॥ स्वामी समर्थ की समानता: एकता का महामंत्र ॥🚩 🕉️ 💡 ✨🛡️ 🤝 👑 🏚️

Started by Atul Kaviraje, December 25, 2025, 08:36:25 PM

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Atul Kaviraje

श्री स्वामी समर्थ का समाज में एकता और शांति का संदेश-
(The Message of Unity and Peace in Society from Shri Swami Samarth)
Shri Swami Samarth and his message of unity in society-

अक्कलकोट के श्री स्वामी समर्थ की एक दिल को छू लेने वाली कविता और समाज में एकता, शांति और सबको साथ लेकर चलने का उनका संदेश:

॥ स्वामी समर्थ की समानता: एकता का महामंत्र ॥

स्वामी अक्कलकोट में प्रकट हुए, परब्रह्म के सच्चे रूप,
अज्ञान का नाश किया, ज्ञान का दीपक जलाया।
उनके लिए न कोई पराया था, न कोई खास,
उन्होंने सभी प्राणियों में चेतना का वास देखा।
🚩 🕉� 💡 ✨

मतलब: अक्कलकोट में प्रकट हुए स्वामी समर्थ, परब्रह्म के सच्चे रूप थे। उन्होंने समाज में अज्ञान को दूर करने के लिए ज्ञान का दीपक जलाया। उनके लिए कोई पराया नहीं था, क्योंकि वे जानते थे कि हर प्राणी में ईश्वर का अंश है।

"डरो मत, मैं तुम्हारे पीछे हूँ", यही आधार उन्होंने दिया,
उन्होंने जाति के बंधनों को पूरी तरह से खत्म कर दिया।
राजा हो या रंक, स्वामी के उस दरबार में,
इंसानियत की एक ही भाषा, पूरे क्षितिज पर गूंजती थी।
🛡� 🤝 👑 🏚�

मतलब: स्वामी ने सबको हिम्मत दी, यह कहकर कि, "डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ।" उन्होंने समाज में जाति-भेद की दीवारें तोड़ दीं। स्वामी के दरबार में, अमीर राजा और गरीब रंक दोनों को बराबर का बर्ताव और प्यार मिलता था।

धर्म के नाम पर, खेल मत खेलो,
भक्ति और कर्म का सुंदर मेल बनाओ।
तुम्हारे बीच प्यार हो, मन में शांति रखो,
स्वामी की इस सीख से समाज में क्रांति आएगी।
🚫 🎭 🧘�♂️ ☮️

मतलब: धर्म के नाम पर आपस में मत लड़ो, स्वामी ने यह संदेश दिया। अगर सच्ची भक्ति और अच्छे कर्म मिल जाएं और मन में शांति और प्यार बना रहे, तो समाज में सच में अच्छा बदलाव आएगा।

उन्होंने चोलप्पा की भावना देखी, सुंदर का प्यार देखा,
उन्होंने अपनी कृपा की छाया सब पर बिना रुके बनाए रखी।
पशु, पक्षी और पेड़, सबसे प्यार किया,
दुनिया का भला भगवान का ही था।
🐕 🌳 💞 🌎

मतलब: भगवान ने भक्त के सिर्फ अंदर के भाव देखे। उन्होंने सिर्फ इंसानों से ही नहीं, बल्कि प्रकृति और बेजुबान जानवरों से भी बराबर प्यार किया। उनके अवतार का मुख्य मकसद पूरी दुनिया का भला करना था।

अहंकार छोड़कर तुम विनम्र बनो,
तभी तुम जीवन में सफलता के शिखर पर पहुंचोगे।
भेदभाव की दीवार तोड़कर तुम एक हो जाओ,
भगवान के चरणों में समर्पित होकर तुम बहुत से आशीर्वाद पाओगे। 🏔� 🙌 🧱 🔨

मतलब: कामयाबी पाने के लिए मन से घमंड छोड़कर विनम्र बनना ज़रूरी है। जब समाज में भेदभाव की दीवार तोड़कर लोग एक साथ आएंगे, तभी उन्हें भगवान की सच्ची कृपा मिलेगी।

जो भी मठ में आता है, वह भगवान का हो जाता है,
इस बराबरी की यात्रा से आत्मा पवित्र हो जाती है।
एकता के इस मंत्र को मानो, नफरत मत करो,
स्वामी की इस सीख में एक खास खुशी छिपी है।
🕍 🌊 🤝 😊

मतलब: स्वामी के मठ में आने वाले हर इंसान को वह अपना मानते थे। अगर हम नफरत छोड़कर एकता से रहें, तो हमें ज़िंदगी में सच्ची खुशी मिलती है, यही स्वामी के दर्शन का मुख्य सार है।

अक्कलकोट का बरगद का पेड़, सब शांति से रहें,
स्वामी के प्रति यह भक्ति मन में हमेशा एक रोशनी बनी रहे।
आओ हम एकता और शांति का रास्ता थामे रहें,
स्वामी समर्थ के नाम से दुख का फंदा खत्म हो जाएगा।
🌳 🕯� 🙏 🚩

मतलब: जैसे बरगद का पेड़ सबको बराबर छाया देता है, वैसे ही स्वामी की कृपा भी सबके लिए है। अगर हम सब एकता और शांति का रास्ता अपनाएं, तो स्वामी के आशीर्वाद से सारे दुख दूर हो जाएंगे।

इमोजी समरी:
🚩 (स्वामी का झंडा) • 🕉� (आध्यात्मिकता) • 💡 (ज्ञान) • ✨ (दिव्यता) • 🛡� (सुरक्षा) • 🤝 (एकता/दोस्ती) • 👑 (राजा/धन) • 🏚� (गरीब/सादगी) • 🚫 (नकारात्मकता/अंधविश्वास विरोधी) • 🎭 (खेल/दिखावा) • 🧘�♂️ (शांति/ध्यान) • ☮️ (विश्व शांति) • 🐕 (पशु प्रेम) • 🌳 (केले का पेड़/छाया) • 💞 (प्रेम) • 🌎 (सार्वभौमिक कल्याण) • 🏔� (सफलता का शिखर) • 🙌 (विनम्रता) • 🧱 (दीवार/भेदभाव) • 🔨 (भेदभाव तोड़ना) • 🕍 (मठ/मंदिर) • 🌊 (पवित्र तीर्थ) • 😊 (आनंद) • 🕯� (नंददीप) • 🙏 (समर्पण)

--अतुल परब
--दिनांक-25.12.2025-गुरुवार.
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