॥ दबे-कुचले लोगों की कायरी: स्वामी विवेकानंद का खुद से इंटरव्यू ॥🚫🗣️🛡️🚩🍲🤝❤

Started by Atul Kaviraje, December 27, 2025, 08:43:00 PM

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Atul Kaviraje

स्वामी विवेकानंद के कोट्स-
कोट 22
मुझे परवाह नहीं कि वे क्या कहते हैं। मैं अपने भगवान, अपने धर्म, अपने देश और सबसे बढ़कर, खुद से, एक गरीब भिखारी से प्यार करता हूँ। मैं गरीबों, अनजान लोगों, दबे-कुचले लोगों से प्यार करता हूँ, मैं उनके लिए महसूस करता हूँ -- भगवान जानते हैं कितना। वह मुझे रास्ता दिखाएंगे।

यह खास आर्टिकल और कविता स्वामी विवेकानंद की गहरी देशभक्ति और दबे-कुचले लोगों के लिए बहुत दया दिखाती है।

॥ दबे-कुचले लोगों की कायरी: स्वामी विवेकानंद का खुद से इंटरव्यू ॥

स्वामीजी कहते हैं: "मुझे परवाह नहीं कि लोग क्या कहते हैं। मैं अपने भगवान, अपने धर्म, अपने देश से प्यार करता हूँ... मैं गरीबों, अनजान लोगों और दबे-कुचले लोगों से प्यार करता हूँ। सिर्फ भगवान जानते हैं कि मैं उनके बारे में क्या महसूस करता हूँ। वह मुझे रास्ता दिखाएंगे।"

1. लोगों की बुराई की परवाह न करना
कॉन्फिडेंस: अगर लक्ष्य तय है, तो लोगों की बुराई को नज़रअंदाज़ कर देना चाहिए।

निडरता: सच्चाई के रास्ते पर चलते हुए किसी से डरने की ज़रूरत नहीं है।

लक्ष्य से भटकना नहीं: आलोचना करने वालों के बजाय अपने फ़र्ज़ पर ध्यान देना। 🚫 बेकार की आलोचना 🛡�🦁🔥

2. भगवान की भक्ति का सार
अटूट विश्वास: भगवान के लिए प्यार सिर्फ़ बातों में नहीं, बल्कि काम में होना चाहिए।

प्यार का स्वभाव: भगवान प्यार का रूप हैं और उनकी सेवा ही प्यार है।

एहसास: खुद में और दुनिया में भगवान के होने को मानना। 🕯�🙏🕉�✨

3. अपने धर्म पर सही गर्व
सांस्कृतिक विरासत: अपने धर्म के अच्छे उसूलों पर गर्व करना।

सभी धर्मों में बराबरी: अपने धर्म से प्यार करते हुए दूसरों के धर्म की इज़्ज़त करना।

धर्म का आचरण: धर्म सिर्फ़ खोखले रीति-रिवाज़ नहीं, बल्कि अच्छा आचरण है। 🚩📖🧡🙌

4. गहरी देशभक्ति
मातृभूमि से प्यार: भारत को अपनी माँ मानना ��और उसके उद्धार के लिए कोशिश करना।

देश की सेवा: यह जानना कि देश का हर नागरिक अपना भाई है।

त्याग: देश की भलाई के लिए अपनी खुशी कुर्बान करने को तैयार रहना। 🇮🇳🌍💪❤️

5. गरीबों के लिए बहुत दया
दारिद्री नारायण: गरीबों में भगवान देखना स्वामीजी की मुख्य शिक्षा है।

मददगार: सिर्फ़ उपदेश दिए बिना उन्हें आर्थिक और सामाजिक मदद देना।

दुख दूर करना: जिसका दिल दूसरों का दुख देखकर पिघल जाए, वही सच्चा महात्मा है। 🍲🤝🩹🏘�

6. अज्ञानता के अंधेरे को दूर करना
शिक्षा: स्वामीजी जानते थे कि गरीबी और गुलामी अज्ञानता की वजह से होती है।

ज्ञान: समाज के सबसे निचले तबके को शिक्षा देना।

जागरूकता: आम आदमी को उसके अधिकार और ताकत का एहसास कराना। 📚💡🕯�🧠

7. दबे-कुचले लोगों का उत्थान
समानता: जाति-पाति के भेदभाव को भुलाकर सभी को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देना।

आत्म-सम्मान: समाज से तिरस्कृत लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करना।

सामाजिक बदलाव: पुरानी और दमनकारी परंपराओं को छोड़कर एक नया समाज बनाना। ⚖️⛓️🚫🌈

8. 'बेचारा भिक्षु' - स्वामीजी की विनम्रता
अहंकारहीनता: इतना बड़ा काम करने के बावजूद खुद को 'बेचारा भिक्षु' मानना।

वैराग्य: भौतिक सुखों का मोह छोड़कर संन्यासी जैसा रवैया अपनाना।

विनम्रता: भगवान के सामने खुद को छोटा मानना। 🧘�♂️🧡🍚👣

9. ईश्वरीय मार्गदर्शन में विश्वास
ईश्वरीय संकेत: जब सभी रास्ते बंद हो जाते हैं, तो ईश्वर रास्ता दिखाते हैं।

अंदर की आवाज़: हमारे मन की शुद्ध इच्छाशक्ति ईश्वर तक पहुँचती है।

सत्य की जीत: यह अटूट विश्वास है कि अच्छे कामों में ईश्वर हमेशा हमारे पीछे होते हैं। 🛤�🌟🛐🕊�

10. आखिरी संदेश: सेवा का संकल्प
कलकल: समाज के लिए कुछ करने की प्रबल इच्छा रखना।

संकल्प: गरीबों की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करना।

रास्ता मिल जाएगा: अगर आप निस्वार्थ भावना से काम करेंगे, तो रास्ता अपने आप मिल जाएगा। 🌅🏁🚩🌻

बेकार की आलोचना🛡�🦁🔥🕯�🙏🕉�✨🚩📖🧡🙌🇮🇳🌍💪❤️🍲🤝🩹🏘�📚💡🕯�🧠⚖️⛓️🚫🌈🧘�♂️🧡🍚👣🛤�🌟🛐🕊�🌅🏁🚩🌻

🚫🗣�🛡�🚩🍲🤝❤️🩹🧘�♂️🧡👣🍚🛤�🌟🙏✨📚💡📈⚖️🇮🇳🔥🙌💓🌅🚩👣🌻

--संकलन
--अतुल परब
--दिनांक-18.12.2025-गुरुवार.
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