.. पौष पूर्णिमा प्रधान: चांद की रोशनी और भक्ति का उत्साह।🙌 👑 🌹 🎊 ✨🏠 🪔 🥥

Started by Atul Kaviraje, January 02, 2026, 10:55:35 PM

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Atul Kaviraje

पूर्णिमा शुरू: आज पौष पूर्णिमा शाम 06:54 बजे शुरू हो रही है। शाकंभरी पूर्णिमा कल, 3 जनवरी को मनाई जाएगी, लेकिन तिथि आज से ही शुरू हो रही है।

शुक्रवार, 2 जनवरी, 2026 को शाम को शुरू होने वाली पौष पूर्णिमा की शुरुआत के मौके पर पेश है एक भक्ति से भरी और रसीली लंबी मराठी कविता:

.. पौष पूर्णिमा प्रधान: चांद की रोशनी और भक्ति का उत्साह।

1. पूर्णिमा का शुभ उदय
शुक्रवार शाम,
एक शुभ समय लाया,
पौष पूर्णिमा की तारीख देखी,
नभा के आंगन सजे।
छह बजकर चौवन मिनट पर,
यह शुरुआत शुभ हुई,
भक्ति की यह दिव्य रोशनी,
पूरी दुनिया में फैल गई। 🗓� 🌅 🌕 ⏳ ✨

मतलब: पौष पूर्णिमा शुक्रवार, 2 जनवरी, 2026 को शाम 6:54 बजे शुरू हो रही है। इस शुभ तिथि की शुरुआत ने माहौल में एक अलग ही शुभता और उत्साह पैदा कर दिया है।

2. चांद की ठंडी और सफेद रोशनी
चांद मुस्कुराता है,
पूरा चांद आ गया है,
उसकी ठंडी रोशनी से,
आसमान शांत हो गया है।
अज्ञान का अंधेरा मिट गया है,
ज्ञान की यह सुबह हो,
इस पूरे चांद के साथ,
इस दुनिया में खुशियां और शांति आए। 🌙 🌌 ⚪ 🧘�♂️ 🌠

मतलब: पूरा चांद आसमान में अपने पूरे रूप में चमक रहा है। इसकी ठंडी चांदनी मन की बेचैनी दूर करती है और जीवन में शांति का संदेश लाती है।

3. शाकंभरी माता का पावन त्योहार
आज शाकंभरी नवरात्रि का दूसरा भाग है,
यह महीना है,
कल त्योहार मनाया जाएगा,
उस शाकंभरी पूर्णिमा का।
पेड़-पौधों और खाने की मां,
आइए उनकी पूजा करें,
इस तिथि की शुरुआत के साथ,
आइए आज शुभ काम शुरू करें। 🌿 🌽 🍲 🙏 📿

मतलब: पौष पूर्णिमा को 'शाकंभरी पूर्णिमा' के नाम से जाना जाता है। आज से तारीख शुरू हो गई है, इसलिए देवी शाकंभरी की पूजा और आराधना का समय पास आ गया है।

4. शिव-शक्ति की पूजा का समय
शुक्रवार और पूर्णिमा,
यह योग बहुत फलदायी है,
शिव और लक्ष्मी माता,
हमारे संरक्षक होंगे।
प्रदोष काल के इस समय,
आइए हम इस नाम का जाप करें,
भक्ति के इस सागर में,
हम खुशी से तैरेंगे। 🕉� 🔱 💰 🌺 🕯�

मतलब: शुक्रवार लक्ष्मी का दिन है और आज प्रदोष और पूर्णिमा एक साथ आए हैं। शिव और शक्ति की पूजा करने से जीवन में धन और संतुष्टि मिलती है।

[इमेज: मंदिर के शिखर के पीछे उगता हुआ पूर्णिमा का चांद, जिससे आस-पास चांदी जैसी चमक आ रही है]

5. दान, पुण्य और पवित्र स्नान
इस पूर्णिमा के दिन,
दान का बहुत महत्व है,
ज़रूरतमंदों की मदद करके,
हमें इंसानियत को बनाए रखना चाहिए।
पवित्र नदियों के पानी में,
हमें आस्था के साथ स्नान करना चाहिए,
दुख और पाप जल जाएंगे,
भगवान के इस स्मरण से। 💧 🤲 🌾 🌅 🧼

मतलब: पूर्णिमा पर दान और पवित्र नदियों में स्नान का शास्त्रों में महत्व है। इससे मन पवित्र होता है और पुण्य का फल मिलता है।

6. घर पर पूजा की तैयारी
कल के बड़े त्योहार के लिए,
तैयारियां आज से शुरू हो गई हैं,
सत्यनारायण पूजा का यह समय अब ��पास है।
रात की इस चांदनी में,
हमें अपना संकल्प बनाए रखना चाहिए,
हमें हमेशा सच्चाई और प्यार के रास्ते पर चलना चाहिए। 🏠 🪔 🥥 🕯� 🌈

मतलब: भले ही पूर्णिमा कल है, लेकिन कई घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं क्योंकि तारीख पहले ही शुरू हो चुकी है। असली मकसद भगवान से सच्चाई के रास्ते पर चलने के लिए बुद्धि मांगना है।

7. आभार और भक्ति का समापन
पूर्णिमा की इस शुरुआत पर,
भगवान, मैं आपको प्रणाम करता हूं,
आपका प्यार अटूट रहे,
यही हमारी आपकी सेवा है।
भक्ति की यह लौ हमारी है,
यह हमेशा जलती रहे,
चांदनी की इस गवाही के साथ,
दुनिया का भला हो। 🙌 👑 🌹 🎊 ✨

मतलब: आखिर में, आइए हम भगवान को प्रणाम करें और सभी की भलाई के लिए प्रार्थना करें। पूर्णिमा का यह शुभ समय हमारे जीवन में रोशनी और खुशी लाए।

इमोजी समरी:
🗓� (तारीख) • 🌅 (शाम) • 🌕 (पूर्णिमा) • ⏳ (समय) • ✨ (चमक) • 🌙 (चांदनी) • 🌌 (आसमान) • 🌿 (प्रकृति) • 🙏 (प्रणाम) • 🕉� (भक्ति) • 💰 (लक्ष्मी) • 💧 (स्नान) • 🤲 (दान) • 🏠 (घर) • 🙌 (समर्पण) • 🌹 (फूल)

--अतुल परब
--दिनांक-02.01.2026-शुक्रवार.
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