🙏 रामेश्वर दहीकला फेस्टिवल: नटाल की गोकुल लीला 🙏🌙🏡🎊💖 🥛🧈👑🎶 🔱🚩🥁🔔 🏀

Started by Atul Kaviraje, December 30, 2025, 11:42:54 AM

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Atul Kaviraje

रामेश्वर दहिकIला उत्सव-नाटळ, तालुका-कणकवली-

15 दिसंबर 2025 (सोमवार) को नटाल, तालुका कंकावली में होने वाले रामेश्वर दहीकला फेस्टिवल पर आधारित भक्ति, रसीली और मतलब वाली लंबी कविता

🙏 रामेश्वर दहीकला फेस्टिवल: नटाल की गोकुल लीला 🙏

(भक्ति, रसीली, तुकबंदी सहित 7 कड़वी कविताएँ)

तारीख: 15 दिसंबर 2025, सोमवार जगह: रामेश्वर मंदिर, नटाल, कंकावली फेस्टिवल: दहीकला फेस्टिवल

कड़वी कविता 1:

आज सोमवार है, पंद्रह दिसंबर खास है,
नेटाल गाँव आया है, गोकुल की खुशी।
रामेश्वर के दरवाज़े पर, फेस्टिवल सेरेमनी,
दहीकला फूटी, भक्ति का यह शोर।

मतलब: आज 15 दिसंबर, सोमवार है, यह खास दिन है। नटाल गाँव में गोकुल जैसी खुशियाँ फैल गई हैं। रामेश्वर मंदिर में उत्सव का कार्यक्रम चल रहा है, जहाँ दहीकला फूटती है और भक्ति का शोर मच जाता है।

इमोजी: 🌙🏡🎊💖

कड़वा 2:

कृष्ण की लीलाओं को याद करते हुए, इस समय,
भगवान को दही, दूध और मक्खन का प्रसाद चढ़ाया गया।
गवली और गवली खुशी से नाच रहे हैं,
भक्त विट्ठल-रखुमाई के भजन गा रहे हैं।

मतलब: इस दहीकला उत्सव में, भगवान कृष्ण की लीलाओं को याद किया गया। भगवान को दही, दूध और मक्खन का प्रसाद चढ़ाया गया। गवली और भक्त खुशी से नाच रहे हैं। भक्त विट्ठल-रखुमाई के भजन गा रहे हैं।

इमोजी: 🥛🧈👑🎶

कड़वे 3:

रामेश्वर, वो शिव, परी हरि का रूप लेते हैं,
दहिकाला उत्सव, खुशी से झूमते हैं।
ताल और मृदंग की धुन, आसमान तक जाती है,
कनकावली की धरती पर, भक्ति का झंडा लहराता है।

मतलब: रामेश्वर भले ही शिव को समर्पित हैं, लेकिन वो हरि (विष्णु) का रूप लेते हैं। वो दहिकाला उत्सव में खुशी से मौजूद हैं। ताल और मृदंग की धुन आसमान में गूंज रही है। कनकावली की धरती पर भक्ति का झंडा लहरा रहा है।

इमोजी: 🔱🚩🥁🔔

कड़वे 4:

गोपालों ने खेला मटकी फोड़ने का खेल,
एकता का संदेश, खुशी का जमावड़ा।
ऊँची मटकी बाँधकर, यही शक्ति की साधना है,
प्यार से दही बाँटना, यही गोकुल वंदना है।

मतलब: गोपालों ने मटकी फोड़ने का खेल खेला। यह खेल एकता का संदेश और खुशी का जमावड़ा है। ऊँची मटकी बाँधकर, उन्होंने शक्ति की साधना की। प्यार से दही बाँटना, यही गोकुल की वंदना (प्रार्थना) है।

इमोजी: 🏀💪🤝😊

कड़वे 5:

भजन हफ़्ता चल रहा है, हर तरफ मीठी बातें हैं,
मन कान्हा की लीलाओं में लगा है।
नेक लोगों के दर्शन, पुणे के इस पल,
जीवन के दुख दूर हो जाते हैं, पाप पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं।

मतलब: भजन हफ़्ता चल रहा है, हर तरफ मीठी बातें हैं। मन कृष्ण की लीलाओं में लगा है। संतों के दर्शन सौभाग्यशाली पल हैं। इससे जीवन के दुख दूर होते हैं और सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

इमोजी: 📜🙏💖✨

कड़वे 6:

आज महाप्रसाद का लाभ सबको मिले,
ज़रूरतमंदों को दान देने से पुणे के फूल खिलेंगे।
सेवा से किए गए त्योहार का यही योग है,
रामेश्वर की कृपा से सांसारिक बीमारियों से बचा जा सकेगा।

मतलब: आज महाप्रसाद का लाभ सबको मिले। ज़रूरतमंदों को दान देने से पुणे खिलेगा। सेवा से यह त्योहार पूरा हुआ है। रामेश्वर की कृपा से सांसारिक दुख दूर होंगे।

इमोजी: 🍚🎁👑🙏

कड़वे 7:

यह त्योहार सिखाता है कि हमेशा खुशी महसूस करनी चाहिए,
दही की मिठास की तरह, प्यार हर जगह फैलना चाहिए।
रामेश्वर की कृपा हो, नटाल गांव में खुशियां आएं,
दैहिक के लिए योग खुलें, मुक्ति का द्वार खुलें।

मतलब: यह त्योहार सिखाता है कि हमेशा खुशी महसूस करनी चाहिए। दही की मिठास की तरह, प्यार हर जगह फैलना चाहिए। रामेश्वर की कृपा से नटाल गांव में खुशियां आएं। यह योग दैहिक के लिए मुक्ति का द्वार खोलने वाला है।

इमोजी: 🎯😊💖🕉�

कविता सारांश इमोजी:

🌙🏡🎊💖 🥛🧈👑🎶 🔱🚩🥁🔔 🏀💪🤝😊 📜🙏💖✨ 🍚🎁👑🙏 🎯😊💖🕉�

🎉 कविता का इमोजी सारांश 🎉
🙏🌙🏡🎊💖🥛🧈👑🎶🔱🚩🥁🔔🏀💪🤝🍚🎁

--अतुल परब
--दिनांक-15.12.2025-सोमवार.
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