॥ शिव-शक्ति का प्रदोष काल: कल्याण की सुबह ॥🙏 🌺 🚩 🕉️🥣 📖 🧘‍♂️ 💎

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 10:39:25 PM

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Atul Kaviraje

प्रदोष व्रत: इस दिन प्रदोष व्रत भी रखा जाता है। यह दिन भगवान शिव की पूजा के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
प्रदोष व्रत शुरू: क्योंकि रात द्वादशी को खत्म होती है और त्रयोदशी से शुरू होती है, इसलिए इस दिन शाम से ही प्रदोष व्रत की तैयारी शुरू हो जाती है।

31 दिसंबर 2025 को आने वाले 'प्रदोष व्रत' के मौके पर भगवान शिव शंकर के चरणों में समर्पित एक भक्ति कविता।

॥ शिव-शक्ति का प्रदोष काल: कल्याण की सुबह ॥

1. साल का यह आखिरी दिन
गोधूलि बेला सुनहरी है।
प्रदोष काल शिव भक्ति का है, रास्ता भाग्य का है।
द्वादशी सरुनी त्रयोदशी का दिन शुरू होता है, शंकर का यह दिन खास है।
कैलाशपति के चरणों में लगाओ, यह मधुर भक्ति भक्ति।
🌅 🔱 🕉� ✨

2. शाम को शिव पूजा
बिल्वदल की यह खुशबू।
पिंडी का अभिषेक करने से दुनिया के बंधन टूट जाते हैं।
नंदी पर चढ़कर, वह महादेव से मिलने आती है।
प्रदोष काल में, भक्तों, इस सृष्टि का कल्याण हो। 🐃 🕯� 🧘�♂️ 🏔�

3. 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करने से
मन को पूरी शांति मिलती है।
अज्ञान का अंधेरा दूर होता है, ज्ञान का यह प्रकाश तेज होता है।
शिव के स्मरण से पाप और बुखार तुरंत नष्ट हो जाते हैं।
भक्तों की इस पुकार पर शंकर भोले दौड़े चले आते हैं।
📿 🔥 🔱 🕊�

4. त्रयोदशी की आज शाम
डफली की आवाज गूंज रही है।
माथे पर राख लगी है, यह तन की बेफिक्री है।
चंद्रभाली नीली आवाज वाली है, जो सबकी रक्षा करती है।
वह प्रदोष व्रत के असर, परेशानियों को खत्म करती है। 🥁 🌙 🐍 🛡�

5. सती-पार्वती के साथ
अर्धनारीश्वर का रूप सुंदर है।
भक्ति का यह दिव्य झरना निरंतर बहता रहे।
आइए साल को विदा करें, और शिव को याद करें।
आइए खुशियों की अगली यात्रा के लिए कैलाशपति को याद करें।
👸 🔱 🎨 🛤�

6. व्रत और पूजा से,
मन बेहद पवित्र हो।
शिव के इस प्रेम में, मन पूर्ण बुद्ध बन जाए।
प्रदोष की यह महिमा महान है, पुराणों का गान है।
शंकर के इस दरबार में, यही मुक्ति का साधन है।
🥣 📖 🧘�♂️ 💎

7. मैं शिव शंभुला को नमन करता हूँ
त्रिलोकी के स्वामी।
सबका भला हो, यही मेरी अंदर की प्रार्थना है।
प्रदोष व्रत पूरा हुआ, शिव की कृपा हमेशा बनी रहे।
जीवन का यह सुंदर बगीचा, हमेशा खूब खिले।
🙏 🌺 🚩 🕉�

कविता का छोटा मतलब
यह कविता प्रदोष व्रत का महत्व बताती है। चूंकि यह 31 दिसंबर, 2025 की शाम को खत्म हो रहा है और त्रयोदशी के दिन पड़ रहा है, इसलिए प्रदोष काल का महत्व और भी बढ़ गया है। इस दिन भगवान शंकर की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मानसिक शांति मिलती है। साल का अंत शिव स्मरण के साथ करना बहुत शुभ माना जाता है।

इमोजी समरी
🌅 (शाम) • 🔱 (त्रिशूल) • 🕉� (ओमकारा) • ✨ (देवता) • 🐃 (नंदी) • 🕯� (पूजा लैंप) • 📿 (माला) • 🥁 (डमरू) • 🌙 (चंद्रकोर) • 🐍 (सांप) • 🧘�♂️ (ध्यान) • 🌺 (बेलफूल) • 🙏 (नमन)

--अतुल परब
--दिनांक-31.12.2025-बुधवार.
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