🕸️ 🚣‍♂️🌊💪🦁🚩🏔️⚠️📉🌍🤝🙌🐚

Started by Atul Kaviraje, December 23, 2025, 06:59:26 PM

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Atul Kaviraje

॥ ज्ञानेश्वरी भावार्थदीपिका ॥
॥ अथ प्रथमोऽध्यायः – अध्याय पहिला ॥

॥ अर्जुनविषादयोगः ॥

येणें संग्रामाचेनि अवसरें । एथ कृपाळूपण नुपकरे ।हे आतांचि काय सोयरे । जाहले तुज ? ॥ २३ ॥
लढईच्या ऐन प्रसंगी कृपाळूपणा कामाचा नाही. हे तुझे आताच का सोयरे झाले आहेत ? ॥२-२३॥

॥ कविता: ड्यूटी की कड़वी सच्चाई ॥

1.
ये दया बेवक्त आई है, जंग का मैदान सही समय है,
ये जंग का सही मौका है।
तुम बेवक्त आए हो, ड्यूटी टूट रही है।
यहाँ, मासूमों की दया, ये मोह का जाल है।
खुद को बचा लो अर्जुन, कुल का नाश मत करो। ⚔️🛑🏹🛡�

मतलब:
ये दया जो जंग के इस अहम पल में तुम पर आई है, गैर-ज़रूरी है। यहाँ दया दिखाने का मतलब है ड्यूटी से मुँह मोड़ना, जिससे सब कुछ खत्म हो जाएगा।

2.
क्या तुम्हें अभी-अभी सुबह की याद आई? हे भीष्म, द्रोण और सभी कौरवों,
तुम अभी-अभी क्यों जागे?
बेहिसाब नाइंसाफी के समय में, तुमने ये चेहरे क्यों नहीं देखे?
क्या तुम धोखे वाली पॉलिसी और ज़हर के एक्सपेरिमेंट वाले वो पल भूल गए हो? प्यार का यह झूठा झरना, आज ही क्यों खिला, मेरे प्यारे। 🧐🤔👺🐍

मतलब:
जिन्होंने सालों तक नाइंसाफी की है, उन्हें अब तुम अपना रिश्तेदार क्यों याद करते हो? जब उन्होंने पहले तुम्हें सताया था, तब यह प्यार कहाँ था?

3.
इस मुश्किल संघर्ष के समय में, फर्ज के रास्ते पर,
तुम्हें हथियार चाहिए या आंसू?
छोटे दिल की कमजोरी, यह तुम्हारी खूबसूरती नहीं, तुम्हारी वाणी तुम्हें खूबसूरती नहीं देती।
जो दुश्मन धर्म के खिलाफ आए, उठकर खड़े हो जाओ।
उसे मारना पुण्य है, समझदार झुक जाते हैं। 🔥💧⚔️⚖️

मतलब:
लड़ाई के दौरान, तुम्हारे हाथों में हथियार चाहिए, आंखों में आंसू नहीं। अगर धर्म के खिलाफ आने वाला कोई रिश्तेदार भी हो, तो भी वह दुश्मन है, यह जानते हुए भी लड़ना तुम्हारा फर्ज है।

4.
यह भ्रम का जाल, यह दया का लबादा,
तुम्हारे सामने आ गया है।
यह तुम्हारी सफलता के जहाज़ के साथ धोखा है।
अपनी युद्ध कला को जगाओ, इस झूठे भ्रम को छोड़ दो।
आज अर्जुन, सच के लिए इस शरीर को चीरना होगा। 🕸�

मतलब:
यह दया ही भ्रम का जाल है जो तुम्हें सफलता से रोक रहा है। इस झूठे भ्रम को छोड़ो और सच की जीत के लिए खुद को लगा दो।

5.
हिम्मत से अपना फैसला लो। यहाँ रिश्ते काम नहीं आते,
यहाँ सिर्फ कर्म काम आता है।
पार्थ, जो युद्ध में डगमगाता है, वह सच्चा धर्म नहीं जानता।
उठो मेरे दोस्त, अब सिद्ध बनो, यह सारा डर छोड़ दो।
तरक्की सिर्फ तुम्हारी हिम्मत पर निर्भर करती है। 💪🦁🚩🏔�

मतलब:
युद्ध के मैदान में सिर्फ कर्म मायने रखते हैं, रिश्ते नहीं। जो युद्ध में डरता है, वह धर्म नहीं जानता। इसलिए डर को छोड़ो और तरक्की के लिए तैयार हो जाओ।

6.
अगर तुम इस संकट की छाया को दूर जाने का मौका दोगे,
तो दुश्मन और मज़बूत हो जाएगा।
अगर अधर्म जीत गया, तो सारी ताकत खत्म हो जाएगी।
अगर तुम सपने की तरह देखते रहोगे, तो समाज लाचार हो जाएगा।
तुम्हारे फ़र्ज़ का फल दुनिया के लिए एक निशानी होगा। ⚠️📉🌍🤝

मतलब:
अगर तुम अभी दया दिखाओगे, तो अन्याय जीत जाएगा और समाज लाचार हो जाएगा। तुम्हारा फ़र्ज़ सिर्फ़ तुम्हारे लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।

7.
अब अपने मन से पूछो, श्री कृष्ण का मुश्किल सवाल,
यह दया है या तुम्हारी माया?
बताओ अर्जुन, क्या बड़ा है, तुम्हारा रिश्ता या तुम्हारा कर्म?
आठ अक्षरों का मंत्र बोलो, अब बड़ा गांडीव उठाओ।
अन्याय के इस अंधेरे को चीर दो और मज़बूत होकर बाहर निकलो। 🙌🐚🚩🌻

मतलब:
श्री कृष्ण पूछते हैं, क्या यह आपकी दया है या सिर्फ़ एक भ्रम? आपका कर्म बड़ा है या आपका रिश्ता? अब समय आ गया है कि आप अपना गांडीव धनुष उठाएँ और अन्याय का नाश करें।

इमोजी समरी:
⚔️ (लड़ाई) • 🛑 (स्थिर) • 🧐 (सवाल) • 🎭 (भ्रम) • ⚖️ (न्याय) • 💪 (ताकत) • 🚩 (धर्म की जीत) • 🐚 (तुरही) • ✨ (जागृति)

⚔️🛑🏹🛡�🧐🤔👺🐍🔥💧⚔️⚖️🕸�
🚣�♂️🌊💪🦁🚩🏔�⚠️📉🌍🤝🙌🐚🚩🌻

--अतुल परब
--दिनांक-18.12.2025-गुरुवार.
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