॥ संत कवि दासगणू: भक्ति का रसीला झरना ॥🙏 🌈 🛤️ 🔱🗓️ 🌅 🙇‍♂️ 💎

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 10:37:43 PM

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Atul Kaviraje

दासगणू महाराज जयंती-गोरटा, जिल्हा-नांदेड-

आज के वाल्मीकि, संत सद्गुरु दासगणू महाराज (जन्मस्थान: गोरटा, ज़िला नांदेड़) के 31 दिसंबर, 2025 को उनके जन्मदिवस के मौके पर उनके चरणों में समर्पित एक भक्ति कविता।

॥ संत कवि दासगणू: भक्ति का रसीला झरना ॥

1. नांदेड़ की यह पवित्र धरती
गोरटा गाँव बहुत सुंदर है।
दासगणू का जन्म जाहला में हुआ, धन्य जाहला में वह मंदिर।
गणेश दत्तात्रेय सहस्रबुद्धे, जिनका नाम महान था।
साईनाथ की कृपा, भक्ति की गहरी बाढ़।
🚩 🏡 ✨ 🙏

2. आज के वाल्मीकि
संतों की गाई हुई जीवनी।
भक्ति लीलामृत, संत कथामृत, लिखी पवित्र किताबें।
इस कीर्तन से ही लोगों को जगाया।
विट्ठल-साईं-गजानन, दिन-रात चिंतन किया।
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3. शिरडी के उस साईं राय का प्रिय दास बन गया।
गुरु के आदेश पर उसने अपनी कविता को सिद्ध किया।
'रहिमतपुर' छोड़कर, वह आया और भक्ति का युद्ध शुरू किया।
आज भी गोरता शहर में उसके नाम का उत्सव चल रहा है।
👨�🏫 👣 📿 🕌

4. सरल स्वर बहे और तुकबंदियों में मिठास घुली।
भक्तों के इन हृदयों में, भक्ति का बीज बोया।
पाद-अभंग और आरती, आज घर-घर जाकर।
दासगणू के इन वचनों से, लोगों को सुख और शांति का लाभ मिले।
🗣� 🍯 📖 🕊�

5. नांदेड़ जिले के भूषण संतों का लाभ है।
गोरता गांव वालों की भक्ति का यह खुशबूदार जाल बह रहा है।
जन्मोत्सव के दिन भक्तों का जमावड़ा लगता है, गीतों की मिठास और किरदार।
हमें इन दासगणू के आदर्श को अपने मन में रखना चाहिए।
📍 🌸 🎊 🤝

6. यह साल का आखिरी दिन है
भागवत एकादशी का त्योहार।
ऐसे पवित्र मौके पर उनका जीवन धन्य हो गया।
गुरुभक्ति का रास्ता दिखाकर उन्होंने दुनिया का कल्याण किया।
उनके चरणों में सिर झुकाकर, आइए हम उन्हें याद करें।
🗓� 🌅 🙇�♂️ 💎

7. सद्गुरु दासगणू मौली
हमें कृपा का खजाना दो।
आपके शब्दों की मिठास से, भक्ति का बगीचा खिले।
अगले साल की यात्रा पर आपका आशीर्वाद बना रहे।
अंदर के सभी अज्ञान और झगड़े खत्म हो जाएं। 🙏 🌈 🛤� 🔱

कविता का छोटा मतलब
यह कविता सद्गुरु दासगणू महाराज के काम की बड़ाई करती है। नांदेड़ ज़िले के गोरटा में जन्मे दासगणू महाराज साईं बाबा के अनन्य भक्त थे। उन्होंने कई संतों की जीवनियाँ लिखीं और 'मॉडर्न वाल्मीकि' का टाइटल पाया। जैसा कि हम 31 दिसंबर को उनकी जयंती मनाते हैं, इस कविता का मकसद हमें उनके दिए भक्ति के रास्ते पर चलने का संकल्प दिलाना है।

इमोजी समरी
🚩 (भक्ति ध्वज) • 🏡 (जन्म स्थान) • ✨ (दिव्य तेज) • 🙏 (नमन) • 📚 (पवित्र ग्रंथ) • ✍️ (लेखन) • 🎻 (कीर्तन) • 📿 (माला) • 🕌 (साई कृपा) • 🌸 (सुगंधित भक्ति) • 🎊 (जयंती उत्सव) • 🗓� (31 दिसंबर) • 🛤� (जीवन पथ)

--अतुल परब
--दिनांक-31.12.2025-बुधवार.
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