॥ विष्णु-विट्ठल दर्शन: एकादशी भक्ति समारोह ॥🌊 ➡️ 🏛️ ➡️ 📿 ➡️ 👨‍👩‍👦 ➡️ 🥁 ➡️

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 09:19:55 PM

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Atul Kaviraje

विष्णु मंदिरों में भीड़: एकादशी के मौके पर पंढरपुर, कोल्हापुर और नासिक जैसे बड़े तीर्थ स्थलों पर खास पूजा और दर्शन का आयोजन किया जाता है।
पंढरपुर और विष्णु मंदिर: एकादशी के कारण, पंढरपुर समेत महाराष्ट्र के सभी विट्ठल-रुक्मिणी और विष्णु मंदिरों में भक्तों की भीड़ रहती है।
महालक्ष्मी मंदिर, अहमदाबाद/मुंबई जैसे बड़े मंदिरों में हर दिन, खासकर एकादशी पर रेगुलर पूजा और आरती होती है।
'एकादशी स्पेशल पेठ पूजा' / दर्शन स्थानीय मंदिरों में बढ़ जाते हैं क्योंकि भक्त अपने व्रत पूरे करते हैं और अपने परिवार के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।

मंगलवार, 30 दिसंबर, 2025 को 'पुत्रदा एकादशी' के मौके पर महाराष्ट्र के विट्ठल-विष्णु मंदिरों के चैतन्य और भक्ति पर आधारित एक खास रसीली मराठी कविता पेश है।

॥ विष्णु-विट्ठल दर्शन: एकादशी भक्ति समारोह ॥

1. पंढरी के चैतन्य
पुत्रदा एकादशी समारोह, पंढरपुर आज,
लाखों वैष्णव विठु के दर्शन के लिए इकट्ठा हुए।
चंद्रभागा का रेगिस्तान, नाम का यह अलार्म गूंज रहा है,
भक्ति के इस सागर में, नज़रें विट्ठल पर टिकी हैं।

(मतलब: पुत्रदा एकादशी के मौके पर पंढरपुर में विट्ठल के दर्शन के लिए वारकरियों और भक्तों की भारी भीड़ जमा हुई है और पूरा माहौल विट्ठल से भर गया है।) 🌊 🚩 👣 🥁 ✨

2. विष्णु मंदिरों की रौनक
नासिक और कोल्हापुर शहरों में विष्णु-लक्ष्मी का यह नजारा,
मंदिरों के शिखर पर भक्ति का यह घाट दिखाई दे रहा है।
अहमदाबाद से मुंबई तक महालक्ष्मी की पूजा हो रही है,
इस एकादशी के दिन खुशियों के दरवाजे खुल गए हैं।

(मतलब: मुंबई-अहमदाबाद के साथ नासिक और कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिरों में विष्णु-लक्ष्मी की पूजा के लिए बहुत उत्साह है, और भक्तों की लाइनें लग गई हैं।) 🏛� 👑 🪔 🌼 🕉�

3. खास पूजा और अभिषेक
आज विष्णु के चरणों में मंगल आरती और अभिषेक होता है,
तुलसी की माला से भगवान का रूप और निखरता है।
पीला पीताम्बर जलाया जाता है, मूर्ति श्याम हरि की होती है,
भक्तों की इस भीड़ में, दर्शन करना ही आकर्षण होता है।

(मतलब: एकादशी के दिन भगवान विष्णु का अभिषेक तुलसी की माला चढ़ाकर किया जाता है, जिससे भगवान का दिव्य रूप बहुत मनमोहक लगता है।) 💧 📿 🌿 🧥 🙏

4. लोकल मंदिरों में उत्साह
गांवों के मंदिरों में 'पेठ पूजा' खास होती है,
भक्तों की इस प्रार्थना से मुसीबत का साया दूर हो जाता है।
घर पर व्रत और विष्णु स्तोत्र का पाठ,
एकादशी के व्रत से मन शुद्ध होता है।

(मतलब: लोकल मंदिरों में खास पूजा होती है और भक्त अपने परिवार की भलाई के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगते हैं।) 🏘� 🕯� 📖 🛐 🧿

5. परिवार की भलाई और आशीर्वाद
बच्चों की खुशी की कामना, भक्त विष्णु के चरणों में रखते हैं,
वह सेहत और खुशहाली के नए सपने बिखेरती हैं।
विट्ठल-रुक्मिणी की जोड़ी ने, खुशियों का ये खजाना दिया,
एकादशी के पावन दिन, माँ आशीर्वाद देती हैं।

(मतलब: पुत्रदा एकादशी बच्चों की तरक्की और सेहत के लिए ज़रूरी मानी जाती है, इसलिए परिवार दर्शन के लिए उमड़ते हैं।) 👨�👩�👦 🍎 🛡� 🌈 🔱

6. भक्ति और अनुशासन का मेल
कतारों में खड़े भक्त, इस दर्शन में अनुशासित,
नामों के जाप से चकाचौंध, शरीर का भान भूल जाते हैं।
ताल-मृदंग की धुन पर, मन खुशी से झूम उठता है,
विष्णु की इस मौजूदगी में, भक्ति का रिश्ता खिल उठता है।

(मतलब: मंदिरों में भीड़ होने के बावजूद भक्त चुपचाप भगवान के दर्शन कर रहे हैं और नाम ले रहे हैं, यह भक्ति का एक बड़ा प्रतीक है।) 🚶�♂️ 🚶�♀️ 🎶 🥁 😊

7. चरणों में प्रणाम और समापन
पुत्रदा एकादशी का यह दिन, यह जीवन धन्य हो,
विष्णु की इस भक्ति से, सभी का भविष्य उज्ज्वल हो।
अगली बार हम फिर आएं, यही मुख से प्रार्थना है,
हे भगवान, आपके चरणों में प्रणाम करने वाले भक्तों को सुख और शांति मिले।

(मतलब: कवि भगवान विष्णु के चरणों में प्रार्थना करते हैं कि इस एकादशी का व्रत सभी का भविष्य उज्ज्वल बनाए और सभी को शांति मिले।) 🙏 💖 🛐 🚩 ✨

॥ इमोजी सारांश ॥
🌊 ➡️ 🏛� ➡️ 📿 ➡️ 👨�👩�👦 ➡️ 🥁 ➡️ 🙏 ➡️ 🚩

--अतुल परब
--दिनांक-30.12.2025-मंगळवार.
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