.. योगत्पस्वी: पी.एच. गुलवाणी महाराज ..🧘‍♂️ ✨ 🌅 🙏 📿 📜 💎 🙌 🕯️ 🕉️ 🔱 🧘 ❤

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 11:08:42 AM

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Atul Kaviraje

गुळवणी महाराज जयंती-सांगली-

17 दिसंबर 2025 को पी.एच. गुलवाणी महाराज (सांगली) की जयंती के मौके पर एक खास भक्ति कविता

.. योगत्पस्वी: पी.एच. गुलवाणी महाराज ..

1. सांगली की धरती

सांगली की धरती पर, ये अमृत रस बह रहा है।
गुलवाणी महाराज की भक्ति की ये जंग।
योग ज्ञान के मालिक, करुणा के सागर।
जयंती पर, भक्तों की दूरियां रोशन हो गईं। 🧘�♂️ ✨ 🌅 🙏

मतलब: सांगली की धरती पर गुलवाणी महाराज का जन्म और काम अमृत जैसा है। वे योग ज्ञान के मालिक और करुणा के सागर थे। उनकी जयंती पर, भक्तों की दूरियां रोशन हो गईं।

2. वासुदेवानंद सरस्वती के शिष्य

वासुदेवानंद सरस्वती के प्यारे शिष्य।
उन्होंने भक्ति और योग का भविष्य बताया।
सादगी ही श्रंगार है, विनम्रता ही वाणी है।
तपस्या की शक्ति से सांगली की व्यवस्था पवित्र हो गई। 📿 📜 💎 🙌

मतलब: गुलवाणी महाराज वासुदेवानंद सरस्वती के प्रिय शिष्य थे। उन्होंने भक्ति और योग का भविष्य बताया। सादगी और विनम्रता उनकी खासियतें हैं।

3. शक्तिपात योग

उन्होंने शक्तिपात योग की रोशनी फैलाई।
उन्होंने अंधेरे में फंसी आत्माओं को सही रास्ते से जोड़ा।
दत्त गुरु के एक समर्पित भक्त, उन्होंने उनके चरणों में ध्यान किया।
एक शांत और खुश मूर्ति, वही भक्तों की आत्मा है। 🕯� 🕉� 🔱 🧘

मतलब: महाराज ने शक्तिपात योग की रोशनी फैलाई और अंधेरे में फंसी आत्माओं को सही रास्ता दिखाया। वे दत्त गुरु के एक समर्पित भक्त थे।

4. अनुशासित जीवनशैली

अनुशासित जीवनशैली, प्यार की वो नमी।
गुलवाणी महाराज का संदेश हमेशा याद रखना चाहिए।
इंसानियत की सेवा ही भगवान की सच्ची पूजा है।
ऐसे महान संत दुनिया में कोई और नहीं हैं। ❤️ 🤝 🌍 🛐

मतलब: गुलवाणी महाराज का जीवन अनुशासित था। इंसानियत की सेवा ही भगवान की सच्ची पूजा है, और ऐसे महान संत सबसे अलग हैं।

5. जयंती समारोह

यह जयंती समारोह, यह खुशी का त्योहार।
देखो, सांगली में सभी भक्त इकट्ठा हुए हैं..
कृष्णमाई की चाहत भगवान के नाम से भरी है।
महाराज के शब्दों में अमृत की मिठास है.. 🎊 🌊 🎶 🍬

मतलब: सांगली में भक्तों की मौजूदगी में जयंती समारोह खुशी से मनाया जाता है। भक्तों को कृष्णमाई की चाहत का अनुभव होता है।

6. दत्तात्रेय का रूप

दत्तात्रेय का रूप उनके सामने खड़ा हुआ लग रहा था।
महाराज को देखकर सारे शक दूर हो गए..
उन्होंने बिना रुकावट योग मार्ग का दीपक जलाया।
उन्होंने भक्तों का दिल जीत लिया। 🔱 🌟 🕯� ❤️

मतलब: महाराज को देखकर ऐसा लगता है जैसे दत्तात्रेय का रूप उनके सामने खड़ा है। उन्होंने योग मार्ग का दीपक बिना रुकावट जलाया और भक्तों का मार्गदर्शन किया।

7. चरणों में अर्पण

हम सब आपके चरणों में सिर झुकाते हैं, हम सब बच्चे हैं।
महाराज, आप हमारे रक्षक और मार्गदर्शक हैं।
इस पुण्यात्मा व्यक्ति की जीवनी को हमेशा पढ़ें।
हमारा यह जीवन आपकी याद में रहे। 🙇�♂️ 📖 🏠 🌻

मतलब: हम सब महाराज के चरणों में सिर झुकाते हैं। वे हमारे रक्षक और मार्गदर्शक हैं। हमारी ज़िंदगी हमेशा उनकी याद में रहे।

कविता का छोटा मतलब:
गुलवाणी महाराज शक्तिपात योग के एक महान प्रचारक और दत्ता के परम भक्त थे। सांगली में उनकी जयंती श्रद्धा से मनाई जाती है। उनके योग अभ्यास, सादगी और मानवता के संदेश की महिमा की जाती है।

शब्दों का मतलब:

योगतपस्वी: एक महान व्यक्ति जिसने योग में तपस्या की हो

शक्तिपात: गुरु की कृपा से शिष्य की छिपी हुई शक्ति को जगाने का काम

मुमुक्षु: एक साधक जो मोक्ष के लिए तरस रहा हो

कृष्णमाई: सांगली से बहने वाली कृष्णा नदी

चालक: एक गाइड जो जीवन को दिशा देता है

इमोजी समरी:

🧘�♂️ ✨ 🌅 🙏 📿 📜 💎 🙌 🕯� 🕉� 🔱 🧘 ❤️ 🤝 🌍 🛐 🎊 🌊 🎶 🍬 🔱 🌟 🕯� ❤️ 🙇�♂️ 📖 🏠 🌻

🧘�♂️ (योगाभ्यास) + ✨ (दिव्य प्रकाश) + 🌅 (सूर्योदय/ज्ञान) + 🙏 (प्रणाम) + 📿 (माला) + 📜 (शास्त्र/दीक्षा) + 💎 (अनमोल गुण) + 🙌 (कृतज्ञता) + 🕯� (भक्ति का दीपक) + 🕉� (आध्यात्मिकता) + 🔱 (दत्त गुरु का प्रतीक) + ❤️ (प्रकृति से प्रेम) + 🤝 (सेवा) + 🌍 (विश्व शांति) + 🛐 (पूजा) + 🎊 (जयंती उत्सव) + 🌊 (कृष्णा नदी) + 🎶 (भजन) + 🍬 (मीठा) + 🌟 (चमकता सितारा) + 🙇�♂️ (प्रणाम) + 📖 (पढ़ना) + 🏠 (परिवार/आश्रय) + 🌻 (खुशी)

--अतुल परब
--दिनांक-17.12.2025-बुधवार.
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