🕊️📿 टाइटल: सासवदचा आधार: संत सोपानकाका पुण्यस्मरण 🙏🗓️🚩🙏💖🏞️🏡🧘‍♂️🚶‍♀️📚

Started by Atul Kaviraje, December 30, 2025, 07:32:49 PM

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Atul Kaviraje

सोपानकाका पुण्यतिथी-सासवड-

16 दिसंबर 2025, मंगलवार के शुभ अवसर और इसी दिन संत सोपानकाका (सासवड, पुणे जिला) की पुण्यतिथि पर आधारित भक्ति, अर्थ और तुकबंदी से भरी एक लंबी कविता

🕊�📿 टाइटल: सासवदचा आधार: संत सोपानकाका पुण्यस्मरण 🙏

(तारीख 16 दिसंबर 2025, मंगलवार, संत सोपानकाका पुण्यस्मरण)

1. दिसंबर का सोलहवां दिन

दिसंबर का सोलहवां दिन, शुभ और शांतिपूर्ण दिन,
सासवड की पवित्र भूमि में, सोपानकाका सार को याद करें।
ज्ञानेश्वर के छोटे भाई, विठोबा के महान भक्त,
यही पुण्यतिथि का योग है, यही भक्ति का आधार है! 🗓�🚩🙏💖

मतलब: 16 दिसंबर, मंगलवार के शांतिपूर्ण दिन, सासवड की पवित्र धरती पर संत सोपानकाका को याद किया जा रहा है। वे संत ज्ञानेश्वर के छोटे भाई और विठोबा के बहुत बड़े भक्त थे। उनकी पुण्यतिथि का यह योग भक्ति का एक बड़ा आधार है।

2. इंद्रायणी के किनारे

इंद्रायणी के किनारे, प्रकृति की सुंदर छटा,
सासवडी के मंदिर में, सोपानदेव का जादू।
समाधि का वह दर्शन, मन को शांति देता है,
वारी के उस रास्ते पर चलते हुए, भक्त भ्रमित नहीं होते! 🏞�🏡🧘�♂️🚶�♀️

मतलब: इंद्रायणी नदी के किनारे प्रकृति की सुंदर छटा है। सासवड के मंदिर में, संत सोपानदेव की माया का स्पर्श महसूस होता है। उनकी समाधि के दर्शन से मन को शांति मिलती है और पंढरपुर के वारी के रास्ते पर चलने वाले भक्तों को कोई शक (भ्रम) नहीं रहता।

3. ज्ञानेश्वरी की मिठास

ज्ञानेश्वरी की मिठास, नाम रखने की रस्म,
सोपान चाचा का प्यार, भक्ति से किया गया टैटू।
विठु मौली की भक्ति, उनके चरणों में लगाया गया मन,
बचपन की साधना, मतलब पक्का कर दिया! 📚🎶💖🧒

मतलब: ज्ञानेश्वरी के ज्ञान की मिठास और नाम के स्मरण का आनंद चरणों के प्रेम में है। भक्ति ने उनके मन पर विट्ठल के नाम का नीला टैटू बना दिया। उनका मन विठु मौली के चरणों में लगा रहा। बचपन में उन्होंने जो ध्यान किया, उसने निश्चित रूप से उनके जीवन को सार्थक बना दिया।

4. मंगलवार का यह दिन

मंगलवार का यह दिन, बड़ी पवित्रता का पल,
जीवन भगवान की याद में डूबा रहे।
इस पवित्र भूमि में, सच्चाई का रास्ता दिखता है,
संतों की कृपा की वर्षा में, जन्म और मृत्यु का प्यार भीग जाता है! 🚩✨💧🙏

मतलब: आज, मंगलवार, एक और पवित्रता का पल है। हमारा जीवन भगवान की याद में डूबा रहे। इस पवित्र भूमि में, सच्चाई का रास्ता दिखता है। संतों की कृपा की वर्षा में, जन्म और मृत्यु का प्यार भीग जाता है।

5. समाधि की चमक से

समाधि की चमक से, शांति की लहर आती है,
अज्ञान का अंधेरा दूर हो जाता है, वह सद्गुरु का रास्ता।
चरित्र की ताकत दो, प्रेम की शिक्षा लो,
इंसानियत के भले के लिए, योजना का इंतज़ार करो! 💡🧘�♂️💖🤝

मतलब: सोपानकों की समाधि की चमक से शांति की लहर आती है। अज्ञानता का अंधेरा दूर होता है और सद्गुरु का रास्ता दिखाई देता है। हमें उनके चरित्र की ताकत और प्यार की शिक्षाओं को अपनाना चाहिए। हमें मानवता के कल्याण के लिए प्रयास करना चाहिए।

6. पुण्यतिथि का यह समारोह

पुण्यतिथि का यह समारोह, पंढरी के घंटे की आवाज़,
ज्ञानियों की माँ और, सोपानकों का भ्रम।
शरीर और बुद्धि को त्यागकर, हमें आत्मा की चमक को जानना चाहिए,
इस शरीर, इस आँख से, भगवान को देखना चाहिए! 🎶🚩❌👁�

मतलब: पुण्यतिथि के इस समारोह में पंढरी का जयकारा लगाया जाता है। संत ज्ञानेश्वर मौली और सोपानकाका के नाम हर जगह हैं। आइए, आज हम सोपानदेव के गुणों को याद करें और उन्हें प्रणाम करें। आइए, सासवड की पवित्र मिट्टी को अपने चरणों में लें और समर्पण की भावना बनाए रखें। आइए, आज हम सोपानदेव के गुणों को याद करें और उन्हें प्रणाम करें। आइए, सासवड की पवित्र मिट्टी को अपने चरणों में लें और समर्पण की भावना बनाए रखें। आइए, आज हम वारकरी धर्म की लाज को निरंतर भावना से बनाए रखें। आइए, धैर्य के साथ संतों की कृपा की ताकत हासिल करें! 🙏🚩💖✨

अर्थ: आज, आइए, सोपानदेव के गुणों को याद करें और उन्हें प्रणाम करें। आइए, सासवड की पवित्र मिट्टी को अपने चरणों में लें और समर्पण की भावना बनाए रखें। आइए, निरंतर भावना से वारकरी धर्म की लाज को बनाए रखें। हम धैर्य के साथ संतों की कृपा की ताकत हासिल करेंगे।

🎉 इमोजी समरी (इमोजी समरी – कविता):
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--अतुल परब
--दिनांक-16.12.2025-मंगळवार.
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