आनंदमूर्ती जन्मोत्सव-रत्नागिरी-🎉❤️💯🏆🎯🌱💖🤝📿🙏🌊🛡️

Started by Atul Kaviraje, December 29, 2025, 10:36:11 PM

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Atul Kaviraje

आनंदमूर्ती जन्मोत्सव-रत्नागिरी-

शनिवार, 13 दिसंबर, 2025 के शुभ अवसर पर रत्नागिरी में होने वाले आनंदमूर्ति के जन्मोत्सव पर आधारित भक्ति, रसीली  कविता

कड़वा 1:

रत्नागिरी की धरती पर आज का दिन बहुत पवित्र है,
आनंदमूर्ति का जन्म चेतना का स्रोत है;
भक्ति का प्रकाश चारों दिशाओं में फैल गया है,
हम कितने भाग्यशाली हैं सद्गुरु के इस जन्म के लिए।

मतलब: आज रत्नागिरी की धरती पर बहुत पवित्र दिन है। आनंदमूर्ति का जन्म चेतना का स्रोत है। प्रकाश चारों दिशाओं में फैल गया है और भक्ति का प्रकाश दिखाई दे रहा है। हम कितने भाग्यशाली हैं सद्गुरु के इस जन्म के लिए।

इमोजी समरी: ✨🙏🚩😊

कड़वा 2:

आनंद मूर्ति का रूप है, ज्ञान और प्रेम गहरा है,
आपकी कृपा से, भक्तों का जीवन पवित्र है;
मन में कोमल शांति, होठों पर नाम,
आपके दर्शन की आस से, मन कैसे वासना से भर जाता है.

अर्थ: आनंद रूपी मूर्ति, आपका ज्ञान और प्रेम बहुत गहरा है. आपकी कृपा से भक्तों का जीवन पवित्र हो जाता है. मन में निर्मल शांति और होठों पर आपका नाम. आपके दर्शन की आस से मन कैसे व्याकुल हो जाता है.

इमोजी समरी: 💖💡🧘�♂️🎶

कड़वे 3:

जन्मदिन का मेला आज फिर शुरू हो गया है,
भजन, कीर्तन, प्रवचन, भजन, कीर्तन, प्रवचन का यह सुंदर गुनाह जारी रहा है;
भक्तों के आनंद की, आज कोई सीमा नहीं है,
सद्गुरु के इस उत्सव में, जीवन की यात्रा शामिल हो गई है.

अर्थ: बड़ा जन्मदिन का मेला आज फिर शुरू हो गया है. भजन, कीर्तन और प्रवचन का यह सुंदर सिलसिला (क्राइम) जारी है। आज भक्तों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। सद्गुरु के इस त्योहार में, हमारा जीवन सार्थक हो गया है।

इमोजी समरी: 🎊🪘🗣�✨

कड़वे 4:

सद्गुरु मित्र हैं, जीवन में कभी अंधेरा नहीं होता,
ज्ञान की किरणों से, सारे भ्रम दूर हो गए;
आपके दिए प्यार की वजह से, भक्ति का यह अनुभव हुआ,
हम अज्ञान के पर्दे के बाहर देख पाए।

मतलब: सद्गुरु हमारे मित्र हैं, इसलिए जीवन में कभी अंधेरा नहीं होता। उनके ज्ञान की किरणों से सारे भ्रम दूर हो जाते हैं। आपके दिए प्यार की वजह से ही हमें भक्ति का यह अनुभव होता है। हम अज्ञान के पर्दे के बाहर देख पाते हैं।

इमोजी समरी: 🤝💡🚫

कड़वे 5:

आपका लगातार स्मरण, यही हमारा सहारा है,
रत्नागिरी की धरती धन्य है, जहाँ आपका यह अधिकार है;
आप स्वामी हैं, जीवन का नाम कान्हो जी है,
इस भव सागर से, आप रक्षा करें जी।

मतलब: आपको लगातार याद करना, यही हमारा सहारा है। रत्नगिरी की धरती धन्य है, जहाँ आपका अधिकार (जन्म) हुआ। आप जीवन के नाम के कप्तान (कान्हो जी) हैं। आप इस संसार सागर से हमारी रक्षा करें।

इमोजी समरी: 📿🙏🌊🛡�

कड़वे 6:

इस शुभ दिन पर, आइए हम सब संकल्प लें,
आइए हम अपना जीवन सद्गुरु के बताए मार्ग पर जिएं, मेरे प्यारे;
हम सत्य, शांति और प्रेम के व्रतों का पालन करेंगे,
आपको, आनंद की मूर्ति, मैं यह शरीर (जीवन) अर्पित करता हूँ।

मतलब: इस शुभ दिन पर, आइए हम सब यह संकल्प लें कि हम सद्गुरु के बताए रास्ते पर चलकर अपनी खूबसूरत ज़िंदगी जिएंगे। हम सच्चाई, शांति और प्यार के मूल्यों को अपनाएंगे। आपको, खुशी की मूर्ति, मैं यह शरीर (जान) अर्पित करता हूं।

इमोजी समरी: 🎯🌱💖🤝

कड़वे 7:

जय जय जय सद्गुरु, खुशी की मूर्ति, आप,
आप हमारे लिए, सभी खुशियों और ताकत की ज़मीन हैं;
यह जन्मदिन हमारी ज़िंदगी में बार-बार आए,
आपकी कृपा हमेशा बनी रहे, और हमेशा मेरे मन में बनी रहे।

मतलब: जय जय जय सद्गुरु, खुशी की मूर्ति, आप हमारे लिए सभी खुशियों और ताकत की ज़मीन हैं। यह जन्मदिन हमारी ज़िंदगी में बार-बार आए। आपकी कृपा हमेशा मेरे दिल में बनी रहे।

इमोजी समरी: 🎉❤️💯🏆

आखिरी कविता का इमोजी समरी:

✨🌸 आनंदमूर्ति + 🎂 जन्मदिन + 🚩 रत्नागिरी + 💡 सद्गुरु + 💖 प्रेम + 🎶 भजन + 🛡� सुरक्षा + 🏆 कृपा = जीवंत जीवन और शांति!

--अतुल परब
--दिनांक-13.12.2025-शनिवार.
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