॥ श्री नृसिंह सरस्वती जयंती गौरव: दत्तप्रभु की दिव्य चमक।I🌅 🔱 ✨ 🚩 📿 📖 🧘‍♂️

Started by Atul Kaviraje, January 01, 2026, 04:54:17 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

श्री नृसिंह सरस्वती जयंती-

श्री नृसिंह सरस्वती स्वामी महाराज (दत्तगुरु के दूसरे अवतार) की जयंती (22 दिसंबर 2025, सोमवार) के मौके पर एक बहुत ही भक्ति से भरी, रसीली और मतलब भरी लंबी कविता।

॥ श्री नृसिंह सरस्वती जयंती गौरव: दत्तप्रभु की दिव्य चमक।

1. पहला चरण: कार्तिक वद्य प्रतिपदा, आज यह शुभ दिन आया है,
नृसिंह सरस्वती का जन्म हुआ, करंजा नगर में।
दत्तगुरु के दूसरे अवतार, यह चमक का सूरज महान है,
भक्तों के इन दिलों में, खुशी की चीख उठी।

🌅 🔱 ✨ 🏠 🚩

(मतलब: करंजा (लाड) में जन्मे श्री नृसिंह सरस्वती सचमुच दत्तगुरु के दूसरे अवतार हैं और उनके जन्म से हर जगह खुशी फैल गई है।)

2. दूसरा चरण: जन्म लेते ही उन्होंने अपने मुंह से 'ॐ' का उच्चारण किया,
वेदों का यह सागर, सचमुच धरती पर उतर आया।
माता-पिता का सौभाग्य बड़ा है, उन्हें यह रत्न मिला,
उन्होंने दुनिया को संकट से बचाने के लिए दिव्य प्रयास किया।

📿 📖 🧘�♂️ 🙏 💎

(मतलब: जन्म से ही केवल 'ॐ' बोलने वाले स्वामी ने वेदों का ज्ञान दिया। दुनिया के उद्धार के लिए उन्होंने जो यह अवतार लिया, वह बहुत लाभकारी है।)

3. तीसरा चरण: वाघोरी नदी के किनारे उन्होंने एक महान निवास बनाया,
अमरपुर और गंगापुर को उन्होंने भक्ति का साथ दिया।
दुष्टों का नाश किया, और सज्जनों को वरदान दिया,
स्वामी के इन चरणों में, पूरी दुनिया का सम्मान झुकता है।

🌊 🏘� 🔱 🙇�♂️ 🛡�

(मतलब: स्वामी ने अपने रहने से गंगापुर और नरसोबा की वाडी के पवित्र क्षेत्रों को पवित्र किया और भक्तों की रक्षा की।)

4. चौथा चरण: उन्होंने भक्तों के लिए एक ही समय में आठ रूप धारण किए,
उनकी लीला महान है, इस समय अमृत के समान।
कोई रोग से ग्रस्त है, कोई दुख से घिरा है,
स्वामी के एक दर्शन से, मार्ग सुख से भर जाता है।

🌀 🙌 🌸 🍯 🌈

(मतलब: स्वामी ने एक ही समय में आठ रूप धारण किए और भक्तों के घर मौजूद रहने का काम किया। उनके दर्शन से सभी दुख दूर हो जाते हैं।)

5. पांचवां पड़ाव: 'गुरुचरित्र', जिसका अमृत, जिसे पढ़ने से शांति मिलती है,
स्वामी के इस नाम से जीवन में एक बड़ी क्रांति आती है।
उन्होंने विश्वास और धैर्य का महामंत्र दिया,
भक्ति के इस मार्ग पर, यही असली तकनीक है।

📖 🕯� 🧘�♂️ 🐚 🕊�

(मतलब: श्री गुरुचरित्र, यह किताब खुद स्वामी के चरित्र का वर्णन करती है, जिसे पढ़ने से मन को शांति मिलती है और जीवन को सही दिशा मिलती है।)

6. छठा पड़ाव: सोमवार का यह खास दिन, जयंती का यह शुभ समय,
यह बच्चा भक्ति के इस सागर में डूबा हुआ है।
हम आपका नाम जपें, हमें यह अटूट भक्ति प्रदान करें,
स्वामी, आपकी कृपा से, यह यात्रा सफल हो।

📅 🔔 🌊 🤗 ⏳

(अर्थ: इस सोमवार, 22 दिसंबर को, हम स्वामी के चरणों में नमन कर रहे हैं। उनकी कृपा से हमारे जीवन की यह यात्रा सहनीय हो।)

7. सातवां चरण: दिगंबर दिगंबर, श्रीपाद वल्लभ दिगंबर,
जयंती के इस दिन, भक्ति का यह झरना बहने दें।
नृसिंह सरस्वती महाराज, आप हमारी छाया हैं,
हम बच्चों के लिए, आप हमारी माँ हैं।

🎊 🚩 🥥 🤲 🕉�

(मतलब: हम स्वामी की जयंती 'दिगंबर...' के जाप के साथ मना रहे हैं। स्वामी हमारे सहारे और माँ हैं।)

इमोजी समरी
🌅 🔱 ✨ 🚩 📿 📖 🧘�♂️ 🙏 💎 🌊 🏘� 🙇�♂️ 🛡� 🌀 🙌 🌸 🍯 🌈 🕯� 🐚 🕊� 📅 🔔 🤗 ⏳ 🎊 🥥 🤲 🕉�

--अतुल परब
--दिनांक-22.12.2025-सोमवार.
===========================================