.. चांदनी का आना: पूर्णिमा का व्रत और भक्ति समारोह।🙌 👑 🌹 🎊 ✨🌿 🌽 🥦 🌳 🌏

Started by Atul Kaviraje, January 02, 2026, 10:57:57 PM

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Atul Kaviraje

धार्मिक महत्व: पूर्णिमा के आगमन पर चंद्र पूजा/व्रत की तैयारी।

धार्मिक महत्व: पूर्णिमा के आने की तैयारी और चांद पूजा/व्रत की तैयारी।

शुक्रवार, 2 जनवरी, 2026 को पूर्णिमा के आने और चांद पूजा/व्रत की तैयारी के मौके पर यहां एक दिल को छू लेने वाली, रसीली और रसीली लंबी मराठी कविता है:

.. चांदनी का आना: पूर्णिमा का व्रत और भक्ति समारोह।

1. शुक्रवार और तिथि का मेल
शुक्रवार, 2 जनवरी,
भाग्य का यह दिन उदय हुआ है,
पूर्णिमा के आने के शुभ संकेत आज मिले हैं।
चतुर्दशी का समय नजदीक आ रहा है,
पूर्णिमा अब दिखने लगी है,
भक्तों के इस अंतरतम में,
भक्ति की ज्योति भी जल रही है। 🗓� 🌅 🚩 🌞 ✨

मतलब: शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को चतुर्दशी तिथि खत्म होने के बाद पूर्णिमा आ रही है। इस शुभ दिन पर भक्तों के मन में पूजा और व्रत के लिए बहुत उत्साह है।

2. चंद्र पूजा की यह विजयी तैयारी
साफ आंगन, रंगोली,
खुशबूदार फूलों की यह खुशबू,
चंद्र देव के दर्शन,
बड़ी इच्छा है।
आइए, सच्चे मन से कलश स्थापित करके तैयारी करें,
आइए, इस प्रकाश के देवता को याद करें,
विश्वास के साथ। 🏺 🏵� 🕯� 🙏 ⚪

मतलब: हर घर में रंगोली बनाकर और कलश स्थापित करके पूर्णिमा की चंद्र पूजा की तैयारी हो रही है। सभी भक्त चांद की ठंडी रोशनी का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।

3. ठंडे चांद की दिव्य चमक
पूर्णिमा, जो टूटती नहीं,
ठंडी रोशनी देती है,
मन की यह सारी टेंशन दूर कर देती है,
पल भर में।
सौभाग्य का यह तोहफ़ा देती है,
वह रोहिणी के पति हैं,
चंद्र देव की नज़र से,
भक्ति की रोशनी जल उठी है। 🌕 🌌 🧘�♂️ 🐚 🌠

मतलब: आसमान में उगता हुआ पूर्ण चंद्रमा अपनी ठंडी किरणों से मन को शांति देता है। चंद्रदेव मन के कारण हैं और उनकी नज़र जीवन के अंधेरे को दूर करती है।

4. व्रत और उपवास का संकल्प
आइए आज हम सत्यनारायण का यह व्रत अपने मन में रखें,
ऐसी पवित्र शाम को,
आइए नाम जपें।
शुद्ध आचरण, सात्विक वाणी,
यही व्रत का सार है,
चंद्रदेव का आशीर्वाद,
यही इंसानी दुनिया है। 📖 📿 🤝 🥛 ⚖️

मतलब: पूर्णिमा पर बहुत से लोग व्रत और उपवास रखते हैं। सत्य का पालन करने और नाम जपने से यह दिन पवित्र माना जाता है, जिससे जीवन में तरक्की होती है।

5. सेहत और खुशहाली का वरदान
चंद्रदेव को दवा का देवता माना जाता है,
वे सेहत और खुशहाली का वरदान देते हैं।
दूध और चीनी चढ़ाकर,
आइए शांति मांगें,
दुख और गरीबी को भूल जाएं,
आइए खुशियों की राह पर चलें। 🍚 🍯 💪 💰 📈

मतलब: माना जाता है कि चांद की किरणों में दवा वाले गुण होते हैं। इसे दूध और चीनी चढ़ाने से शरीर को सेहत और घर में खुशहाली आती है।

6. प्रकृति और सब्जियों का मेल
शाकंभरी के इस त्योहार पर,
आज प्रकृति सजी हुई है,
पूर्णिमा की इस रोशनी में,
नई चेतना ने जड़ें जमा ली हैं। पौधों की पूजा करके,
आइए आभार जताएं,
मां धरणी की गोद में,
आइए प्यार बोएं। 🌿 🌽 🥦 🌳 🌏

मतलब: पौष पूर्णिमा का यह समय देवी शाकंभरी का भी है। इस दिन, हम प्रकृति और पौधों की पूजा करके धरती के प्रति अपना सम्मान जताते हैं।

7. आभार और भक्ति का संदेश
'ॐ चंद्रमसे नमः' कहें,
हम झुकते हैं,
आपकी ठंडी छाया में,
हम खुश होते हैं।
अगली पूर्णिमा का इंतज़ार करते हुए,
धन हमेशा बना रहे,
भक्ति का यह दिव्य झरना,
हमारी रगों में बहता रहे। 🙌 👑 🌹 🎊 ✨

मतलब: आइए हम चंद्रदेव का मंत्र जपें और उनके चरणों में समर्पित हो जाएं। पूजा इस प्रार्थना के साथ खत्म होती है कि भगवान का यह प्यार और भक्ति हमारे जीवन में हमेशा बनी रहे।

इमोजी समरी:
🗓� (तारीख) • 🌅 (शाम) • 🌞 (उज्ज्वलता) • ✨ (शुभ) • 🏺 (कलश) • 🏵� (रंगोली) • 🙏 (धनुष) • 🌕 (पूर्णिमा) • 🌌 (आसमान) • 🧘�♂️ (शांति) • 🐚 (शंख) • 📖 (कहानी) • 📿 (मंत्र) • 💰 (समृद्धि) • 🌿 (प्रकृति) • 🙌 (समर्पण) • 🌹 (भक्ति)

--अतुल परब
--दिनांक-02.01.2026-शुक्रवार.
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