"उत्तरायणरंभ: रोशनी का एक नया जश्न"❄️ ☀️ 🌍 📈 🌅 🌫️ ✨ 🔆 🏹 🕯️ 🕉️ 🔱 🚪 🧠

Started by Atul Kaviraje, January 01, 2026, 02:44:07 PM

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Atul Kaviraje

उत्तरायणIरंभ-

रविवार, 21 दिसंबर, 2025 को होने वाले 'उत्तरायणरंभ' के मौके पर, यह खास इमोशनल कविता सूरज के उत्तर की ओर सफ़र और रोशनी की जीत के बारे में बताती है।

कविता

टाइटल: "उत्तरायणरंभ: रोशनी का एक नया जश्न"

1. अब रात बीत गई है
अब रात बीत गई है, दिन लंबा होगा, उत्तरायण सूर्य देव, उत्तर की ओर झुकेंगे
कड़ाके की ठंड बीत जाएगी, धरती गर्म हो जाएगी, चेतना का स्पर्श महसूस हो, सृष्टि के इस जीव को
मतलब: 21 दिसंबर से रात छोटी और दिन बड़ा होने लगता है। जैसे-जैसे सूरज का उत्तर की ओर सफ़र शुरू होता है, धरती को नई गर्मी और चेतना मिलती है। इमोजी समरी: ❄️ ☀️ 🌍 📈 🌅

2. दक्षिणायन अब खत्म हो गया है
दक्षिणायन अब खत्म हो गया है, रोशनी की सुबह, प्रकृति के लिए खुशी की शॉल, कोहरे की वो लहर
अंधेरे को चीरती हुई, ये कोमल पीली किरणें, मन को एक नई ऊर्जा देती हैं, सुंदर जीवन और मृत्यु
मतलब: दक्षिणायन खत्म होता है और रोशनी का मौसम शुरू होता है। सूरज की कोमल किरणें इंसान के मन को जीने की नई उम्मीद और प्रेरणा देती हैं। इमोजी समरी: 🌫� ✨ 🔆 🏹 🕯�

3. मकर राशि की ओर झुकाव
मकर राशि की ओर झुकाव, नारायण तैयार हैं, देवताओं के लिए दिन उज्ज्वल है, उत्तरायण शुरू हो गया है
भीष्म पितामह भी इंतज़ार कर रहे हैं, इस पवित्र समय का, मुक्ति का यह मार्ग आगे है, धन्य है वह भाग्य
मतलब: उत्तरायण को देवताओं का दिन माना जाता है। असल में, भीष्म पितामह ने शरीर छोड़ने के लिए इस शुभ समय का इंतज़ार किया था। इमोजी समरी: 🏹 📜 🕉� 🔱 🚪

4. अज्ञान का अंधेरा दूर हो और
अज्ञान का अंधेरा दूर हो और, ज्ञान का यह प्रकाश आए, इंसानियत के रिश्ते में, फिर, पूरी दुनिया नहा जाए
तिलगुला की मिठास आ रही है, तैयारी शुरू हो गई है, सृष्टि की यह शानदार पालकी, उत्तर की ओर मुड़ी
मतलब: जैसे सूरज उत्तर की ओर मुड़ता है, वैसे ही हमारे मन का अज्ञान दूर हो और ज्ञान का प्रकाश आए। यह समय संक्रांति की मिठास की शुरुआत लाता है। इमोजी समरी: 🧠 🕯� 🍯 🍬 🎡

5. जानवर और पक्षी खुश हैं और
जानवर और पक्षी खुश हैं और, खेत में लहलहाती ये फसल, सूरज को देखने की ये दिशा, यही सही दिशा है
सेहत के देवता प्रकट हुए हैं, शरीर को एनर्जी दे रहे हैं, आइए इस शुभ अवसर पर श्रद्धा से सिर झुकाएं
मतलब: सूरज के लौटने से खेती और प्रकृति फलती-फूलती है। सेहत के देवता होने के नाते, वे हमारे शरीर में नई एनर्जी पैदा करते हैं। इमोजी समरी: 🌾 🐦 💪 🔋 🙏

6. हवा धीरे-धीरे चलती है
हवा धीरे-धीरे चलती है, शुभ ध्वनि घूम रही है, प्रकृति के इस चक्र पर, ईश्वर आपको प्रणाम करते हैं
अंधेरे से उजाले की ओर, हमारी यात्रा शुरू हो, स्वामी समर्थ की कृपा से, हर घर में खुशियाँ आएँ
मतलब: हम अंधेरे से उजाले (तमसो मा ज्योतिर्गमय) की ओर यात्रा करें और सभी खुश रहें।
इमोजी समरी: 🌊 🔔 👣 🕯� 🏠

7. 21 दिसंबर की यह तारीख
21 दिसंबर की यह तारीख, विज्ञान का वही आधार, दिन और रात का संतुलन बनाने के लिए, सूरज की यह नई फूंक
भास्कर, मैं आपको प्रणाम करता हूँ, दुनिया आपकी ऋणी है, आपके बिना, यह दुनिया कुछ भी नहीं, सिर्फ़ शून्य लगेगी
मतलब: 21 दिसंबर का यह दिन वैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण है। मैं सूरज की इस नई यात्रा को नमन करता हूँ, क्योंकि उसके बिना यह दुनिया कुछ भी नहीं है।

इमोजी समरी: 📅 🔭 ☀️ 🏆 ♾️

इमोजी समरी: ❄️ ☀️ 🌍 📈 🌅 🌫� ✨ 🔆 🏹 🕯� 🕉� 🔱 🚪 🧠 🍯 🍬 🎡 🌾 🐦 💪 🙏 🔔 👣 🏠 📅 🔭 🏆 ♾️

--अतुल परब
--दिनांक-21.12.2025-रविवार.
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