शिव-शक्ति संगम: तंत्र साधना और आध्यात्मिक साधना-🦁 💪 🤝 🏠 ✨👁️ 🧘‍♀️ 🤫 🌊 💎

Started by Atul Kaviraje, December 29, 2025, 09:58:47 PM

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Atul Kaviraje

शिव पूजा में शक्ति अभ्यास और तंत्र
(शिव पूजा में शक्ति प्रथाएं और तंत्र)
(शिव पूजा में शक्ति साधना और तंत्र)
(Shakti Practices and Tantra in Shiva Worship)
Shiva'S Shakta Sadhana and Tantra-

यहाँ एक डिटेल में आर्टिकल और कविता है जो शिव और शक्ति के अद्वैत सिद्धांत पर रोशनी डालती है, जो तंत्र साधना और पूजा के अद्वैत सिद्धांत पर आधारित है।

शिव-शक्ति संगम: तंत्र साधना और आध्यात्मिक साधना-

शिव और शक्ति एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। शिव 'स्थिति' सिद्धांत हैं जबकि शक्ति 'गति' सिद्धांत है। तंत्र शास्त्र के अनुसार, शिव के बिना शक्ति बेबुनियाद है और शक्ति के बिना शिव 'लाश' के समान हैं।

1. शिव-शक्ति अद्वैत सिद्धांत
अर्धनारीश्वर स्वरूप: यह रूप दिखाता है कि पुरुष और प्रकृति एक दूसरे से अलग नहीं हैं। सृष्टि के निर्माण के लिए दोनों सिद्धांतों का बैलेंस ज़रूरी है।

चेतना और ऊर्जा: शिव शुद्ध चेतना हैं, जबकि शक्ति उस चेतना की अभिव्यक्ति या ऊर्जा है।

विलय: अभ्यास का आखिरी चरण अपने अंदर शिव और शक्ति सिद्धांतों का मिलन करना है। 🕉� 🔱 ☯️ ✨ 🧘�♂️

2. तंत्र साधना का मूल आधार
आगम शास्त्र: तंत्र की रचना शिव और पार्वती के बीच बातचीत से हुई, जिसे 'आगम' कहते हैं।

शरीर का मंदिर कॉन्सेप्ट: तंत्र के अनुसार, इंसान का शरीर ब्रह्मांड का एक छोटा रूप है। ब्रह्मांड ही शरीर है।

पंचमकार साधना: इस साधना का इस्तेमाल एक खास लेवल पर इंद्रियों पर कंट्रोल पाने के लिए सिंबॉलिक तौर पर किया जाता है। 💀 📜 🧘�♀️ 🕯� 🌀

3. कुंडलिनी शक्ति और छह चक्र पियर्सिंग
मूलाधार से सहस्रार तक: कुंडलिनी शक्ति, जो इंसान की रीढ़ की हड्डी के नीचे सोई हुई रहती है, वह 'शक्ति' है, जिसे सिर के ऊपर 'शिव' तत्व तक पहुंचाना होता है।

नाड़ी शुद्धि: इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना नाड़ियों के शुद्धिकरण से एनर्जी का सफ़र आसान होता है।

पारलौकिक अनुभव: जब शक्ति शिव को दी जाती है, तो साधक को आनंद का अनुभव होता है। 🐍 ☸️ 🔥 💎 🌌

4. मंत्र शक्ति और ध्वनि विज्ञान
बीज मंत्र: 'ह्रीं', 'क्लीं', 'सौ:' जैसे बीज मंत्रों का इस्तेमाल करके शक्ति को जगाया जाता है।

पांच अक्षरों वाला मंत्र: 'नम: शिवाय' शिव के पांच तत्वों (पृथ्वी, आप, तेज, वायु, आकाश) को दिखाता है।

मंत्र का वाइब्रेशन: शरीर में सेल्स की एनर्जी साउंड वेव के ज़रिए बदल जाती है। 📿 🗣� 🔊 🕉� ⚡

5. यंत्र साधना और जियोमेट्रिक एनर्जी
श्री चक्र और शिव यंत्र: कॉस्मिक एनर्जी को खास जियोमेट्रिक शेप के ज़रिए एक जगह पर इकट्ठा किया जाता है।

बिंदु और त्रिभुज: यंत्र में डॉट शिव को दिखाता है, जबकि त्रिभुज शक्ति की एनर्जी को दिखाता है।

एनर्जी सेंटर: घर या मंदिर में यंत्र लगाने से माहौल में पॉजिटिविटी आती है। 📐 🔱 💠 🏛� 🧿

6. शक्ति साधना में 'न्यास' की रस्म
अंग न्यास: शरीर के अलग-अलग हिस्सों को छूकर देवता को वहां स्थापित करना।

कार न्यास: हाथ की उंगलियों में मंत्रों की शक्ति जमा करना।

शुद्धिकरण: साधना से पहले शरीर और मन को शुद्ध करने में न्यास बहुत असरदार माने जाते हैं। ✋ ✨ 🧘�♂️ 🚿 🔱

7. भक्ति और तांत्रिक अनुष्ठानों में बैलेंस बनाना
सात्विक साधना: सिर्फ़ मंत्रों और प्रार्थनाओं से शक्ति की पूजा करना।

बलि का कॉन्सेप्ट: तंत्र में, 'पशु' बलि का मतलब जानवरों को मारना नहीं है, बल्कि खुद में वासना, क्रोध, लालच जैसी पाशविक आदतों को छोड़ना है।

सरेंडर: शिव को गुरु मानना ��और पूरी तरह सरेंडर कर देना। 🙏 🧡 ⚔️ 🚫 🕉�

8. दशमहाविद्या और शिव
शक्ति के दस रूप: काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी वगैरह दस महाविद्याएँ अलग-अलग रूपों में शिव का साथ देती हैं।

समय पर जीत: महाकाल (शिव) और महाकाली (शीता) मिलकर समय से आगे जाने का रास्ता दिखाते हैं।

विनाश और सृजन: यह पुराने को खत्म करने और नया बनाने की शक्ति है। 🌑 🗡� 🎨 🔱 🌀

9. मुद्रा और ध्यान
शांभवी मुद्रा: शिव पर ध्यान में आँखें टिकाकर रखना।

खेचरी मुद्रा: अंदर के अमृत का स्वाद लेने के लिए की जाने वाली एक एडवांस्ड मुद्रा।

स्थिरता: बाहरी दुनिया से अलग होकर अंदर की शक्ति की खोज करना। 👁� 🧘�♀️ 🤫 🌊 💎

10. रोज़मर्रा की ज़िंदगी में शक्ति-शिव की प्रैक्टिस
अनुशासन और धैर्य: शिव की तरह शांत रहना और शक्ति की तरह काम करना।

पुरुषों और महिलाओं का सम्मान: घर की महिला को शक्ति का रूप मानकर उसका सम्मान करना।

निडरता: तंत्र की प्रैक्टिस डर खत्म करने के लिए नहीं बल्कि मौत के डर को दूर करने के लिए है। 🦁 💪 🤝 🏠 ✨

--संकलन
--अतुल परब
--दिनांक-29.12.2025-सोमवार. 
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