✍️ शीर्षक: साने गुरुजी: मानवता का कोमल वसंत ✍️🙏🕯️🌟🌱🤍🇮🇳🏹✊

Started by Atul Kaviraje, January 01, 2026, 07:09:20 PM

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Atul Kaviraje

साने गुरुजी जयंती-

यह भारतीय साहित्य के महान व्यक्ति और अमर कृति 'श्यामची आई' के रचयिता साने गुरुजी को उनकी जयंती (24 दिसंबर, 2025) पर समर्पित एक श्रद्धांजलि कविता है:

✍️ शीर्षक: साने गुरुजी: मानवता का कोमल वसंत ✍️

पवित्र जयंती का उत्सव, इस दिसंबर की रिमझिम बारिश, और वह बुधवार की सुबह,
समय साने गुरुजी की यादों से परेशान था।
24 दिसंबर का यह दिन, जयंती का बड़ा उत्सव,
जो मानवता का मंत्र देता है, इस गुरुजी की लड़ाई फायदेमंद थी।

(मतलब: साने गुरुजी की जयंती 24 दिसंबर को है, और पूरा महाराष्ट्र इस महान गुरुजी की याद में खुशियां मना रहा है।) 🗓�🌸🎈✨

उन्होंने 'श्यामची आई' की सीढ़ियां और संस्कार आई की शिक्षाएं रखीं,
'श्यामची आई' किताब से उन्होंने संस्कार के मोती बिखेरे।
एक प्यारी मां का प्यार और इंसानियत की ये सीख,
गुरुजी की बातों की वजह से संस्कारों का यह गांव बना है।

(मतलब: गुरुजी ने अपने साहित्य के ज़रिए मां की अहमियत और बच्चों को दिए जाने वाले संस्कारों का एक सुंदर नज़ारा पेश किया है।) 📖🤱💎💖

जिन्होंने छुआछूत मिटाने के लिए उपवास और पंढरपुर विट्ठल मंदिर का आयोजन किया,
उन्होंने छुआछूत के भेद की सारी दीवारें तोड़ दीं।
यही उनकी ख्वाहिश थी कि सबको दर्शन मिलें,
वह विठू का पवित्र मंदिर बन गया, भक्ति की असीम यात्रा।

(मतलब: गुरुजी ने सत्याग्रह किया ताकि पंढरपुर मंदिर सबके लिए खुला हो और बराबरी के लिए लड़े।) 🚩🙌🤝🙏

बच्चों और प्रकृति से प्यार गुरुजी ने बच्चों को फूलों की तरह अपने कंधों पर उठाया,
उन्होंने प्रकृति की गोद में एक खूबसूरत दुनिया बसाई।
'खरा तो एक ही धर्म', उन्होंने गाने के ज़रिए यह मंत्र दिया,
उन्होंने इंसानियत के साथ जीने की आसान टेक्निक सिखाई।

(मतलब: गुरुजी बच्चों और प्रकृति से प्यार करते थे, उन्होंने दुनिया को बताया कि सिर्फ़ इंसानियत ही सच्चा धर्म है।) 🧒🌷🌳🌍

सादा जीवन और क्रांति खादी का वह पहनावा और, उनका सादा जीवन,
क्रांति के उस काम में, उन्होंने अपनी ज़िंदगी व्यवस्था के लिए लगा दी।
राष्ट्र सेवा दल के ज़रिए उन्होंने देशभक्ति की प्रेरणा दी,
कमज़ोर लोगों के हाथों में विचारों की शक्ति दी।

(मतलब: सादगी से जीवन जीकर गुरुजी ने देश की आज़ादी की लड़ाई और समाज को जगाने में बहुत बड़ा योगदान दिया।) 🤍🇮🇳🏹✊

साहित्य के ज़रिए इंसानियत की सेवा 'श्याम', 'मीठी कहानियाँ', साहित्य का यह खजाना,
किताबों के ज़रिए ज्ञान की इस बड़ी खाई को उन्होंने रोशन किया।
आँसुओं की उन बूंदों से, उनकी करुणा रिसती थी,
उन्होंने दुनिया की इस सेवा को, शब्द-शब्द में महसूस किया।

(मतलब: सिर्फ़ कहानियाँ ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति दया और करुणा भी उनके साहित्य से झलकती है।) 📝💧📚🤝

इस जयंती पर, हमारा संकल्प है कि गुरुजी, आपके पदचिन्हों पर, हम हमेशा चलेंगे,
हम हर घर में आपके विचारों का दीया जलाएंगे।
जयंती के इस शुभ दिन पर, हम विनम्र हैं,
हम आपके काम का यह बीज अपने दिलों में बोते हैं।

(मतलब: गुरुजी की जयंती के मौके पर, हम उनके विचारों के अनुसार जीने और इंसानियत को बचाने का संकल्प लेते हैं।) 🙏🕯�🌟🌱

✍️ इमोजी समरी
🗓� (जयंती) • 📖 (साहित्य) • 🤱 (माँ का प्यार) • 🤝 (समानता) • 🌷 (कोमलता) • 🇮🇳 (देशभक्ति) • ✊ (क्रांति) • ✨ (अभयारण्य) • 🙏 (सलाम) • 🌱 (नया अंकुर)

--अतुल परब
--दिनांक-24.12.2025-बुधवार.
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