॥ विष्णु भक्ति की महिमा: पुत्रदा एकादशी पर्व ॥🙌 🌸 🚩 🕉️🗓️ 🌈 🛤️ 🔱

Started by Atul Kaviraje, December 31, 2025, 10:43:32 PM

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Atul Kaviraje

वैष्णव/हिंदू धार्मिक त्योहार और पूजा
वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी और गौना पौष पुत्रदा एकादशी ऐसे दिन हैं जब विष्णु भक्ति से जुड़े रीति-रिवाज/पूजा की जाती है।

31 दिसंबर 2025 को आने वाली 'वैष्णव और नाबालिग पौष पुत्रदा एकादशी' के मौके पर भगवान विष्णु की भक्ति पर आधारित एक रसीली और इमोशनल कविता पेश है।

॥ विष्णु भक्ति की महिमा: पुत्रदा एकादशी पर्व ॥

1. पौष महीने की यह एकादशी
वैक्षणवास का पर्व महान है।
आज विष्णु के चरणों में भक्ति का यह सैलाब और बढ़ गया है।
पुत्रदा नाम की महिमा पूरी दुनिया को पता चले।
हरि नाम के इस जाप से जीवन का फंदा टूट जाता है।
🌊 🕉� 📿 🙏

2. चाहे नाबालिग हो या वैष्णव परंपरा
भक्ति का यह भाव एक है।
संसार भव सागर से मुक्ति, हरि नाम ही है।
व्रत और पूजा से, शरीर पवित्र हो जाएगा।
नारायण के इस स्मरण से आज जीवन धन्य हो जाता है।
⚓ 🕯� 🧘�♂️ 🛶

3. पीताम्बर धारण करने वाले श्री हरि
शंख-चक्र-गदा धारण करने वाले हैं।
भक्तों के कल्याण के लिए वैकुंठ-विहारी खड़े हैं।
गले में तुलसी के पत्तों की माला और गले में कस्तूरी का टीला है।
द्रष्टा का रूप उपस्थित है, भक्ति का युद्ध शुरू होता है।
🐚 ☸️ 🌿 ✨

4. पुत्रदा एकादशी का आशीर्वाद
संतान को सुख और शांति मिले।
देवी कुल को बचाने के लिए यह प्रकाश बिखेरें।
बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो, और समृद्धि प्राप्त हो।
यह ज्ञान, जो सात्विक है, केवल विष्णु की कृपा से ही प्राप्त होता है। 🧒 🛡� 💎 🌟

5. विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया जाता है
हे मन, यह शांत हो जाता है।
साल के इस आखिरी दिन, वैकुंठ की कामना करनी चाहिए।
इस नाम का जाप करते समय, सारी चेतना खो जाती है।
भक्ति में सबसे ऊंचा ज्ञान जमा होता है।
📖 🎻 ⛩️ ❤️

6. 31 दिसंबर का यह योग
आइए आज इसे भक्ति से सजाएं।
पुराने साल की इस विदाई में, आइए हरि के चरणों की पूजा करें।
अगले साल का यह सफर सभी के लिए खुशहाल हो।
लक्ष्मी-नारायण की कृपा अनंत हो।
🗓� 🌈 🛤� 🔱

7. मैं भगवान विष्णु को नमन करता हूं
जो इस ब्रह्मांड के मालिक हैं।
आपका नाम मेरे होठों पर रहे, और आपका रूप मेरा शरीर हो।
पुत्रदा एकादशी के व्रत से मेरी सभी मनोकामनाएं पूरी हों।
भक्तों का यह जीवन सौभाग्य से भरा हो।
🙌 🌸 🚩 🕉�

कविता का छोटा मतलब
यह कविता पुत्रदा एकादशी के पवित्र त्योहार का महत्व बताती है। भगवान विष्णु को समर्पित यह एकादशी बच्चों की सेहत और परिवार की खुशहाली के लिए की जाती है। इस कविता का मुख्य संदेश यह है कि साल के आखिरी दिन (31 दिसंबर) विष्णु की पूजा और नाम जप करने से मन को शांति मिलती है और नए साल के लिए भगवान का आशीर्वाद मिलता है।

इमोजी समरी
🌊 (भक्ति का सागर) • 🕉� (विष्णु सिद्धांत) • 📿 (रोज़री) • 🙏 (प्रार्थना) • ⚓ (सपोर्ट) • 🕯� (पूजा की लौ) • 🛶 (लाइफ बोट) • 🐚 (शंख) • ☸️ (सुदर्शन चक्र) • 🌿 (तुलसा) • 🛡� (सुरक्षा) • 💎 (समृद्धि) • 📖 (शास्त्र पढ़ना) • 🗓� (31 दिसंबर) • 🙌 (आभार)

--अतुल परब
--दिनांक-31.12.2025-बुधवार.
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