.. आदिमाता शाकंभरी: प्रकृति और खाने की जागृति।🙌 🌕 🌹 🎊 ✨ 📿 🏺 👣 🏠 🤝

Started by Atul Kaviraje, January 02, 2026, 10:53:17 PM

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Atul Kaviraje

शाकम्भरी नवरात्रि (शुरुआत): देवी शाकम्भरी की नवरात्रि आमतौर पर इसी दौरान शुरू होती है. यह अवधि देवी भगवती के 'शाकम्भरी' (अन्नपूर्णा रूप) के रूप की पूजा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.
शाकम्भरी नवरात्रि शुरू: शाकम्भरी नवरात्रि आज से शुरू हो रही है. यह अवधि पौष शुक्ल अष्टमी से पौष पूर्णिमा तक होती है. यह अवधि विशेष रूप से शाकाहारी भोजन के महत्व और प्रकृति में पौधों की पूजा के लिए जानी जाती है.
शाकम्भरी नवरात्रि (शुरुआत): शाकम्भरी नवरात्रि पौष शुद्ध अष्टमी से पौष पूर्णिमा तक मनाई जाती है. इस अवधि के दौरान देवी शाकम्भरी की पूजा की जाती है. कुछ परिवारों में, आज से देवी की विशेष पूजा शुरू होती है.
शाकम्भरी नवरात्रि (उत्तरार्द्ध): यह शाकम्भरी नवरात्रि उत्सव का एक महत्वपूर्ण दिन है. इस अवधि को देवी शाकम्भरी (अन्नपूर्णा रूप) की विशेष पूजा और प्रसाद चढ़ाने के लिए पवित्र माना जाता है.

शुक्रवार, 2 जनवरी, 2026 से शुरू होने वाले शाकंभरी नवरात्रि की शुरुआत के मौके पर, प्रकृति और खाने की देवी शाकंभरी पर आधारित एक लंबी और इमोशनल कविता पेश है:

.. आदिमाता शाकंभरी: प्रकृति और खाने की जागृति।

कड़वी 1
नवरात्रि की शुरुआत और माँ का आगमन
पौष शुक्ल अष्टमी के दिन, सौभाग्य का यह त्योहार आया है,
आज, शाकंभरी नवरात्रि की शुरुआत शुभ हो गई है।
प्रकृति की यह देवी, यह खाने की माँ, खाने की माँ थी, उनकी कृपा से, तब, सृष्टि पर मुस्कान छा गई। 🌿 🗓� 🙏 ✨ 🚩

मतलब: शाकंभरी नवरात्रि पौष शुद्ध अष्टमी से शुरू होती है। यह देवी प्रकृति और खाने की देवी है, और उनके आने से पूरी सृष्टि में खुशी और चेतना का माहौल बन जाता है।

कड़वा 2
शाकंभरी रूप और खाने का वरदान
जिसने अपने शरीर को तरह-तरह के जंगल से ढक रखा है,
जिसने भूखे संसार को खाने का यह घास दिया।
वह पूरी दुनिया में 'शाकंभरी' नाम से जानी जाती है, और अन्नपूर्णा के रूप में, वह हर घर पर राज करती है। 🥦 🥕 🌽 🍲 🍚

मतलब: देवी के शरीर से कई तरह के पौधे बने, इसलिए उन्हें 'शाकंभरी' कहा जाता है। वह अन्नपूर्णा का रूप हैं और दुनिया के सभी जीवों की भूख मिटाने का काम करती हैं।

कड़वा 3
पौधे और प्रकृति की पूजा
तरह-तरह की सब्जियां, फल और हरी पत्तियां,
मां की इस पूजा से, अभाव का यह सिलसिला खत्म होता है।
प्रकृति की रक्षा, पौधों के रूप में मां, जीवन की मिठास और प्रकृति की रक्षा से हमारी भक्ति खिलती है। 🍃 🍇 🍎 🪴 🌳

मतलब: इस नवरात्रि में देवी को अलग-अलग सब्ज़ियों और फलों से सजाया जाता है। पौधों की पूजा का मतलब है प्रकृति की पूजा, इसलिए हमारे जीवन में कभी भी खाने की कमी नहीं होती।

कड़वे 4
सूखा हटाने वाली और दयालू
जिन्होंने दुनिया को सूखे की मार से बचाया,
जिन्होंने अपनी दिव्य चमक से धरती को सजाया।
जिन्होंने आंसू बहाए, जिन्होंने प्यास बुझाई, ऐसी मां ने भक्ति की यह ज्योति जलाई। 💧 🌏 🛡� 🕯� 🧘�♀️

मतलब: पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब धरती पर बहुत बड़ा सूखा पड़ा था, तो देवी शाकंभरी ने अपने शरीर से सब्ज़ियां और फल बनाए और सबकी रक्षा की। वह सच में दया की सागर हैं।

कड़वे 5
सात्विक डाइट और हेल्थ
माँ शाकाहारी खाने का महत्व सिखाती हैं,
वो इंसानों में शुद्ध और सात्विक रवैया डालती हैं।
खाने में छिपा है सेहत का यही राज, माँ के इन आशीर्वादों से तन और मन मज़बूत बनते हैं। 🥗 🍎 💪 🧠 🍯

मतलब: शाकंभरी नवरात्रि हमें शाकाहार और प्रकृति के साथ रहने का महत्व सिखाती है। सात्विक खाना न सिर्फ़ तन बल्कि मन को भी शुद्ध और शक्तिशाली बनाता है।

कड़वे 6
घर में पूजा और रस्में
नौ दिन का त्योहार है, यही घट स्थापना है,
आइए आज श्रद्धा से माँ की यही प्रार्थना करें।
पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है, रस्में पूजा की हैं, आइए आज खुद को ज़मीन और अन्न का कर्ज़दार समझें। 📿 🏺 👣 🏠 🤝

मतलब: कुछ घरों में इस दौरान, घट स्थापना करके नौ दिनों तक देवी की खास पूजा की जाती है। यह सिर्फ़ एक धार्मिक काम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और धरती के प्रति आभार जताने का एक रिवाज़ है।

कड़वे 7
पूर्णिमा का समापन और आभार
अष्टमी से पूर्णिमा तक, यह सबसे पवित्र समय है,
यह शाकंभरी माँ का यूनिवर्सल चरित्र है।
हम अपना जीवन आपके चरणों में अर्पित करते हैं, हमें खुश और समृद्ध बनाएँ, हमारे सपने सच करें। 🙌 🌕 🌹 🎊 ✨

मतलब: यह नवरात्रि पौष की पूर्णिमा को खत्म होती है। प्रकृति का दिया देवी का यह रूप बहुत बड़ा है और हम सभी को उनके चरणों में सिर झुकाकर दुनिया की भलाई और खुशहाली के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

इमोजी समरी:
🌿 (नेचर) • 🗓� (डेट) • 🙏 (सैल्यूटेशन) • ✨ (ब्राइटनेस) • 🥦 (वेजिटेबल्स) • 🌽 (ग्रेन्स) • 🍲 (फूड) • 🍃 (पत्तियां) • 🍎 (फ्रूट्स) • 🌳 (ट्री) • 💧 (वाटर) • 🌏 (अर्थ) • 🛡� (प्रोटेक्शन) • 💪 (हेल्थ) • 🏺 (डेथ) • 🙌 (डेडीकेशन) • 🌕 (फुल) चंद्रमा)

--अतुल परब
--दिनांक-02.01.2026-शुक्रवार.
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