"सच्चा पढ़ा-लिखा वो, जो गरीबों के आंसू पोंछता है"🎓💔🤝💡🚩🌍🙏🤝🇮🇳💖✨🤝🇮🇳💖

Started by Atul Kaviraje, December 27, 2025, 08:50:23 PM

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Atul Kaviraje

स्वामी विवेकानंद के विचार-
कोट 23
जिनके पास बहुत पैसा और रुतबा है, उनके लिए दुनिया को ऐसे ही चलने देना ठीक है, लेकिन मैं उसे देशद्रोही कहता हूँ जो लाखों गरीब मेहनतकशों के दिल के खून से पढ़ा-लिखा और ऐशो-आराम में पला-बढ़ा है, फिर भी कभी उनके बारे में सोचता तक नहीं।

स्वामी विवेकानंद के ये विचार सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि पढ़े-लिखे समाज और युवाओं के लिए एक नैतिक चेतावनी है। उन्होंने यह मज़बूत विचार सामने रखा है कि अगर गरीबों के खून से कमाई गई शिक्षा समाज के काम न आए, तो वह शिक्षा बेकार है।

॥ स्वामी विवेकानंद: सामाजिक कृतज्ञता और शिक्षा की सच्ची ज़िम्मेदारी ॥

॥ शिक्षा का कर्ज़: स्वामी का संदेश ॥

टाइटल: "सच्चा पढ़ा-लिखा वो, जो गरीबों के आंसू पोंछता है"

1. गरीबों के उस पसीने पर
लाइन-1: गरीबों के उस पसीने पर तुम्हारे महल खड़े हुए, लाखों लोगों की मेहनत से तुम्हारी पढ़ाई पूरी हुई।
लाइन-2: जिनके खून पर आज तुम ये ऐशो-आराम की ज़िंदगी जीते हो, बताओ आज उन गरीब और कमज़ोर लोगों को क्यों भूल जाते हो?

मतलब: हमारी कामयाबी और शोहरत गरीबों की मुश्किलों पर टिकी है, उन्हें भूलना गलत है। 🏚�🛠�🎓💸🏚�🛠�🎓💸

2. तुम पढ़ाई-लिखाई के साथ बड़े हुए
लाइन-1: तुम पढ़ाई-लिखाई के साथ बड़े हुए, ये डिग्रियों का ढेर तुम्हारा है, लेकिन अगर तुम्हें समाज की कोई जानकारी नहीं है, तो तुम्हारी समझ बेकार है।
लाइन-2: विवेकानंद उसे कहते हैं, असली गद्दार वो है जिसने कभी गरीबों के दुख का सोर्स नहीं देखा।

मतलब: एक पढ़ा-लिखा इंसान जिसे समाज की कोई जानकारी नहीं है, वो सही मायने में गद्दार है। 🚫👤📜🧠🚫👤📜🧠

3. ये पैसा और पावर
लाइन-1: ये पैसा और पावर, तुम इतने क्यों एक्साइटेड हो? तुम गरीबों की इस दुनिया से मोटे क्यों नहीं हो जाते?
लाइन-2: दुनिया के पहिए घूमते हैं, इस दौलत के दिमाग में, पर इंसानियत खो जाती है, तुम्हारी इस अमीर दुनिया में।
मतलब: पावर के घमंड में इंसानियत मत भूलो, गरीबों के बारे में भी सोचो। 💰❌🤝🌍💰❌🤝🌍

4. अज्ञान के अंधेरे में
लाइन-1: अज्ञान के अंधेरे में, गरीब फंसा हुआ है, उसे ज्ञान का प्रकाश देना, यही तुम्हारा कर्तव्य है, संजीवन।
लाइन-2: तुम्हें शिक्षा मिली, क्योंकि समाज ने तुम्हारा साथ दिया, जब मदद करने का समय आया, तो तुम्हारा अभिमान क्यों कम हो गया?
मतलब: हमने समाज की मदद से सीखा, अब हमारा समय है समाज की मदद करने का। 💡🕯�🤲❓💡🕯�🤲❓

5. नर सेवा ही नारायण सेवा है
लाइन-1: नर सेवा ही नारायण सेवा है, यह मंत्र रखो, हर पीड़ित इंसान में, तुम्हें अपना भगवान दिखना चाहिए। लाइन-2: जानवर भी अपना पेट भरकर अपनी ज़िंदगी जीते हैं, जो हमेशा दूसरों की भलाई चाहता है, वही सच्चा इंसान बनता है।
मतलब: दूसरों की सेवा करना ही भगवान की सच्ची पूजा है, स्वार्थ से परे जाओ। 🙏🧡✨🤲🙏🧡✨🤲

6. उठो और अब जागो
लाइन-1: उठो और अब जागो, युवाओं की यही पुकार है, गरीबों की इस पुकार पर, अपना जवाब दो।
लाइन-2: ये देश की रीढ़ है, मेहनती मज़दूर, इनका शुक्रगुज़ार होकर, संकट पर वार करो।

मतलब: युवाओं को गरीबों की भलाई और देश के विकास के लिए पहल करनी चाहिए। 🚩📣🔥💪🚩📣🔥💪

7. वो गद्दार है
लाइन-1: गद्दार वो है जो समाज का कर्ज़ भूल गया है, जो हमेशा के लिए स्वार्थ के इस अंधे गड्ढे में समा गया है।
लाइन-2: विवेकानंद का ये विचार, तुम अपने दिल में बसा लो, इंसान बनकर जीते हुए, समाज को कुछ दो।
मतलब: एहसान मानना ��सबसे बड़ा फ़र्ज़ है, समाज का कर्ज़ चुकाओ। 🤝🇮🇳💖✨🤝🇮🇳💖✨

कविता की समरी इमोजी: 🎓💔🤝💡🚩🌍🙏

--अतुल परब
--दिनांक-19.12.2025-शुक्रवार.
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