🚩 टाइटल: विट्ठल चरणारविंद: पूरी तरह से सरेंडर का रास्ता 🚩🚩 (भक्ति) • 🙏 (नमस्

Started by Atul Kaviraje, December 24, 2025, 07:12:16 PM

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Atul Kaviraje

भगवान विट्ठल के प्रति समर्पण का मार्ग-
(The Path of Surrender to Lord Vitthal)
The path of dedication to Shri Vithoba and his devotees-

विट्ठल भक्ति सिर्फ़ एक रस्म नहीं है, यह विट्ठल के चरणों में खुद को पूरी तरह से सरेंडर करने का एक आसान, सरल और प्यारा तरीका है। वारकरी संप्रदाय का यही मूल इस कविता में दिखाया गया है।

🚩 टाइटल: विट्ठल चरणारविंद: पूरी तरह से सरेंडर का रास्ता 🚩

अहंकार का त्याग और इस शरीर के अहंकार को सरेंडर करके, मैं आपके दर पर आया हूँ,
विट्ठल, आपके नाम की मिठास सबसे पवित्र है।
मैं-पर मैं गायब हो गया हूँ, आपके छाया रूप को देखकर,
भक्ति के इस सागर में, ज्ञान का यह दीपक जल उठा है।

(मतलब: विट्ठल को सरेंडर करने के लिए, पहले मन में 'मैं' या अहंकार को छोड़ना होगा, तभी वह दिखाई देते हैं।) 🚩🙏🙇�♂️✨

नाम-स्मरण का आसान रास्ता कोई कर्मकांड-नियम नहीं है, न ही किसी तरह की खोज,
विट्ठल विट्ठल कहते हो, तो खुशियों की बौछार मिलती है।
दिल में, यह लगातार आपके नाम का जाप,
मैंने अपने सारे पुण्य और तपस्या आपके चरणों में अर्पित कर दी है।

(मतलब: विट्ठल को पाने का सबसे आसान तरीका नाम का जाप है, जिसके लिए किसी मुश्किल कर्मकांड की ज़रूरत नहीं है।) 📿🗣�💓🕯�

चंद्रभागा का स्नान और शुद्धिकरण चंद्रभागा का रेगिस्तान, अंदर नहाया हुआ,
मन की गंदगी धुल जाती है, नाम की आवाज़ सुनाई देती है।
पुंडलिक वरद हरि विट्ठल, सब भक्त दहाड़ें,
विट्ठल के प्रेम में, यह मन रक्त बन गया है।

(अर्थ: जब भक्त तन ही नहीं मन को भी पवित्र करके चंद्रभागा के चरणों में खड़ा होता है, तो वह विट्ठल के चरणों का पात्र बन जाता है।) 🌊🌊🚩🙌

भेद भुलाकर एकता, कोई तुम्हारे द्वार पर नहीं, बड़ा हो या छोटा,
भक्ति के इस रंग में, दुनिया की सुध-बुध खो जाती है।
विट्ठल हमारी मां हैं, हम उनके बच्चे हैं,
समर्पण के इस मार्ग पर, रिश्ता ही सत्य है।

(अर्थ: विट्ठल के चरणों में, सब बराबर हैं, गरीबी-अमीरी या जाति-पाति का कोई भेद नहीं।) 🤝👬🤱🌈

अपने काम में विट्ठल को देखने की दृष्टि प्याज, मूली, सब्जी, सिर्फ मेरी है,
अंधकार के इस रूप के लिए, भक्ति ताजा है।
हाथों से जो भी करो, चेहरे पर तुम्हारा नाम रहे,
दुनिया के इस काम में, अपनी खुशबू देखो।

(मतलब: अपने रोज़ के काम ईमानदारी से करना और उसमें भगवान को देखना, यही समर्पण का सच्चा रास्ता है।) 🥬🛠�🤲🕉�

वारी और अद्वैत पंढरी की पद वारी की यात्रा, यही समर्पण का त्योहार है,
विट्ठल से मिलने के लिए, ये मन व्याकुल है।
गले में तुलसी की माला, हाथों में ताल और वीणा,
भक्तों की इस मंडली में, विठु एक निशान बन गया है।

(मतलब: वारी अपनी खुशियों को त्यागकर भगवान के रास्ते पर चलकर की गई भक्ति की एक सामूहिक यात्रा है।) 👣🥁🎸🌻

पूरी तरह समर्पण और मुक्ति, अब मैं तुमसे कुछ नहीं मांगता, तुम ही मेरे सब कुछ हो,
मेरा पूरा जीवन तुम्हारे चरणों में टिका है।
अब सिर्फ़ तुम ही बचे हो,
सरेंडर की इस खुशी का कोई दूसरा मुकाबला नहीं है।

(मतलब: जब कोई भक्त पूरी तरह से भगवान के सामने सरेंडर कर देता है, तो उसे दुनिया में हर जगह भगवान दिखने लगते हैं और वह मुक्त हो जाता है।) 💎🧘�♂️🕊�🔱

🚩 इमोजी समरी
🚩 (भक्ति) • 🙏 (नमस्कार) • 📿 (नामस्मरण) • 🌊 (पवित्रता) • 🤝 (समानता) • 🛠� (कर्म योग) • 👣 (वारी) • 🥁 (नाद) • 🧘�♂️ (शांति) • 🔱 (मुक्ति)

--अतुल परब
--दिनांक-24.12.2025-बुधवार.
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