॥ शिरवल की रक्षक: मां सतेरी और महापुरुष जात्रोत्सव ॥📅 ➡️ 🚩 ➡️ 🥁 ➡️ 🎡 ➡️ 🤝 ➡

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 09:18:36 PM

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Atul Kaviraje

सातेरी महापुरुष जत्रा-शिरवळ, तालुका-कणकवली-

शिरवल (ताल. कंकावली) के गांव देवता 'श्री सतेरी महापुरुष जात्रे' के लिए एक खास भक्ति और रसीली मराठी कविता पेश है, जो मंगलवार, 30 दिसंबर, 2025 को होगी।

॥ शिरवल की रक्षक: मां सतेरी और महापुरुष जात्रोत्सव ॥

1. शिरवल कस्बे में भक्ति का सैलाब
कंकावली की गोद में बसा शिरवल गांव खूबसूरत है,
आज मंदिर सतेरी महापुरुष के मेले से सजा है।
आज 30 दिसंबर, मंगलवार का दिन है,
आज सिर्फ शिरवलकरों ने भक्ति के इस सागर में स्नान किया।

(मतलब: 30 दिसंबर 2025 को कंकावली तालुका के शिरवल गांव में सतेरी और महापुरुष भगवान के मेले का शुभ समारोह शुरू हो गया है।) 📅 🚩 🏘� ✨ 🛐

2. सतेरी-महापुरुष का रूप
माँ सतेरी मौली और, महापुरुष भगवान के आशीर्वाद से,
गाँव की रक्षा करती हैं, और हमेशा वहाँ व्यस्त रहती हैं।
अहिरे और सतेरी के चरणों में माथा टेकने से,
यह भक्ति का रिश्ता, परलोक का रिश्ता बन गया।

(मतलब: सतेरी माता और महापुरुष देव शिरवाल गांव के रक्षक हैं और भक्तों को उनके चरणों में अटूट विश्वास है।) 🔱 🛡� 👁� 🙏 🕯�

3. मेले का अनोखा उत्साह
पालकी निकलती है, शिलांगना के उस रास्ते पर,
गुलाल और खोबरा के छिड़काव के बीच, भक्ति के झरने फूट पड़ते हैं।
देखो शहनाई और कोरल बज रहा है, इस शिरवाल गांव में,
भगवान का यह दिव्य प्रेम, सभी को संजोना चाहिए।

(मतलब: भगवान की पालकी वाद्य यंत्रों की धुन और गुलाल के छिड़काव के बीच निकलती है, पूरा इलाका गुलजार हो जाता है।) 🥁 🎷 🚜 🌸 🚩

4. मेहमानों की बारात
सारे मेहमान इकट्ठा हुए हैं, मेले के इस त्योहार के लिए,
आज खुशियां उमड़ रही हैं, चलो ये मेला देखें।
देखो, बाजार मिठाइयों और खिलौनों से भरा है,
आज शिरवल का ये बांध खुशी से झूम रहा है।

(मतलब: मेले के मौके पर सारे रिश्तेदार एक साथ आकर बाजार की खुशियां मनाते हैं, ये स्नेह का समागम है।) 🎡 🍬 🤝 🏡 🎊

5. शादी कर रहे भगवान
आस्था के इस दरबार में भक्त आपके गुण गाते हैं,
सतेरी-महापुरुष के चरणों में, मान-सम्मान बना रहता है।
नारियल और ओट्स चढ़ाने वाले लोग, सुख-शांति मांगते हैं,
भक्तों की पुकार पर, भगवान हमेशा दौड़े चले आते हैं।

(मतलब: सतेरी और महापुरुष देवता शादी कर रहे हैं और वे भक्तों की पुकार पर हमेशा दौड़े चले आते हैं।) 🥥 🎀 🙌 🧿 🌈

6. अनमोल सांस्कृतिक खजाना
मेला कोंकण की इस संस्कृति का आईना है,
पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही भक्ति की यह विरासत।
उन रात के खेलों से, यह मेला उत्सव रंग जाता है,
शिरवाल की इस मिट्टी में, दिव्य महिमा चमकती है।

(मतलब: यह उत्सव कोंकणी संस्कृति की विरासत है, जहाँ रात की रस्मों से मेले की सुंदरता और बढ़ जाती है।) 🎭 🌙 📜 🚩 💫

7. चरणों में झुककर प्रार्थना करना
हे भगवान, सबको खुश रखना, यही अंदर की उम्मीद है,
अगले साल फिर आना, भक्ति भावना के साथ।
सतेरी के महान व्यक्ति का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहे,
आज इस मेले के इस अवसर पर हम आपको शुभकामनाएँ देते हैं।

(अर्थ: कवि ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वह सभी को आशीर्वाद दे और हमें हर साल उसके दर्शन करने का अवसर दे।) 🙏 💖 🛐 🚩 🕊�

॥ इमोजी समरी (इमोजी समरी) ॥
📅 ➡️ 🚩 ➡️ 🥁 ➡️ 🎡 ➡️ 🤝 ➡️ 🎭 ➡️ 🙏

--अतुल परब
--दिनांक-30.12.2025-मंगळवार.
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