॥ पुसेगांव के राजा: सेवागिरी महाराज रथोत्सव ॥🚩🙏✨🏘️🚜🏵️⛓️🔔💛🔴🙌🌈🍲🤝🤲🕯️

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 02:32:17 PM

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Atul Kaviraje

सेवागिरी महाराज रथोत्सव-पुसेगाव, जिल्हा-सातारा-

सतारा ज़िले के पुसेगांव के ब्रह्मलीन श्री संत सेवागिरी महाराज के रथोत्सव के मौके पर यह एक खास इमोशनल कविता है, जो आज, गुरुवार, 18 दिसंबर, 2025 को मनाया जा रहा है:

॥ पुसेगांव के राजा: सेवागिरी महाराज रथोत्सव ॥

1. पुसेगांव शहर में चैतन्य आया है
लाइन-1: भक्ति का यह सैलाब पुसेगांव की पवित्र धरती पर आया है।
लाइन-2: सेवागिरी महाराज का रथोत्सव निकला।
लाइन-3: यह गुरुवार खास है, भक्तों की यह भीड़।
लाइन-4: यतिरया के दर्शन से आपको शांति और सुकून मिले। 🚩🙏✨🏘�

मतलब: आज पुसेगांव में भक्ति का जोश अपने चरम पर है। श्री संत सेवागिरी महाराज के रथोत्सव की वजह से पूरा शहर चैतन्य में नहा गया है और भक्तों के दिलों में खुशी का माहौल है।

2. यह शानदार रथ यात्रा
लाइन-1: यह रथ फूलों से सजा है, यह सोने का ताज ऊपर है।
लाइन-2: भक्तों ने यह रस्सी खींची है, आस्था की यह गांठ भारी है।
लाइन-3: 'सेवागिरी महाराज की जय' की एक ही आवाज़ से आसमान गूंज उठता है।
लाइन-4: भक्ति के इस सागर को, रथ से यह जवाब आता है। 🚜🏵�⛓️🔔

मतलब: महाराज का रथ फूलों से खूबसूरती से सजाया गया है। हज़ारों भक्त बड़ी श्रद्धा से रथ की रस्सी खींच रहे हैं। महाराज के जयकारों की आवाज़ से आसमान भर गया है।

3. फूलों का भंडार उमड़ रहा है
लाइन-1: फूल और फूलों का भंडार उमड़ रहा है, पूरे रथ पर।
लाइन-2: भक्ति का यह रंग चढ़ गया है, यह पूसेगांव शहर।
लाइन-3: सात नदियों का तीर्थ इस रथ के रूप में आया है।
लाइन-4: महाराज के दर्शन करके मन का दुख दूर हो जाता है। 💛🔴🙌🌈

मतलब: रथ और भक्तों पर फूलों की बारिश और भंडारा हो रहा है। भक्तों का पक्का विश्वास है कि महाराज के दर्शन करके मन की सारी चिंताएं और दुख दूर हो जाते हैं।

4. सेवा का यह महान मंत्र
लाइन-1: 'मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है', यही मंत्र आपने दिया था।
लाइन-2: जीवन की यह दिव्य तकनीक आपकी कृपा से प्रकाशित हुई है।
लाइन-3: अन्नदान की यह परंपरा यहां बिना रुके जारी है।
लाइन-4: पुसेगांव की इस धरती पर इंसानियत भी फलती-फूलती है। 🍲🤝🤲🕯�

मतलब: सेवागिरी महाराज ने जीवन भर मानव सेवा का संदेश दिया। उनकी प्रेरणा से ही आज भी पुसेगांव में अन्नदान और सामाजिक कार्यों की महान परंपरा बिना रुके जारी है।

5. वारकरी और भक्तों का जमावड़ा
लाइन-1: हाथों में डिंडिया और झंडे लिए, वारकरी भी दरवाज़े पर आए।
लाइन-2: ताल-मृदंग की थाप पर, पूरी सृष्टि नाचती है।
लाइन-3: यह सतारा ज़िले की शोभा है, यह पुसेगांव का महाकुंभ।
लाइन-4: यह भक्ति की नींव है, यह सेवा का ऊंचा स्तंभ है। 🎼🥁🚩🚶�♂️

मतलब: इस रथ उत्सव के लिए बहुत सारे डिंडिया और वारकरी पुसेगांव आए हैं। ताल-मृदंग की आवाज़ से सब दंग हैं और यह समारोह सतारा ज़िले की शान बढ़ा रहा है।

6. दीयों की यह माला
लाइन-1: अब शाम हो गई है, दीयों से इस मंदिर को रोशन करो।
लाइन-2: महाराज के आशीर्वाद से, किस्मत के ये पौधे फल देंगे।
लाइन-3: 18 दिसंबर की याद हमेशा मन में रहेगी।
लाइन-4: आपके भक्त इस रथ उत्सव को खुशी से देखेंगे। 🪔🕯�🌟🏠

मतलब: शाम को मंदिर में दीये जलाए जाते हैं। 18 दिसंबर, 2025 का यह दिन और रथ की यह खूबसूरती भक्तों की याद में हमेशा रहेगी।

7. आपके चरणों में मेरी यही प्रार्थना है
लाइन-1: हे सेवागिरी महाराज देव, दुनिया को खुश रखना।
लाइन-2: आपके नाम का यह जाप इस आत्मा पर लगा देना।
लाइन-3: आपकी भक्ति हमेशा बनी रहे, दिल की गहराइयों में।
लाइन-4: आपकी कृपा के बीच, सब सफल हों। 👣🛐🚩🌻

मतलब: आखिर में, आपके चरणों में मेरी यही प्रार्थना है, कि आप पूरी दुनिया को खुश रखना और हम भक्तों पर आपकी कृपा हमेशा बनी रहे। इमोजी समरी:

🚩 (मार्क) • 🙏 (प्रार्थना) • 🚜 (रथ) • 💛 (खजाना) • 🔴 (गुलाब) • 🍲 (खाना) • 🥁 (मृदंग) • 🪔 (दीपक) • 👣 (कमल)

🚩🙏✨🏘�🚜🏵�⛓️🔔💛🔴🙌🌈🍲🤝🤲🕯�🎼🥁🚩🚶�♂️🪔🕯�🌟🏠👣🛐🚩🌻

--अतुल परब
--दिनांक-18.12.2025-गुरुवार.
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