॥ भक्ति के सागर: ज्ञानेश्वर मोरे मौली पुण्यतिथि ॥🚩🙏✨🏢🌊❤️🕯️💎📿🕉️🚩🙌🏢🎶🥁

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 05:10:11 PM

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Atul Kaviraje

ज्ञानेश्वर मोरे माऊली पुण्यतिथी-मुंबई-

श्री ज्ञानेश्वर मोरे मौली (मुंबई) की पुण्यतिथि शुक्रवार, 19 दिसंबर, 2025 के मौके पर उनके चरणों में समर्पित यह एक दिल को छू लेने वाली और रसीली कविता है:

॥ भक्ति के सागर: ज्ञानेश्वर मोरे मौली पुण्यतिथि ॥

1. आज का दिन पवित्र हो गया है
लाइन-1: 19 दिसंबर का यह पावन अवसर।
लाइन-2: भक्तों का यह रंग आज भक्ति में रंगा है।
लाइन-3: ज्ञानेश्वर मोरे मौली की पुण्यतिथि आ गई है।
लाइन-4: मुंबई आज भक्ति में नहाया हुआ है। 🚩🙏✨🏢

मतलब: आज, 19 दिसंबर, ज्ञानेश्वर मोरे मौली की पुण्यतिथि है। मुंबई की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में आज भक्ति की एक सुहानी हवा बनी है।

2. मौली का रूप है अंदरूनी
लाइन-1: प्यार का वह पत्ता और शब्दों में ऐसी नमी।
लाइन-2: भक्तों के इन दिलों में बसते हो बस तुम।
लाइन-3: मोर मौली ने सेवा की यह विरासत दी।
लाइन-4: भक्ति का यह रास्ता अमृत के झरने जैसा है। 🌊❤️🕯�💎

मतलब: मौली की शिक्षाओं में प्यार और स्नेह था। उन्होंने समाज को भक्ति और निस्वार्थ सेवा का जो रास्ता दिखाया, वह आज भी हम सबके लिए एक गाइड है।

3. नामस्मरण की तेज रोशनी
लाइन-1: 'विट्ठल विट्ठल' चेहरा और मौली का ध्यान।
लाइन-2: भक्तों के दिलों में, तुम्हारा ही अटल स्थान है।
लाइन-3: पुण्यतिथि के दिन नाम का अलार्म गूंजता है।
लाइन-4: तुम्हारी कृपा और नज़र हम पर बनी रहे। 📿🕉�🚩🙌

मतलब: मौली की बरसी पर सभी भक्त एक साथ आकर नामस्मरण कर रहे हैं। उनके चरणों में हमारी यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा हम पर हमेशा बनी रहे।

4. मुंबई में भक्ति का यह पड़ाव
लाइन-1: ऊंची इमारतों की भीड़ में भक्ति के फूल खिले।
लाइन-2: मोरे मौली के चरणों में यादों के निशान चमक उठे।
लाइन-3: यह शहर संकीर्तन और भजन से भर गया।
लाइन-4: भक्तों की आंखें भक्ति से भर गईं। 🏢🎶🥁🌸

मतलब: मौली ने मुंबई जैसे महानगर में भक्ति के बीज बोए। आज उनकी याद से भजन-कीर्तन गूंज रहे हैं और हर जगह चेतना फैल गई है।

5. सेवा का यह फतवा
लाइन-1: जिन्होंने यह जीवन कमजोरों की सेवा के लिए लिया।
लाइन-2: ऐसे मौली के विचार ही हमारा भविष्य हैं।
लाइन-3: उन्होंने कदम-कदम पर इंसानियत के धर्म को बचाया।
लाइन-4: उन्होंने अंधेरे में भी ज्ञान का यह दीया जलाया। 🤝🕯�📚🌱

मतलब: मौली ने सिर्फ उपदेश ही नहीं दिए, बल्कि कामों से इंसानियत और सेवा को भी बचाया। उनकी सेवा की विरासत को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

6. यादों की यह कभी न खत्म होने वाली खुशबू
लाइन-1: शरीर खत्म हो जाए, तो भी आपकी याद कभी न खत्म होने वाली है।
लाइन-2: भक्ति की इस यात्रा का इनाम आप ही हैं।
लाइन-3: आज के दिन मेरा सिर आपके चरणों में झुकता है।
लाइन-4: प्यार के इस रिश्ते की एक नई किताब खुल गई है। 📖🌹👣✨

मतलब: भले ही मौली अब शरीर में नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और विचार आज भी भक्तों के मन में जिंदा हैं। आज हम उनके चरणों में सिर झुका रहे हैं।

7. मौली के पैरों से यही मांगता हूं
लाइन-1: ज्ञानेश्वर मोरे मौली, हमेशा मेरे साथ रहना।
लाइन-2: भक्ति के इस रास्ते पर आप मेरा साथ दें।
लाइन-3: पुण्यतिथि का यह जश्न मेरे मन को शांति दे।
लाइन-4: आपके आशीर्वाद से, किस्मत का सवेरा हो गया है। 🌅🚩🛐🌻

मतलब: आखिर में, देवी से मेरी यही प्रार्थना है कि वह हमें हमेशा सही रास्ता दिखाएं और आपके आशीर्वाद से, हमारी ज़िंदगी हमेशा खुशियों और शांति से भरी रहे। इमोजी समरी:

🚩 (झंडा) • 🙏 (सलाम) • ✨ (चमक) • ❤️ (प्यार) • 📿 (माला) • 🎶 (भजन) • 🏢 (मुंबई) • 👣 (पैर) • 🌻 (समर्पण)

🚩🙏✨🏢🌊❤️🕯�💎📿🕉�🚩🙌🏢🎶🥁🌸🤝🕯�📚🌱📖🌹👣✨🌅🚩🛐🌻

--अतुल परब
--दिनांक-19.12.2025-शुक्रवार.
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