॥ कालेधोंची ऐ यल्लम्मा: यात्रा समारोह ॥🚩🙏🌸✨💛🔴🥁🙌🥥👘💎🔥⛰️🏰🚩🚶‍♂️🧺🙏🕯️

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 02:31:35 PM

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Atul Kaviraje

श्री यल्लम्मा यात्रा-काळेढोण, तालुका-खटाव, जिल्हा-सातारा-

यह सतारा जिले के खटाव तालुका के कालेधों में श्री यल्लम्मा देवी की यात्रा के मौके पर एक खास इमोशनल और रसीली कविता है, जो आज, गुरुवार, 18 दिसंबर, 2025 को मनाई जा रही है:

॥ कालेधोंची ऐ यल्लम्मा: यात्रा समारोह ॥

1. यह शुभ दिन समारोह
लाइन-1: यह शुभ दिन समारोह आज, खुशी का यह त्योहार कालेधों शहर में आया है।
लाइन-2: यल्लम्मा देवी की यात्रा शुभ हो गई है।
लाइन-3: खटाव तालुका में गुलाल उड़ाले, भक्ति का यह सैलाब।
लाइन-4: दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आए हैं। 🚩🙏🌸✨

मतलब: आज, कालेधों (सतारा जिले) में श्री यल्लम्मा देवी का मेला शुरू हो गया है। पूरे इलाके में खुशी का माहौल है और देवी के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई है।

2. भंडार-गुलाल उड़ला
लाइन-1: भंडार-गुलाल उड़ला, आसमान में 'उड़े गण अंबे उड़े' की आवाज़ गूंज रही है।
लाइन-2: भक्तों की इस पुकार पर मां का यह जवाब है।
लाइन-3: भंडारा और गुलाल, काली मिट्टी धुल गई है।
लाइन-4: यल्लम्मा के नाम पर यह नया रिश्ता जुड़ गया है। 💛🔴🥁🙌

मतलब: आसमान 'उड़े गण अंबे उड़े' के जयकारों से भर गया है। भंडारा और गुलाल बिखरने से पूरा इलाका भक्तिमय और रंगीन हो गया है।

3. तेरा रूप एक दावत है

लाइन-1: तेरा रूप एक दावत है, माथे पर टैटू है, चेहरा चमक रहा है।
लाइन-2: भक्तों के इन मन में, ये तेरी माँ का दिल है।
लाइन-3: नारियल का बाग भर गया है, ये भक्ति का सम्मान है।
लाइन-4: आपके आशीर्वाद से, हमारा जंगल रोशन है। 🥥👘💎🔥

मतलब: देवी यल्लम्मा का रूप बहुत ही चमकदार और सुंदर है। भक्त आस्था के साथ देवी की गोद में नारियल भर रहे हैं और अपनी खुशी और समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

4. कालेधों का ये पहाड़
लाइन-1: कालेधों का ये पहाड़ पहाड़ की चोटी पर एक मंदिर है, तेरा वैभव अपार है।
लाइन-2: ये सतारा जिले की तरक्की का नया रास्ता है।
लाइन-3: गुरुवार का ये दिन खास है, ये तीर्थ यात्रा का पड़ाव है।
लाइन-4: भक्त माँ के चरणों में सिर झुकाते हैं। ⛰️🏰🚩🚶�♂️

मतलब: कालेधोन में पहाड़ की चोटी पर बना देवी का मंदिर बहुत सुंदर लग रहा है। आज गुरुवार का मुहूर्त होने की वजह से यात्रा का उत्साह दोगुना हो गया है।

5. आशीर्वाद मांगते भक्त
लाइन-1: आशीर्वाद मांगते भक्त, हाथ में पारदी लिए खड़े हैं, आपसे आशीर्वाद मांग रहे हैं।
लाइन-2: मन में, माँ, आपके प्यार की यह बारिश।
लाइन-3: आप मेहनतकश लोगों की माँ हैं, गरीबों और ज़रूरतमंदों का सहारा हैं।
लाइन-4: आपकी कृपा से, परेशानियों का यह बोझ दूर हो जाता है। 🧺🙏🕯�💖

मतलब: भक्त हाथ में पारदी लिए देवी का आशीर्वाद मांग रहे हैं। यल्लम्मा माता मेहनतकश लोगों और आम लोगों के लिए सहारा हैं, और वह सभी की परेशानियों को दूर करती हैं।

6. ढोल और डफ की ये आवाज़
लाइन-1: ढोल और डफ की ये आवाज़, ढोल, डफ, संबल और ढोल की दिव्य आवाज़।
लाइन-2: श्रद्धालुओं की इस भीड़ पर, आपकी माँ नज़र रख रही हैं।
लाइन-3: यह बाज़ार पालने और खिलौनों से सजा है।
लाइन-4: माँ के इस दर्शन से, तुरंत खुशी आ गई। 🥁🎡🎠🍭

मतलब: मेला संगीत वाद्ययंत्रों की आवाज़ से भर गया है और बाज़ार मालाओं और तरह-तरह की दुकानों से सज गया है। देवी के दर्शन से भक्तों को जो खुशी मिलती है, वह शब्दों से परे है।

7. एक व्यक्ति के चरणों में प्रार्थना
लाइन-1: एक व्यक्ति के चरणों में प्रार्थना, हे कालेधोन की यल्लम्मा, सभी को हमेशा खुश रखना।
लाइन-2: आपकी भक्ति की यह खुशबू हमारे दिलों में बस जाए।
लाइन-3: 18 दिसंबर का यह दिन हमारी याद में बना रहे।
लाइन-4: आपकी असीम कृपा की छाया हम पर बनी रहे। 👣🚩🛐🌻

मतलब: आखिर में, मैं देवी से प्रार्थना करता हूं कि वह सभी को खुश और संतुष्ट रखें। आज के इस खास तीर्थयात्रा का उत्साह हमेशा हमारे दिलों में बना रहे।

इमोजी समरी:
🚩 (झंडा) • 🙏 (सलाम) • 💛 (स्टोर) • 🔴 (गुलाब) • ⛰️ (पहाड़) • 🏰 (मंदिर) • 🥁 (संगीत) • 🎡 (मेला) • 👣 (स्टेप)

🚩🙏🌸✨💛🔴🥁🙌🥥👘💎🔥⛰️🏰🚩🚶�♂️🧺🙏🕯�💖🥁🎡🎠🍭👣🚩🛐🌻

--अतुल परब
--दिनांक-18.12.2025-गुरुवार.
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