हुतात्मा दिन-गारगोटी-🌸❤️💯🏆🗣️🕊️🙏💖⚖️🔥🛡️💡🔥🗣️💪🩸

Started by Atul Kaviraje, December 29, 2025, 10:40:34 PM

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Atul Kaviraje

हुतात्मा दिन-गारगोटी-

शनिवार, 13 दिसंबर, 2025 को गरगोटी (कोल्हापुर ज़िला) में मनाए गए शहीद दिवस पर आधारित देशभक्ति और रसीली  कविता

कड़वा 1:

आज हम सब गरगोटी की मिट्टी को नमन करें,
13 दिसंबर आज, बहादुरी और बलिदान की बयार बहे;
शहीदों को याद करते हुए, यह पल पवित्र है,
देश के लिए अपनी जान दी, उनका अनमोल बलिदान।

मतलब: आज हम सब गरगोटी की मिट्टी को नमन करें। आज, 13 दिसंबर, बहादुरी और बलिदान की भावना लाने वाला दिन है। शहीदों को याद करने का यह पल पवित्र है। जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी, उनका बलिदान अमूल्य है।

इमोजी समरी: 🇮🇳🙏🎖�💖

कड़वा 2:

एकजुट महाराष्ट्र की लड़ाई महान थी,
अन्याय के खिलाफ उठना, यही वीरों का सम्मान था;
निडर होकर खड़े रहे, गोलियां खाईं,
उनके खून से लिखी, ये आज़ादी की गाय।

मतलब: एक महाराष्ट्र के लिए वो लड़ाई बहुत बड़ी थी। अन्याय के खिलाफ खड़े होने वाले सभी हीरो सम्माननीय थे। वो निडर होकर खड़े रहे और गोलियां खाईं। इस ज़मीन की आज़ादी की कहानी उनके खून से लिखी गई।

इमोजी समरी: 🔥🗣�💪🩸

कड़वे 3:

वो जवान और बहादुर आदमी, महाराष्ट्र की जान थे,
उन्होंने भाषा के लिए कुर्बानी दी, कोई गरीबी नहीं देखी;
उनके बलिदान से हमें सम्मान मिला,
उनकी याद को सलाम, ये हमारा गाना है।

मतलब: वो जवान और बहादुर आदमी महाराष्ट्र की सच्ची जान थे। उन्होंने भाषा के लिए कुर्बानी दी और कोई कमी (गरीबी) नहीं देखी। उनके बलिदान से हमें सम्मान मिला। उनकी याद को सलाम, ये हमारा गाना है।

इमोजी समरी: नौजवानों📜🏆 सलाम

कड़वे 4:

सच्चाई, इंसाफ़ और नैतिकता का रास्ता दिखाया,
वीरश्री ने अन्याय और ज़ुल्म पर करारा प्रहार किया;
उनके बलिदान का कर्ज़ कभी चुकाया नहीं जा सकेगा,
देशभक्ति की लौ, दिल में जलती है।

मतलब: उन्होंने सच्चाई, इंसाफ़ और नैतिकता का रास्ता दिखाया। उन्होंने अपनी बहादुरी से अन्याय और ज़ुल्म को तोड़ा (कील ठोक दी)। हम उनके बलिदान का कर्ज़ कभी नहीं चुका पाएंगे। उनकी देशभक्ति की लौ हमेशा हमारे दिल में जलती रहेगी।

इमोजी समरी: ⚖️🔥🛡�💡

कड़वे 5:

आज हम फिर से कसम खाते हैं, उनके आदर्शों पर चलने की,
अपनी भाषा और मिट्टी पर हमें हमेशा गर्व हो;
महाराष्ट्र हमारा है, जिसकी उन्होंने रक्षा की,
यही सच्चा शहीद दिवस है, समर्पण के इस पल में।

मतलब: आज हम फिर से कसम खाते हैं, उनके आदर्शों पर चलने की। अपनी भाषा और मिट्टी पर हमें हमेशा गर्व हो। महाराष्ट्र एक रहे, जिसकी उन्होंने रक्षा की। समर्पण के इस पल में, यही सच्चा शहीद दिवस है।

इमोजी समरी: 🤝🚩मिट्टी🇮🇳

कड़वे 6:

आज, ऐलानों की गर्जना सुनाई दे रही है, वीरों के नाम,
उनके काम ने हमें घर दिया है;
उनकी आत्मा को शांति मिले, यही मेरी भगवान से प्रार्थना है,
उनके बलिदानों ने हमें हमारे स्वराज्य को गति दी है।

मतलब: आज, ऐलान वीरों के नाम से हो रहे हैं। उनके काम ने हमें घर (घर) दिया है। उनकी आत्मा को शांति मिले, यही मेरी भगवान से प्रार्थना है। उनके बलिदानों ने हमें हमारे स्वराज्य को गति दी है।

इमोजी समरी: 🗣�🕊�🙏💖

कड़वे 7:

बार-बार झुककर, हम फूलों की माला चढ़ाते हैं,
इस विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए, और ज़िंदगी में समय बिताना चाहिए;
यह शहीदों का दिन है, याद और गौरव का,
जय जय महाराष्ट्र भूमि, जय जय भारत।

मतलब: बार-बार झुककर, हम फूलों की माला चढ़ाते हैं। हमें इस विरासत (बलिदान की) को अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ाना चाहिए। यह शहीद दिवस याद और गौरव का दिन है। जय जय महाराष्ट्र भूमि और जय जय भारत।

इमोजी समरी: 🌸❤️💯🏆

आखिरी कविता का इमोजी समरी:

✨🇮🇳 भारत + 🚩 महाराष्ट्र + 💔 शहीद + 🩸 बलिदान + 💪 बहादुरी + 🗣� न्याय + 💡 याद + 🏆 गौरव = देशभक्ति और बलिदान!

--अतुल परब
--दिनांक-13.12.2025-शनिवार.
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