॥ पुत्रदा एकादशी: सुख-समृद्धि का आशीर्वाद ॥☀️ 🥣 🎁 🙌🎊 🛤️ 🚢 🕉️

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 10:38:36 PM

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Atul Kaviraje

पुत्रदा एकादशी पारण: 30 दिसंबर को पुत्रदा एकादशी है, इस दिन व्रत तोड़ा जाता है (पारण)।
पौष पुत्रदा एकादशी / दूसरी पौष पुत्रदा एकादशी
पौष पौष एकादशी का व्रत 30 दिसंबर से शुरू होता है और 31 दिसंबर की सुबह तक रहता है; 31 दिसंबर को इसका पारायण (व्रत की शुरुआत/समापन) होता है।
यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है और खास तौर पर बेटे/परिवार की भलाई, खुशहाली, सुख और शांति के लिए की जाती है।
इसे वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी और गौना पौष पुत्रदा एकादशी के तौर पर भी माना जाता है।
पौष पुत्रदा एकादशी व्रत – व्रत का जाप सुबह/दोपहर की पूजा के साथ किया जा सकता है।
भगवान विष्णु की पूजा, विष्णु सहस्रनाम, कीर्तन, भक्ति गीत वगैरह धार्मिक प्रोग्राम।
वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी: भगवान विष्णु को समर्पित यह एकादशी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। वारकरी संप्रदाय और वैष्णव परंपरा में इस दिन व्रत रखा जाता है।
गौना पुत्रदा एकादशी: कुछ पंचांगों के अनुसार, इस दिन गौना एकादशी मनाई जाएगी
गौना पौष पुत्रदा एकादशी / वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी
पौष पौष एकादशी 30 दिसंबर से शुरू होकर 31 दिसंबर की सुबह तक रहेगी और व्रत 31 तारीख को पूरा होगा। यह एकादशी श्री विष्णुजी की भक्ति के लिए बहुत शुभ मानी जाती है।

31 दिसंबर 2025 को 'पुत्रदा एकादशी पारणा' और 'वैष्णव पुत्रदा एकादशी' के मौके पर भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित एक भक्ति कविता।

॥ पुत्रदा एकादशी: सुख-समृद्धि का आशीर्वाद ॥

1. पौष का महीना आया, पुत्रदा एकादशी का त्योहार।
विष्णु के चरणों में भक्ति अर्पित करके, आज यह जीवन धन्य हो गया।
व्रत का संकल्प लिया, उस शुद्ध आसक्ति को मन में रखा।
विष्णु का नाम याद करके, भक्ति का स्वाद बहुत मीठा लगा।
❄️ 🕉� 🙏 ✨

2. 30 दिसंबर को शुरू किया।
यह व्रत 31 तारीख को पूरा हुआ।
पारायण का शुभ समय, वैष्णवों का मन खुश हो गया।
पुत्र और परिवार के लिए, ईश्वरीय आशीर्वाद मांगा गया।
घर में सुख-शांति भर गई, मन के सारे झगड़े सुलझ गए।

3. वैष्णव परंपरा का यह मार्ग
विट्ठल-विष्णु एक का रूप है।
उपवास से शरीर पवित्र होता है, जैसे चंदन की धूप से जलता है।
पराधीन और वैष्णव के भेद से परे, भक्ति की एकता का भाव।
इस दुख के सागर से, विष्णु ही हमारा नाम बचाते हैं।

4. विष्णु का एक चेहरा हज़ार चेहरों वाला होना चाहिए
अंदर, नाम का लगातार जाप।
तुलसीहार और पीला पीतांबर हरि के चरणों में चढ़ाना चाहिए।
कीर्तन और भक्ति गीतों से, आसमान गूंजता है।
चेतना की इस ऊर्जा से, जीवन का अंत मिट जाता है। 📖 🎻 🌿 🌟

5. पुत्रदा नाम सार्थक है
वंश को लंबी आयु मिले।
भक्ति से कुल चमके, सबका भविष्य मंगलमय हो।
विष्णु समृद्धि और विवाह के महान वरदान हैं।
जो कोई भी इसे विश्वास के साथ रखेगा, उसकी किस्मत चमकेगी।
🧒 🛡� 💎 🌈

6. यह साल का आखिरी दिन है
यह भागवत धर्म का रिवाज है।
पुराने साल को अलविदा कहते हुए, मैं अपने दिल में विष्णु के प्रेम का गान करता हूं।
अगले साल की यात्रा के लिए भक्ति का यह सहारा मिल जाए।
विठोबा की इस कृपा से जीवन का सागर पार हो जाएगा।
🎊 🛤� 🚢 🕉�

7. आज सुबह के पहर में
यह व्रत अच्छे मन से तोड़ा जाए।
दान और पुण्य को श्रेष्ठ समझो और हरि को याद करो।
पुत्रदा एकादशी के व्रत से सबकी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
विष्णु के चरणों में यही प्रार्थना है, सभी लोगों को सुख मिले।
☀️ 🥣 🎁 🙌

कविता का छोटा मतलब
यह कविता पुत्रदा एकादशी के पारण और इस व्रत के महत्व के बारे में है। 30 दिसंबर को शुरू हुआ यह व्रत 31 दिसंबर को खत्म होगा। भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत परिवार की भलाई, बच्चों की तरक्की और घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए किया जाता है। साल के आखिरी दिन इस व्रत को पूरा करना एक आध्यात्मिक मौका है।

इमोजी समरी
❄️ (पौष महीना) • 🕉� (विष्णु सिद्धांत) • 🙏 (प्रार्थना) • 🗓� (31 दिसंबर) • 🌅 (सूर्योदय/पारणा) • 👨�👩�👧�👦 (परिवार कल्याण) • 📿 (नामस्मरण) • 🌿 (तुलसा) • 🛡� (सुरक्षा) • 💎 (समृद्धि) • 🚢 (मोक्ष का मार्ग) • 🥣 (व्रत तोड़ना) • 🙌 (आभार)

--अतुल परब
--दिनांक-31.12.2025-बुधवार.
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