॥ मार्गशीर्ष अमावस्या: पुरखों की याद और रूहानी त्योहार ॥🌑🙏✨🕯️🙌🌾💧🕉️🧼🪔🧹

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 05:08:47 PM

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Atul Kaviraje

मार्गशीर्ष अमावस्या-

शुक्रवार, 19 दिसंबर, 2025 को 'मार्गशीर्ष अमावस्या' के मौके पर यह एक खास इमोशनल और रसीली कविता है:

॥ मार्गशीर्ष अमावस्या: पुरखों की याद और रूहानी त्योहार ॥

1. यह मार्गशीर्ष महीने का अंत है
लाइन-1: मार्गशीर्ष का पवित्र महीना, आज हम अलविदा कहते हैं।
लाइन-2: आज, अमावस्या के दिन, यह युग खत्म होता है।
लाइन-3: भक्ति और विश्वास का यह महीना बहुत बढ़िया था।
लाइन-4: अमावस्या की शांति से मन का अंधेरा दूर हो जाता है। 🌑🙏✨🕯�

मतलब: आज मार्गशीर्ष महीने का आखिरी दिन है, यानी अमावस्या। जैसे ही यह पवित्र महीना खत्म होता है, मन को एक तरह की रूहानी शांति मिलती है।

2. पुरखों को याद करने का यह त्योहार
लाइन-1: इस अमावस्या के दिन हम अपने पुरखों को याद करते हैं।
लाइन-2: उनके आशीर्वाद से हमारे रिश्ते रोशन हों।
लाइन-3: आपको प्रसाद और दान से आत्मिक संतुष्टि मिले।
लाइन-4: हम अपने पुरखों के गुणों का सम्मान करें। 🙌🌾💧🕉�

मतलब: यह अमावस्या पुरखों के काम के लिए बहुत ज़रूरी मानी जाती है। अपने पुरखों को याद करके उन्हें जल चढ़ाने और दान करने से उनका आशीर्वाद हमेशा परिवार पर बना रहता है।

3. लक्ष्मी पूजा और साफ़-सफ़ाई
लाइन-1: आइए घर की सफ़ाई करें और दीयों की इस रोशनी को रोशन करें।
लाइन-2: आइए नेगेटिविटी को दूर करें और लक्ष्मी का वास बनाएं।
लाइन-3: अमावस्या शुभ होती है, जब मन इतना पवित्र हो।
लाइन-4: हम भक्ति के इस रास्ते पर ज्ञानी बनें। 🧼🪔🧹💰

मतलब: अमावस्या पर घर की सफाई करने और दीये जलाने का रिवाज है। इससे घर में अलक्ष्मी (नेगेटिविटी) दूर होती है और लक्ष्मी खुश रहती हैं।

4. यही है दीये की पूजा की महिमा
लाइन-1: इस छोटे से दीये ने अंधेरे को चीर दिया है।
लाइन-2: ज्ञान की इस रोशनी में, खुशियां पास में छिपी हैं।
लाइन-3: मार्गशीर्ष की अमावस्या पर, दीयों की यह महान पूजा।
लाइन-4: ज्ञान की रोशनी से, मेरे अंदर का मैं जगमगाऊं। 🕯�🌟🔥📖

मतलब: अमावस्या का मतलब अंधेरा होता है, लेकिन दीये की पूजा से हम इस अंधेरे को दूर करते हैं। यह हमारे जीवन से अज्ञानता को दूर करने और ज्ञान की रोशनी फैलाने का प्रतीक है।

5. शुक्रवार का यह शुभ योग
लाइन-1: लक्ष्मी का यह दिन शुक्रवार को अमावस्या से जोड़े।
लाइन-2: भक्ति के इस संगम से, दुख के ताले टूट जाएं।
लाइन-3: आइए हम कुल की देवी को याद करें, आइए हम उनसे प्यार मांगें।
लाइन-4: मुश्किलों की गर्मी में, हमें उनकी छाया का फायदा मिले। 🌺🚩🤲🔱

मतलब: इस साल शुक्रवार को पड़ने की वजह से इस अमावस्या का खास महत्व है। इस दिन कुल की देवी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

6. प्रकृति का यह शांत रूप
लाइन-1: भले ही चांद दिखाई न दे, लेकिन नक्षत्रों की यह चमक।
लाइन-2: प्रकृति की इस शांति में, अपनी ही आवाज़ सुनी जा सकती है।
लाइन-3: चुप रहकर, आइए हम अपने अंदर के आत्म का ध्यान करें।
लाइन-4: आइए आज हम अपना सिर भगवान के चरणों में अर्पित करें। 🌌🧘�♂️🤫🌌

मतलब: भले ही अमावस्या की रात को चांद न हो, आसमान तारों से रोशन होता है। यह शांति हमें अंदर झाँकने और खुद को खोजने और भगवान का ध्यान करने के लिए मोटिवेट करती है।

7. चरणों में बस यही एक इच्छा
लाइन-1: भले ही मार्गशीर्ष खत्म हो जाए, भक्ति खत्म नहीं होती।
लाइन-2: आइए हम अपने जीवन में आपके नाम की इस खुशबू को संजोएं।
लाइन-3: आइए हम अगले पौष महीने का खुशी से स्वागत करें।
लाइन-4: अमावस्या की इस शांति से पूरी दुनिया चमक उठे। 👣🛐🚩🌻

मतलब: भले ही मार्गशीर्ष का महीना खत्म हो रहा है, लेकिन भगवान की चाहत बनी रहे। इस अमावस्या की शांति पूरी दुनिया में खुशहाली लाए, यही मेरी प्रार्थना है।

इमोजी समरी:
🌑 (अमावस्या) • 🙏 (प्रार्थना) • 🙌 (पूर्वजों का स्मरण) • 🪔 (प्रकाश पूजन) • 🔱 (देवी भक्ति) • 🧘�♂️ (मौन/चिंतन) • 💰 (लक्ष्मी) • 👣 (समर्पण) • ✨ (मंगल)

🌑🙏✨🕯�🙌🌾💧🕉�🧼🪔🧹💰🕯�🌟🔥📖🌺🚩🤲🔱🌌🧘�♂️🤫🌌👣🛐🚩🌻

--अतुल परब
--दिनांक-19.12.2025-शुक्रवार.
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