"रंधुमाली युद्धाची: होरपाल जगाची"💣 🔥 🌏 🌾 🍞 📉 💸 ⚠️ ⛽ ⚡ 🏗️ 📉 🛑 🏃‍♂️ 🎒

Started by Atul Kaviraje, January 01, 2026, 05:59:21 PM

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Atul Kaviraje

यूक्रेन-रूस युद्ध का वैश्विक प्रभाव-

रूस-यूक्रेन युद्ध के दुनिया भर में होने वाले नतीजों और शांति की ज़रूरत पर रोशनी डालती एक गंभीर, मतलब वाली और मज़ेदार मराठी कविता पेश है।

🌍 रूस-यूक्रेन युद्ध: एक टकराव का दुनिया भर में होने वाला झटका 🌍

कुछ समय से चल रहे इस युद्ध की वजह से सिर्फ़ दो देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया आर्थिक और इंसानी संकट में आ गई है। यह कविता उस दर्द और नतीजों को दिखाती है।

🕊� कविता 🕊�

टाइटल: "रंधुमाली युद्धाची: होरपाल जगाची"

1.
रूस और यूक्रेन में, युद्ध की आग भड़क उठी,
दोनों देशों के टकराव में, शांति का झुंड बिखर गया।
तोपों की उस गर्जना से, पूरी धरती कांप उठी,
इंसानियत का दिल, ज़ख्म भारी हो गया। 🇷🇺 🇺🇦 💣 🔥 🌏
(मतलब: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की वजह से दुनिया की शांति खत्म हो गई है। तोपों की आवाज़ ने पूरी धरती को हिला दिया है और इंसानियत को गहरा ज़ख्म हुआ है।)

2.
गेहूँ के वो खलिहान और खाने की ये कमी,
अकाल की मार के नीचे, दुनिया का ये टुकड़ा आ गया।
महंगाई की मार, आम लोगों के गले पड़ गई,
युद्ध का श्राप, गरीबों के चूल्हों पर पड़ गया। 🌾 🍞 📉 💸 ⚠️
(मतलब: यूक्रेन को दुनिया का फ़ूड रिज़र्व माना जाता है, लेकिन युद्ध की वजह से अनाज की कमी हो गई और दुनिया भर में महंगाई बहुत ज़्यादा बढ़ गई।)

3.
फ्यूल और एनर्जी में भी भारी अफ़रा-तफ़री मच गई,
इकॉनमी का साइकिल घूम गया, सब लाचार हो गए। फैक्ट्रियां और इंडस्ट्री, अब संकट में हैं,
डेवलपमेंट के ये कदम, जंग के मैदान में अटके हैं। ⛽ ⚡ 🏗� 📉 🛑
(मतलब: कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से ग्लोबल इकॉनमी चरमरा गई है। डेवलपमेंट का काम रुक गया है और हर जगह इकॉनमिक रिसेशन का साया छा गया है।)

4.
लाखों लोग रिफ्यूजी हैं, अपना वतन छोड़ दिया गया है,
भिखारियों की आंखों में, नमी अभी तक नहीं गई है।
किसी का परिवार छोड़ दिया गया है, किसी का रिश्ता खो गया है,
जंग की इस अफरा-तफरी में, मौत सस्ती हो जाती है। 🏃�♂️ 🎒 🏚� 😭 💔
(मतलब: लाखों लोग अपना घर छोड़कर बेघर हो गए हैं। बच्चे और बूढ़े परेशान हैं और कई लोगों ने अपनों को खो दिया है।)

5.
पर्यावरण की इस गिरावट से, हवा ज़हरीली हो गई है,
कुदरत के इस ज़ख्म पर, बताओ कौन सी दवा लगाऊं?
बम और मिसाइल, ये धुआं छोड़कर,
इस आने वाली पीढ़ी की खूबसूरत मिठास क्या है? 🚀 💨 🌳 ☣️ 🌫�
(मतलब: जंग में इस्तेमाल होने वाले हथियार पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। हवा ज़हरीली हो गई है और कुदरत का बैलेंस बिगड़ गया है।)

6.
हथियारों की होड़ में, हम इंसानियत भूल गए हैं,
बर्बादी की इस दहलीज़ पर, कोई अपनापन नहीं बचा है।
दुनिया का नक्शा अब खून से रंग गया है,
शांति का वो सफ़ेद झंडा, कहीं खो गया है। 🔫 ⚔️ 🩸 🏳� 🗺�
(मतलब: दुनिया हथियारों के पीछे भाग रही है, इंसानियत भूल रही है। खून-खराबे के इस दौर में, शांति का संदेश देने वाला झंडा गायब हो गया है।)

7.
चलो अब ये जंग बंद करते हैं, अपनी आंखों से आंसू पोंछते हैं,
इंसानियत के ये गीत एक बार फिर बजने दो।
बुद्ध और गांधी की, इस दुनिया को बातचीत की ज़रूरत है,
इस धरती को अब प्यार का ये सुर गाने दो। 🤝 🕊� 🧘�♂️ ❤️ 🌈
(मतलब: जंग रोकने का समय आ गया है। हमें हथियारों की नहीं, बातचीत की ज़रूरत है, ताकि धरती पर फिर से प्यार और शांति का राज हो सके।)

इमोजी समरी: 🇷🇺 🇺🇦 💣 🔥 🌏 🌾 🍞 📉 💸 ⚠️ ⛽ ⚡ 🏗� 📉 🛑 🏃�♂️ 🎒 🏚� 😭 💔 🚀 💨 🌳 ☣️ 🌫� 🔫 ⚔️ 🩸 🏳� 🗺� 🤝 🕊� 🧘�♂️ ❤️ 🌈

--अतुल परब
--दिनांक-23.12.2025-मंगळवार.
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