सेवागिरी महाराज पुण्यतिथी उत्सव-पुसेगाव, जिल्हा-सातारा-🙏❤️💯🏆🛡️🏆💖🧭🎉🚶‍♂️

Started by Atul Kaviraje, December 29, 2025, 10:39:16 PM

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Atul Kaviraje

सेवागिरी महाराज पुण्यतिथी उत्सव-पुसेगाव, जिल्हा-सातारा-

शनिवार, 13 दिसंबर, 2025 को सतारा ज़िले के पुसेगांव में होने वाले सेवागिरी महाराज पुण्यतिथि उत्सव पर आधारित भक्ति, रसीली  कविता

कड़वा 1:

पुसेगांव की मिट्टी में, आज पुण्यतिथि का दिन है,
लोग सेवागिरी महाराज को याद कर रहे हैं;
सतारा ज़िले का सौभाग्य, यह सद्गुरुओं की धरती,
सभी भक्ति से आते हैं, चरणों में नम्रता रखते हैं।

मतलब: आज पुसेगांव की मिट्टी में पुण्यतिथि का दिन है। सभी लोग सेवागिरी महाराज को नम्रता से याद कर रहे हैं। यह सतारा ज़िले का सौभाग्य है कि यह सद्गुरुओं की धरती है। सभी लोग यहां भक्ति से आते हैं और नम्रता से महाराज के चरणों में सिर झुकाते हैं।

इमोजी समरी: 🚩🙏✨😊

कड़वा 2:

सेवा को ही धर्म माना है, यही ज्ञान का प्रकाश है,
महाराज की कृपा से जीवन बनता है;
पुण्यतिथि के उत्सव में चेतना भर गई,
कीर्तन, भजन, प्रवचन से मन कैसे शुद्ध हुआ।

अर्थ: सेवा को ही एकमात्र धर्म माना जाता है, यही ज्ञान का प्रकाश है। महाराज की कृपा से जीवन विकसित होता है। पुण्यतिथि के उत्सव में उत्साह (चेतना) भर जाता है। कीर्तन, भजन और प्रवचन से मन कैसे शुद्ध होता है।

इमोजी सारांश: 🤲💡💖🎶

कड़वे 3:

शरीर त्याग कर स्वामी अमर हो गए,
उनकी समाधि भक्तों के लिए सहारा है;
अन्नदान और सेवा, यही उनकी शिक्षा है,
इसी पुण्य मार्ग से मोक्ष की भूमि मिलती है।

अर्थ: शरीर त्याग कर स्वामी (महाराज) अमर हो गए। उनकी समाधि भक्तों के लिए सहारा है। अन्नदान और सेवा उनकी मुख्य शिक्षा है। पुण्य के इस रास्ते से मोक्ष का स्थान मिलता है।

इमोजी समरी: 🕊�🔥🍲 दान

कड़वे 4:

सेवागिरी को याद करके, आदमी शांत मन से करता है,
सभी जातियों के दुख, मुश्किलें, नाम और रूप के डर से;
नंदी और गो माता, उनकी भक्ति अटूट है,
महाराज के चरणों में, मैं यह भक्ति का शरीर अर्पित करता हूँ।

मतलब: आदमी शांत मन से सेवागिरी महाराज को याद करता है। उनके नाम के डर (शक्ति) से, सभी दुख और मुश्किलें दूर हो जाती हैं। नंदी (बैल) और गायों की पूजा अटूट है। महाराज के चरणों में, हम यह भक्ति का शरीर अर्पित करते हैं।

इमोजी समरी: 🧘�♂️🐂🐄💖

कड़वे 5:

जन्म और पुण्यतिथि, भक्तों का ऐसा जमावड़ा है,
सद्गुरु की कृपा से माथे पर खुशी आती है;
यात्री दर्शन करते हैं, पंढरी की ऐसी भावना है,
कैसे पंढरीनाथ और सेवागिरी, रूप में दिखते हैं।

मतलब: जन्म और पुण्यतिथि भक्तों का बड़ा जमावड़ा (मेला) है। सद्गुरु की कृपा से माथे पर खुशी दिखती है। यात्री दर्शन करते हैं, पंढरी की जैसी भावना है। पंढरीनाथ और सेवागिरी महाराज एक ही रूप में दिखते हैं।

इमोजी समरी: 🎉🚶�♂️🚩✨

कड़वे 6:

मौली की कृपा से, सारे डर दूर हो जाते हैं,
जीवन सार्थक हो, खुशियां बनी रहें;
यह मन अगले साल आने का इंतज़ार कर रहा है,
सेवागिरी, आपकी कृपा से, हमें जीवन मिले।

मतलब: मौली (महाराज) की कृपा से सारे डर दूर हो जाते हैं। जीवन में सफलता (सार्थकता) मिलती है और खुशियाँ बनी रहती हैं। यह मन अगले साल आने का इंतज़ार कर रहा है। सेवागिरी, आपकी कृपा से, हमें जीवन (सार्थकता) मिले।

इमोजी समरी: 🛡�🏆💖🧭

कड़वे 7:

मैं आज आपके चरणों में विनती करता हूँ, हे स्वामी,
अटूट प्रेम और भक्ति, हमें इस धरती पर प्रदान करें;
पुण्यतिथि के इस पर्व पर, रूहानी तोहफ़ा दें,
आपकी कृपा हमेशा पवित्र रहे, यही हमारा अभिमान है।

मतलब: हे स्वामी, हम आज आपके चरणों में विनती करते हैं। हमें इस धरती पर अटूट प्रेम और भक्ति प्रदान करें। पुण्यतिथि के इस पर्व पर रूहानी तोहफ़ा (उपहार) देता है। आपकी कृपा हमेशा पवित्र रहे, यही हमारा अभिमान है।

इमोजी समरी: 🙏❤️💯🏆

आखिरी कविता की इमोजी समरी:

✨🚩 सेवागिरी + 🐄 पुसेगांव + 🙏 पुण्यतिथि + 💖 भक्ति + 🎶 कीर्तन + 🤲 सेवा + 🏆 मोक्ष + ✨ कृपा = सद्गुरु का आशीर्वाद और शांति!

--अतुल परब
--दिनांक-13.12.2025-शनिवार.
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