दबे-कुचले लोगों की सेवा-🚫🗣️🛡️🚩🍲🤝❤️🩹🧘‍♂️🧡👣🍚🛤️🌟🙏✨📚💡📈⚖️🇮🇳🔥🙌💓

Started by Atul Kaviraje, December 27, 2025, 08:45:45 PM

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Atul Kaviraje

स्वामी विवेकानंद के विचार-
कोट 22
मुझे परवाह नहीं कि वे क्या कहते हैं। मैं अपने भगवान, अपने धर्म, अपने देश और सबसे बढ़कर, खुद से, एक गरीब भिखारी से प्यार करता हूँ। मैं गरीबों, अनजान लोगों, दबे-कुचले लोगों से प्यार करता हूँ, मैं उनके लिए महसूस करता हूँ -- भगवान जानते हैं कितना। वह मुझे रास्ता दिखाएंगे।

यह खास आर्टिकल और कविता स्वामी विवेकानंद की गहरी देशभक्ति और दबे-कुचले लोगों के लिए बहुत दया दिखाती है।

॥ दबे-कुचले लोगों की कायरी: स्वामी विवेकानंद का आत्म संवाद ॥

स्वामीजी कहते हैं: "मुझे परवाह नहीं कि लोग क्या कहते हैं। मैं अपने भगवान, अपने धर्म, अपने देश से प्यार करता हूँ... मैं गरीबों, अनजान लोगों और दबे-कुचले लोगों से प्यार करता हूँ। सिर्फ भगवान जानते हैं कि मैं उनके लिए कैसा महसूस करता हूँ। वह मुझे रास्ता दिखाएंगे।"

॥कविता: दबे-कुचले लोगों की सेवा ॥

1. लोक-बदनामी का डर नहीं
लाइन-1: लोक-बदनामी का डर नहीं, लोग कुछ भी कहें, सच्चाई का यह रास्ता कभी मत छोड़ना।
लाइन-2: भगवान से प्यार, धर्म में आस्था, यही मेरी देशभक्ति की कहानी है।
लाइन-3: बुराई करने वालों की बातों से मत बहो, देश की भलाई के लिए यह जीवन समर्पित है।
लाइन-4: स्वामीजी की बातों में इतना ज़ोर है, सच्चाई की यह जीत सबसे बड़ी है। 🚫🗣�🛡�🚩

मतलब: स्वामीजी कहते हैं कि मुझे परवाह नहीं कि लोग क्या कहते हैं। मेरी वफ़ादारी मेरे भगवान, धर्म और देश के प्रति है।

2. गरीबों और अज्ञानियों की सेवा
लाइन-1: गरीबों और अज्ञानियों की सेवा, यही मेरे भगवान हैं, उनकी सेवा में मेरा भरोसा है।
लाइन-2: दबे-कुचले लोगों का दुख देखकर मेरा दिल खुशी से भर जाता है, उनके उद्धार के लिए यही मेरा पल है।
लाइन-3: मंदिरों में पूजा नहीं, लोगों में असली पूजा, गरीबों में भगवान का रूप दिखना चाहिए।

लाइन-4: जिनके पास खाने को नहीं है, उन्हें सहारा देना चाहिए, यही विवेकानंद का सच्चा विचार है। 🍲🤝❤️🩹

मतलब: गरीबों से प्यार करना और उनके अज्ञान के अंधेरे को दूर करना, यही सच्ची भक्ति है। भगवान उनकी तड़प को जानते हैं।

3. मैं एक गरीब भिखारी हूँ

लाइन-1: मैं एक गरीब भिखारी हूँ, मुझे किसी बात का घमंड नहीं है, मैं बस एक भिखारी हूँ, मैं हमेशा स्वामी के चरणों में सिर झुकाता हूँ।

लाइन-2: मैं खुद को एक विनम्र इंसान मानता हूँ, मैं दिन-रात भगवान के काम में लगा रहता हूँ।

लाइन-3: जितनी बड़ी ताकत, उतनी बड़ी विनम्रता, स्वामीजी की यह कहानी यही सिखाती है।

लाइन-4: अहंकार का त्याग ही तरक्की की नींव है, माया हमेशा गरीबों पर बनी रहे। 🧘�♂️🧡👣🍚

मतलब: स्वामीजी ने खुद को 'गरीब भिखारी' मानकर अपनी विनम्रता दिखाई है। गरीबों के लिए उनका प्यार शब्दों से परे है।

4. भगवान रास्ता दिखाएंगे
लाइन-1: भगवान इस अंधेरे रास्ते पर रास्ता दिखाएंगे, वे दिशा दिखाएंगे, वे हमें ताकत देंगे, वे इस निराशा को खत्म करेंगे।
लाइन-2: यह सफर भगवान के मार्गदर्शन से चलता है, सच्चाई के इस रास्ते के लिए यह जुनून हमारा है।
लाइन-3: जब यह शरीर थक जाएगा, तो वे हमें सहारा देंगे, वे मुश्किलों के तूफान को पार करेंगे।
लाइन-4: भगवान पर भरोसा है, वे रास्ता दिखाएंगे, यह संकल्प हमें सफलता की ओर ले जाएगा। 🛤�🌟🙏✨

मतलब: जब हम बिना किसी स्वार्थ के काम करते हैं, तो भगवान खुद हमें सही रास्ता दिखाते हैं। वे हमारे सपोर्टर हैं।

5. अज्ञानता को खत्म करने का संकल्प
लाइन-1: अज्ञानता के अंधेरे में, आओ ज्ञान का यह दीया जलाएं, आओ दबे-कुचले लोगों को तरक्की की राह पर ले जाएं।
लाइन-2: उन्हें शिक्षा का हथियार देकर, आओ उन्हें मजबूत बनाएं, आओ इंसानी ज़िंदगी की कीमत बढ़ाएं।
लाइन-3: दबे-कुचले लोगों की ज़िंदगी में एक नया सवेरा आएगा, स्वामीजी के विचारों से यह रास्ता रोशन होगा।
लाइन-4: हम भेदभाव की दीवारें तोड़ेंगे, आओ एकता का यह मंत्र पूरी दुनिया में गाएं। 📚💡📈⚖️

मतलब: समाज के दबे-कुचले वर्ग को शिक्षा और ज्ञान के ज़रिए ऊपर उठाना, यही स्वामीजी का मुख्य मकसद था।

6. अंदर की यह चाहत
लाइन-1: अंदर की यह चाहत दिल में एक आग है, समाज की भलाई के लिए, सेवा और त्याग के इस महान गीत के लिए।
लाइन-2: यह भ्रम कितना है, भगवान ही जाने, भक्तों की इस पुकार को वही कद्र करते हैं।
लाइन-3: हर भारतीय, सम्मान हमारा है, गरीबी का यह दाग, इसे मिटाना हमारा धर्म है।
लाइन-4: मातृभूमि के चरणों में, यह भक्ति अर्पित है, यह शक्ति स्वामीजी के वचनों से मिलती है। 🇮🇳🔥🙌💓

मतलब: समाज के लिए अंदर की तड़प और गरीबों के लिए हमदर्दी, यही स्वामीजी के जीवन का सार था।

7. सेवा का सार्थक जीवन
लाइन-1: सेवा का सार्थक जीवन प्रेम और करुणा का है, यही महामंत्र है, यही खुशहाल समाज बनाने की दिव्य तकनीक है।
लाइन-2: स्वामी विवेकानंद कहते हैं, उठो और जागो, लक्ष्य तक पहुँचने तक कभी मत रुको।
लाइन-3: गरीबों और दबे-कुचले लोगों की सेवा, यही जीवन का मतलब है, यही स्वामीजी के विचार हैं, समाज के मार्गदर्शक हैं।
लाइन-4: आओ ��इस रास्ते पर चलें, एक दूसरे का हाथ थामे, दुनिया की भलाई के लिए, आओ एक नई शुरुआत करें। 🌅🚩👣🌻

मतलब: आखिर में, उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंज़िल तक न पहुँच जाओ। गरीबों की सेवा ही जीवन का आखिरी लक्ष्य है।

इमोजी समरी:
🚫 (परवाह मत करो) • 🇮🇳 (देशभक्ति) • 🧘�♂️ (विनम्रता) • 🍲 (मदद) • 🤝 (सेवा) • 📚 (ज्ञान) • 🌟 (मार्गदर्शन) • 🧡 (विवेकानंद) • 🏁 (लक्ष्य)
🚫🗣�🛡�🚩🍲🤝❤️🩹🧘�♂️🧡👣🍚🛤�🌟🙏✨📚💡📈⚖️🇮🇳🔥🙌💓🌅🚩👣🌻

--अतुल परब
--दिनांक-18.12.2025-गुरुवार.
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