॥ कूर्म द्वादशी: हिम्मत का दिव्य सहारा ॥🙏 🐢 🌸 🕉️🗓️ 🌊 🐢 🌈

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 10:40:19 PM

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Atul Kaviraje

कूर्म द्वादशी: इस दिन भगवान विष्णु के 'कूर्म' (कछुआ) अवतार की पूजा की जाती है।
कूर्म द्वादशी / तैलंग स्वामी जयंती
द्वादशी के दिन, कुछ इलाकों में कूर्म देवता की पूजा की जाती है।
कूर्म द्वादशी: इस दिन भगवान विष्णु के कूर्म (कछुआ) अवतार की पूजा की जाती है।
द्वादशी तिथि (कूर्म द्वादशी)
द्वादशी तिथि 31 दिसंबर को दोपहर के बाद शुरू होती है और इसे दिन की एक महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है।

31 दिसंबर 2025 को आने वाली 'कूर्म द्वादशी' के मौके पर भगवान विष्णु के कूर्म (कछुए) अवतार पर आधारित एक दिल को छू लेने वाली कविता यहाँ है।

॥ कूर्म द्वादशी: हिम्मत का दिव्य सहारा ॥

1. क्षीरसागर का मंथन
देवताओं और राक्षसों के हाथों हुआ था।
इस समुद्र के पानी से मंडाचल पर्वत हिलने लगा था।
तब विष्णु ने कूर्म रूप लिया, पर्वत का बोझ अपनी पीठ पर उठाया।
अडिग रहकर, सहारा दिया, और दुनिया को बचाया।
🌊 🐢 ⛰️ ☸️

2. कूर्म द्वादशी का दिन शुभ है
आइए हम विष्णु के रूप की पूजा करें।
हिम्मत का यह प्रतीक महान है, आइए हम अपना शरीर का होश खो दें।
कछुए की तरह, अपनी इंद्रियों को ढकें, और अंदर श्री हरि का जाप करें।
संकट के समय वही भागता है, जो अडिग और बहादुर होता है।
🕯� 🐢 🧘�♂️ ✨

3. मंथन से निकले रत्न
वह रोशनी पूरी दुनिया में फैल गई।
लक्ष्मी और धन्वंतरि का, दुनिया यह वास बन गई।
लेकिन इन सबका मूल आधार, वह कूर्म रूपी भगवान।
उनकी कृपा से मुश्किल काम भी सफल और शांतिपूर्ण होते थे।
💎 👸 🍯 🌟

4. पहाड़ को बड़ी पीठ पर ढोया
कोई घमंड या सम्मान नहीं।
अडिग रहकर काम करना, यही कूर्म का महान वरदान है।
जब हमारी ज़िंदगी में भी मुसीबतों का बड़ा पहाड़ आ जाए।
हमें कूर्म रूप को याद करना चाहिए, तो मुसीबत दूर हो जाएगी। 🐢 🛡� 🛶 🙏

5. आज तैलंग स्वामी की जयंती भी है
काशी के ये चलते-फिरते देवता।
जिनमें शांति बसती है, और ऐसा पवित्र एहसास।
विष्णु और संतों की शक्ति, आज एक हो गई है।
भक्ति का यह रसीला झरना हम सभी में बहे।
🔱 🧘 👣 🚩

6. यह साल का आखिरी दिन है
यह बारहवें दिन का शुभ समय है।
कूर्म के इस संयम से, हम अपना रास्ता सीखें।
मन की बेचैनी को त्यागें, और हरि के चरणों में अडिग रहें।
जीवन में सुख और संतोष का यह बीजारोपण हो।
🗓� 🌊 🐢 🌈

7. मैं कूर्म भगवान को नमन करता हूँ
ब्रह्मांड के सहारे।
आपकी कृपा से इस दुनिया का सारा बोझ सहने लायक हो जाए।
अगले साल की दहलीज़ पर, मुझे ऐसा आशीर्वाद देना।
सारे दुख और यह अंदर की अनदेखी गायब हो जाए।
🙏 🐢 🌸 🕉�

कविता का छोटा मतलब
यह कविता भगवान विष्णु के कूर्म (कछुआ) अवतार का महत्व बताती है। समुद्र मंथन के दौरान जब मंडाचल पर्वत डूबने लगा, तो विष्णु ने कूर्म का रूप लिया और उसे अपनी पीठ पर उठा लिया। यह रूप हमें हिम्मत, स्थिरता और इंद्रियों पर काबू रखना सिखाता है। इस दिन, 31 दिसंबर को कूर्म द्वादशी और तैलंग स्वामी जयंती एक साथ हैं, जो भक्ति के लिए बहुत शुभ है।

इमोजी समरी
🌊 (क्षीरसागर) • 🐢 (कूर्म अवतार) • ⛰️ (मंदाचल पर्वत) • ☸️ (विष्णु चक्र) • ✨ (दिव्यता) • 💎 (रत्न) • 🍯 (अमृत) • 🛡� (सुरक्षा) • 🧘 (स्थिरता) • 🗓� (31 दिसंबर) • 🌈 (आनंद) • 🌸 (भक्ति फूल)

--अतुल परब
--दिनांक-31.12.2025-बुधवार.
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