टाइटल: कुंकलकारिन माता का दिव्य जत्रोत्सव-🗓️🕯️🌈😇🥥🧣🎁🕉️

Started by Atul Kaviraje, January 03, 2026, 10:49:56 AM

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Atul Kaviraje

श्री शांतादुर्गा कुंकलीकरिन जत्रोत्सव-फातरपा-केपे-गोवा-

श्री शांतादुर्गा कुंकलकारिन जत्रोत्सव के मौके पर पेश है एक भक्ति से भरी और रसीली लंबी कविता।

टाइटल: कुंकलकारिन माता का दिव्य जत्रोत्सव

कड़वे 1
आज फतरपा शहर में खुशी है, कुंकलकारिन माता का सजा हुआ काफिला देखो।
मंदिर का आंगन भक्तों की भीड़ से भरा है, सभी को मां के चरणों में अपना प्रसाद चढ़ाना चाहिए।
🌸🙏✨🚩

मतलब: आज फतरपा (केपे, गोवा) में उत्साह का माहौल है और मां शांतादुर्गा की पालकी सजी हुई है। सभी भक्त मां के दर्शन के लिए मंदिर के आंगन में जमा हुए हैं।

कड़वे 2
आपका शांत और शीतल रूप, चेहरे पर मुस्कान, भक्तों की पुकार पर दौड़े चले आते हैं, कृपा भरपूर है।
इस बार जत्रोत्सव, शादी का त्योहार, आज नजारा देखकर हमारा मन खुश हो गया। 🌺🙌🌟💖

मतलब: माँ का रूप बहुत शांत और खुशनुमा है। जो लोग उन्हें पूरे दिल से पुकारते हैं, वे हमेशा उनका भला करती हैं। इस त्योहार ने हमारे दिलों को खुशियों से भर दिया है।

कड़वे 3
चार बजते ही दरवाज़ा बज गया है, फूल बिखरे हैं, आज गाँव भक्ति के रंग में नहा गया है।
मालाएँ जल रही हैं, दिशाएँ रोशन हैं, मन की सारी निराशाएँ दूर हो गई हैं।
🥁🏮🧡✨

मतलब: ढोल-नगाड़ों की आवाज़ और फूलों के बिखरने से पूरा गाँव भक्ति से भर गया है। मंदिर में मालाओं की रोशनी से मन का सारा दुख और निराशा दूर हो रही है।

कड़वे 4
ये हैं कुणकली की देवी, गोवा की माँ, आपके प्यार की छाया हमेशा भक्तों पर रहती है।
चाहे कितनी भी मुसीबत आए, आप उनके साथ खड़ी रहती हैं, आपके बिना जीने के लिए कुछ नहीं है। 🛡�👵🥥👣

मतलब: यह कुंकलकारिन देवी पूरे गोवा की माँ हैं। वह हमेशा अपने बच्चों पर प्यार की छाया रखती हैं और मुश्किल समय में अपने भक्तों के साथ मजबूती से खड़ी रहती हैं।

कड़वे 5
फूलों से सजी पालकी निकली देखो, जयकारों की आवाज़ के बीच, सृष्टि सो रही है।
झुककर, प्रणाम करो, माँ की मौजूदगी से यह स्वर्ग बन गया है।
⛩️🌻🎊🙏

मतलब: जब फूलों से सजी देवी की पालकी निकलती है, तो हर जगह उनकी जय-जयकार होती है। माँ की मौजूदगी से इस इलाके ने स्वर्ग का रूप ले लिया है।

कड़वे 6
पावली प्रसाद, ओती मन से, माँ के चरणों में, हमेशा भरकर रखनी चाहिए।
शांतादुर्गा माता हमारी हैं, महिमा की गुफा, उनकी कृपा से हमें यह जीवन मिला है।
🥥🧣🎁🕉�

मतलब: भक्तों को माँ की तीली भरकर उनकी कृपा प्राप्त करनी चाहिए। हमारे जीवन में सभी सुख और वैभव माँ शांतादुर्गा के आशीर्वाद से ही हैं।

कड़वा 7
दो हज़ार पच्चीस, मेला खास है, भक्ति फैल रही है, हर जगह खुशबू है।
शुक्रवार को, चलो माँ की भेंट लेते हैं, आज खुशी उगती है, भक्तों के होठों पर।
🗓�🕯�🌈😇

मतलब: 25 दिसंबर 2025 का यह मेला बहुत खास है, हर जगह भक्ति की खुशबू फैल रही है। इस शुभ दिन पर, देवी के दर्शन करके सभी भक्तों के दिलों में खुशी उमड़ रही है।

इमोजी सारांश
🌸 फूल चढ़ाना | 🙏 भक्ति और पूजा | ✨ दिव्य प्रकाश | 🚩 धार्मिक ध्वज | 🌺 गुड लक | 🥁 फेस्टिव म्यूज़िक | 🧡 रोज़/एक्साइटमेंट | 🛡� प्रोटेक्शन | ⛩️ टेम्पल | 🌻 जॉय | 🕉� प्योरिटी

--अतुल परब
--दिनांक-25.12.2025-गुरुवार.
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