विशालगढ़ किला: उर्स और नए साल की एकता-🌍🕊️🌈🎊🥁🕯️🙌💪

Started by Atul Kaviraje, January 01, 2026, 09:34:48 PM

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Atul Kaviraje

विशाळगड उरुस प्रारंभ-

गुरुवार, 1 जनवरी, 2026 को ऐतिहासिक विशालगढ़ किले पर हज़रत पीर मलिक रेहान मीरा साहेब का उर्स शुरू हो रहा है। धार्मिक सद्भाव और ऐतिहासिक विरासत की बात करती यह रसीली कविता:

.. विशालगढ़ उर्स शुरू: भक्ति का संगम..

टाइटल: विशालगढ़ किला: उर्स और नए साल की एकता

कड़वे 1
विशालगढ़ की इस ऊंची चोटी पर, भक्ति की हवा बहती है।
नए साल की इस पहली सुबह, विशालगढ़ की दीवारें उर्स से जगमगा रही हैं।
(मतलब: नए साल के पहले दिन, विशालगढ़ की ऐतिहासिक चोटी पर उर्स शुरू हो रहा है, जिससे किले में भक्ति का माहौल बन गया है।)

🏰🌅👣✨

कड़वे 2
मलिक रेहान मीरा साहेब का स्थान, हर सिर श्रद्धा से झुकता है।
राष्ट्रीय एकता के इस पवित्र समारोह में, भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा।
(मतलब: सभी धर्मों के लोग हज़रत पीर मलिक रेहान मीरा साहेब की दरगाह पर आस्था के साथ इकट्ठा होते हैं। यह उरुस सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।)
🤝🤲💚🚩

कड़वे 3
यह उरुस गुरुवार को शुरू हुआ, किस्मत की यह शुभ शुरुआत।
हवा में चंदन और खुशबू है, भक्ति के बहाव से दुख दूर हो जाता है।
(मतलब: गुरुवार के शुभ दिन उरुस शुरू होने से भक्तों में बहुत खुशी है। हर जगह इत्र और चंदन की खुशबू है।)
📅💛🌹🌬�

कड़वे 4
शिवाजी राजा की बहादुरी की यह धरती, जहाँ मलिक रेहान पीर मशहूर थे।
शक्ति और भक्ति का यह खूबसूरत संगम, इस किले का रंग उरुओं से सजा है।
(मतलब: जिस ज़मीन पर छत्रपति शिवाजी महाराज की बहादुरी मशहूर थी, वहां विशालगढ़ पर पीर साहेब का स्थान है। यहां बहादुरी और शांति का संगम देखने को मिलता है।)
🛡�⚔️🕌😇

कड़वे 5
गल्लब और चंदन इस दरवाज़े से निकलते हैं, सारे पहाड़ और घाटियां खुश हो जाती हैं।
यह जागा हुआ देवता जो नवसा पहुंचता है, यहां मन को नई ताकत और शक्ति मिलती है।
(मतलब: उरुसा काल में चंदन और गल्लब का जुलूस निकाला जाता है। यह जागा हुआ स्थान भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करता है।)
🥁🕯�🙌💪

कड़वे 6
यहां पवन खिंडी की याद जागी है, कुर्बानी की कहानियां मन को सुनाई जाती हैं।
आइए उरुसा के मौके पर सिर झुकाएं, आइए अपने जीवन को पवित्र विचारों से भरें।
(मतलब: विशालगढ़ का इतिहास पावन खिंडी से जुड़ा है। आइए उर्स के मौके पर इस ऐतिहासिक जगह पर माथा टेकें।)

कड़वा 7
यह नया साल खुशियां और शांति लाए, भारत के लोगों में मेल-मिलाप हो।
विशालगढ़ उर्स हमें यह संदेश दे, मन की सारी परेशानियां अब मिट जाएं।
(मतलब: यह उर्स सभी के लिए खुशी और शांति लाए और पूरे देश में भाईचारा बढ़ाए, यही मेरी भगवान से प्रार्थना है।)
🌍🕊�🌈🎊

इमोजी समरी
नीचे दिए गए सिंबल विशालगढ़ के इतिहास, उर्स और रूहानी मेलजोल को दिखाते हैं:

🏰 (विशालगढ़ किला) • 🌅 (नए साल की सुबह) • 👣 (जूते/चलना) • ✨ (दिव्यता) • 🤝 (भाईचारा) • 🤲 (दुआ/प्रार्थना) • 💚 (शांति का रंग) • 🚩 (इतिहास का बैनर) • 📅 (1 जनवरी) • 💛 (गुरुवार) • 🌹 (इत्र/गुलाब) • 🌬� (सुगंध) • 🛡� (रक्षा) • ⚔️ (ऐतिहासिक शौर्य) • 🕌 (तीर्थ/स्थान) • 😇 (आध्यात्मिक शांति) • 🥁 (नगाड़ा/जुलूस) • 🕯� (चंदन की लौ) • 🙌 (समर्पण) • 💪 (शक्ति) • 🔥 (बलिदान की स्मृति) • 🙏 (प्रणाम) • 💎 (पवित्र विचार) • 🌍 (विश्व शांति) • 🕊� (सुलह) • 🌈 (खुशी) • 🎊 (उरुस समारोह)

--अतुल परब
--दिनांक-01.01.2026-गुरुवार.
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