💡🌍 Title: अहंकार और दुनिया को देखने का नज़रिया छोड़ना 🚀🙏🧠🤏🚫📈🧘‍♂️💖🤝🌊

Started by Atul Kaviraje, December 27, 2025, 08:27:12 PM

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Atul Kaviraje

स्वामी विवेकानंद के विचार-
Quote 19
जो दुनिया के लिए अपना छोटा सा 'मैं' छोड़ देता है, उसे पूरी दुनिया अपनी लगती है।

💡🌍 Title: अहंकार और दुनिया को देखने का नज़रिया छोड़ना 🚀

(स्वामी विवेकानंद सुविचार: जो दुनिया के लिए अपना छोटा सा 'मैं' छोड़ देता है, उसे पूरी दुनिया अपनी लगती है।)

📜  कविता

Title: अहंकार और दुनिया से प्यार छोड़ना 🤝

(स्वामी विवेकानंद सुविचार: जो दुनिया के लिए अपना छोटा सा 'मैं' छोड़ देता है, उसे पूरी दुनिया अपनी लगती है।)

1. स्वामी के शब्द

स्वामी के शब्द सच हैं, ज़िंदगी का राज़ मंत्र हैं,
जो अहंकार छोड़ देता है, वह मतलबीपन की टेक्निक तोड़ देता है।
जब वह छोटा सा मतलबीपन छोड़ देता है,
तो पूरी दुनिया उसे अपनी लगती है! 🙏🧠🤏🚫

मतलब: स्वामी की यह बात ज़िंदगी का एक गहरा सच और मंत्र है। जो इंसान मतलबीपन और अहंकार छोड़ देता है। जब वह अपना छोटा-मोटा मतलब छोड़कर दुनिया के लिए काम करता है, तो उसे पूरी दुनिया अपनी लगती है।

2. मैं और मेरा बंधन

यह मेरा और मेरा का बंधन, झिझक की गांठ असली है,
बढ़ना ही ज़िंदगी है, यह कला सीखना अच्छा है।
यह सेवा का भाव महान है, यह निस्वार्थ कर्म योग है,
इंसानियत के प्यार में कोई दुख या बीमारी नहीं होती! 📈🧘�♂️💖🤝

मतलब: 'मैं' और 'मेरा' का बंधन झिझक की गांठ है। बढ़ना ही ज़िंदगी है, हमें यह कला सीखनी चाहिए। सेवा का भाव सबसे बड़ा धर्म है, जो निस्वार्थ कर्म योग से साबित होता है। इंसानियत के प्यार में कोई बीमारी या दुख नहीं होता।

3. भक्त और ब्रह्मांड

जैसे नदी तेज़ी से सागर से मिलने जाती है,
वैसे ही भक्त प्यार के धागे से ब्रह्मांड से जुड़ता है।
वसुदेव कुटुंबकम, इस सच को खास तौर पर महसूस करें,
जब आत्मा का, ब्रह्मांड का प्रकाश सांस लेता है! 🌊🌌💡💖

मतलब: जैसे नदी तेज़ी से सागर से मिलने जाती है, वैसे ही भक्त प्यार के धागे से ब्रह्मांड से जुड़ता है। 'वसुधैव कुटुंबकम' वह सच है जिसे तभी महसूस किया जा सकता है जब आत्मा का प्रकाश पूरे ब्रह्मांड में फैल जाए।

4. पूरा ब्रह्मांड और दया

पूरा ब्रह्मांड उसका है, जो सबके लिए जिया,
त्याग का यह मूल्य महान है, प्रभु ने हमें दिया!
उसका नाम अमर रहे, उसकी कीर्ति अटूट रहे,
जिसके दिल में दया है, वही सबसे ऊंचा है! 👑🌎🌟❤️

मतलब: जो इंसान सबके लिए जीता है, यह पूरी कायनात उसी की है। भगवान ने हमें त्याग की यह बड़ी कीमत दी है। उसका नाम अमर है और उसकी कीर्ति हमेशा रहती है। जिसके दिल में दया है, वही सबसे बड़ा और सबसे ऊँचा है।

5. लालच और स्वार्थ

लालच की आसक्ति, छोटे-मोटे स्वार्थ की गंध छोड़ दो,
उठो और जागो, जानने वाली आत्मा की साँस।
लगन से अपनी शक्ति और ताकत बढ़ाओ,
कायनात की शक्ति तुम्हारे पीछे है, बड़ा लक्ष्य हासिल करो! 🚫😴💪🚀

मतलब: लालच और छोटे-मोटे स्वार्थ की गंध छोड़ दो। उठो और जागो, अपनी आत्मा की शक्ति को पहचानो। लगन से अपनी शक्ति और ताकत बढ़ाओ। कायनात की शक्ति तुम्हारे साथ खड़ी रहेगी और तुम्हें बड़े लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगी।

6. योग करना

योग करने का यह आसान और सीधा तरीका है,
सत्य और धर्म के साथ, स्वर्ग के पहाड़ों पर अपनी ज़िंदगी बनाओ!
तुम्हारा कर्म ही रोशनी है, सेवा में प्यार को चमकने दो,
तुम ब्रह्मांड के मालिक हो, तुम्हारा अहंकार चला गया! 🧘�♂️📜💖👑

मतलब: योग करने का यह आसान और सीधा तरीका है। सत्य और धर्म के रास्ते पर चलकर अपनी ज़िंदगी को स्वर्ग जैसा बनाओ। अपने कर्म को चमकने दो और सेवा में सच्चे प्यार को चमकने दो। तुम ब्रह्मांड के मालिक हो, तो तुम्हारा अहंकार चला जाना चाहिए।

7. संकल्प

आइए आज संकल्प लें, स्वार्थ की हदें तोड़ें,
ब्रह्मांड की भलाई के लिए, आइए प्रेम के झरने छोड़ें।
यही जीवन का आदर्श तरीका है, यही विवेक का रास्ता है,
स्वार्थ छोड़कर दुनिया को छोड़ दें, यही परम शांति है! 🤝💡✨🕊�

मतलब: आज, आइए हम स्वार्थ की सीमाओं को तोड़ने का संकल्प लें। पूरी दुनिया की भलाई के लिए प्यार के झरने बहने दें। यही जीवन का आदर्श तरीका है और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं हैं। अगर हम स्वार्थ छोड़ दें, तो पूरी दुनिया हमारी हो जाती है, और यही परम शांति है।

🎉 इमोजी समरी - कविता
🙏🧠🤏🚫📈🧘�♂️💖🤝🌊🌌💡👑🌎🌟❤️🚫😴💪🚀📜🕊�

--अतुल परब
--दिनांक-15.12.2025-सोमवार.
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