.. अभंगवाणी के रक्षक: श्री संताजी..🙏 📿 🏠 🌻⭐ 🌬️ 🕯️ 🌸

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 11:07:03 AM

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Atul Kaviraje

श्री संताजी जगनाडे महाराज पुण्यतिथी-सदुंबरे, तालुका-मावळ, जिल्हा-पुणे-

श्री संताजी जगन्नाडे महाराज (सदुम्बरे, मावल) की पुण्यतिथि के मौके पर एक भक्ति से भरी और रसीली लंबी कविता

.. अभंगवाणी के रक्षक: श्री संताजी..

1. तुकोबा के दोस्त

तुकोबा के दोस्त, प्यारे, कलम के मालिक।
सदुम्बरे शहर घूमता है, संताजी की आवाज़..
भक्ति का यह रास्ता आसान है, संतों ने उपदेश दिया है।
जीवन पूरी तरह से विट्ठल के चरणों में अर्पित है.. ✍️ 📜 🚩 🙏

मतलब: तुकोबा एक संत और लेखक थे, उनके भजन और संदेश सदुम्बरे शहर में घूमते रहते हैं। भक्ति का रास्ता आसान है और उनका संदेश है इसे विट्ठल के चरणों में अर्पित करना।

2. इंद्रायणी के किनारे

यह गांव पवित्र इंद्रायणी के किनारे बसा है।
संतजी के दिल में, नाम पांडुरंग..
राक्षली के डूबने की कहानी, उसने हार नहीं मानी.
मराठी गर्व, दुनिया को धन्य कर दिया. 🌊 📖 💪 ✨

मतलब: इंद्रायणी के किनारे बसा यह पवित्र गांव संतों का सेंटर है. उन्होंने पांडुरंग भक्ति के लिए कहानी को सहेजा और दुनिया को मराठी कल्चर का गौरव दिखाया.

3. शुद्ध नैतिकता

शुद्ध नैतिकता, संतजी की पहचान.
इंसानियत का मैसेज, अनमोल गुण दिए.
हाथ में पेन लेकर, उन्होंने शब्द लिखे.
वह धन्य हो गए, इस कलियुग का हश्र देखो. 🖋� ❤️ 💎 🌟

मतलब: संतों ने शुद्ध नैतिकता और विचार रखे और इंसानियत का अनमोल मैसेज दिया. पेन उनके विचारों के शब्द बन गए और वह कलियुग में धन्य हो गए.

4. मावल का बेटा

यह मावल का बेटा, प्रतिभा का भंडार था।
उसने भक्ति में जीवन का रहस्य पाया।
उसने मुश्किलों में भी भक्ति का प्यार बनाए रखा।
उसने पूरी इंसानियत के लिए प्यार सिखाया। 🌄 🤝 😊 🛐

मतलब: मावल के बेटे तुकोबा ने भक्ति में जीवन का रहस्य खोजा। उसने मुश्किलों में भी भक्ति का बंधन बनाए रखा और इंसानियत को प्यार सिखाया।

5. पुण्यतिथि समारोह

यह पुण्यतिथि समारोह, भक्ति का आनंद।
सदुम्बरे पवित्र हो गए, विट्ठल प्यारे हो गए..
सारी दुनिया संतजी के चरणों में झुकती है।
मन का अंधेरा दूर होता है, तब उजाला होता है.. 🎊 🙌 🕯� 🌍

मतलब: उनकी पुण्यतिथि के दिन भक्ति का त्योहार होता है। पूरी दुनिया संतों के चरणों में झुकती है; मन का अंधेरा दूर होता है और प्यार की रोशनी चमकती है।

6. वारकरी संप्रदाय

वारकरी संप्रदाय का चमकता सितारा।
यहां भक्ति बहती है, बारिश और हवा..
तुकोबा के अभंगों को, जिन्होंने रूप दिया।
संतजी का काम महान है, भक्ति के दीपक की तरह। ⭐ 🌬� 🕯� 🌸

मतलब: वारकरी संप्रदाय के तुकोबा एक चमकता सितारा हैं। उनके अभंगों ने भक्ति को रूप दिया और उनके काम ने भक्ति का दीपक जलाया।

7. चरणों में प्रणाम

हम सब आपके चरणों में प्रणाम करते हैं।
हमेशा आपकी ओर मुंह किए, आपको याद करते हुए रहें।
आपकी पुण्यतिथि के दिन, हम यह करेंगे, हम भगवान का नाम जपेंगे।
संतजी की कृपा से घर में खुशियां आती हैं। 🙏 📿 🏠 🌻

मतलब: हम सभी संतों के चरणों में सिर झुकाएंगे। आपकी बरसी के दिन, हम भगवान का नाम जपेंगे; संतों की कृपा से घर में खुशियां आती हैं।

कविता का छोटा मतलब:
यह कविता श्री संतजी जगनाडे महाराज के काम पर रोशनी डालती है। जगद्गुरु तुकाराम महाराज के एक वफ़ादार शिष्य के तौर पर, उन्होंने इंद्रायणी में डूबी कहानी को फिर से लिखा और मराठी साहित्य को बचाया। सदुंबरे (मावल) में उनकी बरसी के मौके पर, इन लाइनों के ज़रिए उनकी भक्ति, कड़ी मेहनत और पवित्र विचारों की बड़ाई की गई है।

शब्दों का मतलब:
लेखनीचा धनी: जिसके हाथों में लिखने का हुनर ��हो।

गाथा रक्षली: तुकाराम महाराज के अभंगों का कलेक्शन बचाया।

गुंज/गुज: ज़िंदगी का राज़ या रहस्य।

पुंज: चमक या रोशनी का ग्रुप।

नामघोष: भगवान या संत के नाम का उच्चारण।

इमोजी समरी:
✍️ (लिखना) + 📜 (कहानी/ग्रंथ) + 🚩 (वरकरवाद) + 🙏 (सलाम) + 🌊 (इंद्रायणी नदी) + 📖 (पढ़ना/सुरक्षा) + 💪 (हिम्मत) + ✨ (दिव्यता) + 🖋� (कलम/स्याही) + ❤️ (प्यार) + 💎 (अनमोल विचार) + 🌟 (चमकता सितारा) + 🌄 (सूर्योदय) + 🤝 (इंसानियत) + 😊 (खुशी) + 🛐 (धर्म) + 🎊 (उत्सव) + 🙌 (कृतज्ञता) + 🕯� (भक्ति का दीपक) + 🌍 (दुनिया) + ⭐ (उज्ज्वलता) + 🌬� (शांति की हवा) + 🌸 (पवित्रता) + 📿 (रोज़री) + 🏠 (समृद्ध घर) + 🌻 (खुशी)

--अतुल परब
--दिनांक-17.12.2025-बुधवार.
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