चंद्रप्रभा पूजा: घर पर एक शुभ समारोह।🙌 🕯️ 🌹 🎊 ✨💍 💰 🏠 🍀 📈

Started by Atul Kaviraje, January 02, 2026, 10:58:53 PM

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Atul Kaviraje

घर/मंडल में चन्द्र पूजा - पौष पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर चन्द्रमा की पूजा।

शुक्रवार, 2 जनवरी, 2026 को पौष पूर्णिमा के आने पर घर या मंडप में की जाने वाली चंद्र पूजा पर आधारित एक बहुत ही रसीली, सरल और इमोशनल कविता यहाँ है:

।. चंद्रप्रभा पूजा: घर पर एक शुभ समारोह।

1. आने का शुभ समय और समापन
शुक्रवार, 2 जनवरी,
शाम सजी हुई है,
पूर्णिमा के स्वागत के लिए,
यह हंगामा तैयार है।
घर या मंडप में,
चंद्र पूजा की तैयारी ज़ोरों पर है,
भक्ति की यह खुशबू हवा में है,
दिल खुशी से भर गया है। 🗓� 🌅 🏠 🕯� ✨

अर्थ: शुक्रवार, 2 जनवरी, 2026 को पूर्णिमा शुरू होने के बाद से, इसके स्वागत के लिए घर और सार्वजनिक मंडपों में पूजा की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं।

2. मंडप की सजावट और रंगोली
रास्ते पर पूजा का अच्छा इंतज़ाम है,
ये फूलों की माला सुंदर है,
सफ़ेद अक्षत, खुशबू के साथ,
चलो चांद भगवान का सम्मान करें।
आंगन में सफ़ेद रंगोली बनाई जाती है,
ये कला चांद जैसी है,
पूरा मंडप रोशन है,
पूरे चांद की पूजा करते हुए। 🏵� ⚪ 🪴 🏛� 🎨

मतलब: पूजा के लिए रास्ता या चौक सजाया जाता है और उस पर फूलों की माला रखी जाती है। चांद जैसी सफ़ेद रंगोली बनाकर भगवान की बड़े सम्मान से पूजा की जाती है।

3. कलश स्थापना और जल पूजा
तांबे का एक कलश रखा जाता है,
मैं उसमें गंगाजल भरूंगा,
मैं ऊपर आम के पत्ते रखूंगा,
मैं पेड़ के फल को प्रणाम करूंगा। शुभ समय पर शंख बजाऊंगा,
शांति का ये अलार्म बजाऊंगा,
भक्तों के इस घर पर,
चांद की ठंडी नज़र बनी रहे। 🏺 🍃 🥥 🐚 🔔

मतलब: पूजा में तांबे का कलश रखा जाता है और उसमें पवित्र जल भरा जाता है। शुभ माहौल में शंख बजाकर चांद की ठंडी कृपा की प्रार्थना की जाती है।

4. ठंडे चांद का नज़ारा
आसमान में उगता ठंडा चांद,
पूर्णिमा की ये दिव्य चमक,
मन में ये सारा कोलाहल,
मानो ये कोई चमक है जो हमें शांत कर देती है।
रोहिणी के ये प्यारे भगवान,
अमृत बरसाते हैं,
मंडप में इस पूजा से,
भक्तों के दिलों में हंसी बोते हैं। 🌕 🌌 🧘�♂️ 🌠 💎

मतलब: आसमान में पूरा चाँद उग आया है और उसकी चमक मन को शांति देती है। वह अमृत बरसाने वाले भगवान हैं और उनके दर्शन से भक्तों का मन खुश होता है।

5. दूध और चीनी का मीठा प्रसाद
क्योंकि चाँद भगवान को प्रिय है,
सफेद खाना सफेद है,
आइए हम बार-बार दूध और चीनी और लड्डू का प्रसाद चढ़ाएँ।
प्रसाद से सेहत को फ़ायदा होता है,
मन को बहुत ताकत मिलती है,
चंद्र पूजा की इस रस्म से,
हमारी भक्ति बढ़ती है। 🥛 🍚 🍬 🥣 💪

मतलब: चाँद को दूध, चीनी और चावल की खीर का प्रसाद चढ़ाया जाता है। इस सफेद प्रसाद को खाने से शारीरिक सेहत और मानसिक ताकत मिलती है।

6. सौभाग्य और खुशहाली का आशीर्वाद
महिलाएं लगातार सौभाग्य बनाएं,
चंद्र देव से प्रार्थना,
समृद्धि और शांति बनी रहे,
हमेशा अमू के साथ।
प्रदोष कलाई शुक्रवार को,
यह योग भाग्य के लिए फायदेमंद है,
दुख और गरीबी दूर होती है,
भगवान के इस नाम का जाप करने से। 💍 💰 🏠 🍀 📈

अर्थ: इस दिन महिलाएं अपने परिवार की खुशी और सौभाग्य के लिए प्रार्थना करती हैं। शुक्रवार और प्रदोष का यह दुर्लभ योग घर में धन और खुशहाली लाता है।

7. आरती और आभार समर्पण
कपूर जलाकर आरती करें,
'ॐ चंद्रमसे नमः' का जाप करें,
भक्ति के इस मार्ग पर,
कोई तपस्या न करें।
अगली पूर्णिमा,
पैसा ऐसे ही बना रहे,
चांदनी का यह जादू,
हर घर में बहे। 🙌 🕯� 🌹 🎊 ✨

मतलब: आखिर में, कपूर आरती करके और चंद्र मंत्र का जाप करके पूजा खत्म की जाती है। भक्ति भाव से प्रार्थना की जाती है कि भगवान की यह रोशनी और जादू हमेशा हमारे घरों में बना रहे।

इमोजी समरी:
🗓� (तारीख) • 🌅 (शाम) • 🏠 (घर) • 🕯� (दीपक) • ✨ (शुभ) • 🏵� (रंगोली) • ⚪ (सफ़ेद) • 🏛� (मंडप) • 🏺 (कलश) • 🍃 (पत्ते) • 🥥 (नारियल) • 🐚 (शंख) • 🌕 (पूर्णिमा) • 🌌 (नभ) • 🧘�♂️ (शांति) • 🥛 (दूध) • 🥣 (प्रसाद) • 💍 (शुभकामनाएं) • 🍀 (भाग्य) • 🙌 (प्रणाम) • 🌹 (समर्पण)

--अतुल परब
--दिनांक-02.01.2026-शुक्रवार.
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