.. प्रकृति देवी मां शाकंभरी..🌸🙌💐🎊🥗💪🌳🍎

Started by Atul Kaviraje, January 03, 2026, 07:21:28 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

शाकंभरी नवरात्रि शुरू: कुछ पंचांगों के अनुसार, देवी शाकंभरी की नवरात्रि मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी से शुरू होती है। यह समय प्रकृति में मौजूद पत्तों और खाने के प्रति आभार जताने का माना जाता है।

शाकंभरी नवरात्रि शुरू: शाकंभरी नवरात्रि आज से शुरू हो रही है (कुछ पंचांगों के अनुसार, यह अष्टमी से शुरू होती है)। नौ दिनों तक देवी शाकंभरी की पूजा की जाती है। इस दौरान, खाने में पत्तों को शामिल करना और देवी को अलग-अलग सब्जियां चढ़ाने का खास महत्व है।

मार्गशीर्ष महीने में शाकंभरी नवरात्रि की शुरुआत पर आधारित एक भक्ति और प्रकृति से प्रेरित लंबी कविता यहां दी गई है।

.. प्रकृति देवी मां शाकंभरी..

कड़वी 1
मार्गशीर्ष अष्टमी का यह दिन महान है, आइए मां शाकंभरी का ध्यान करें।
उन्होंने सृष्टि के कल्याण के लिए अवतार लिया, प्रकृति आपका विस्तार है। 🌱🙏✨🕉�

मतलब: मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी का यह दिन बहुत पवित्र है, क्योंकि आज से शाकंभरी नवरात्रि शुरू होती है। माँ ने सृष्टि की रक्षा के लिए यह अवतार लिया था और वे सारी प्रकृति में विद्यमान हैं।

कड़वे 2
सूखा बीत गया और हरियाली आ गई, आपकी कृपा से यह दुनिया धन्य हो गई।
माँ का यह प्यार आँखों में बस गया है, शाकंभरी देवी, आप हमारी परछाईं हैं। 🌧�🌿🌍💧

मतलब: जब धरती पर सूखा पड़ा था, तो देवी ने अपने शरीर से सब्ज़ियाँ और अनाज पैदा किए थे। उनकी कृपा से धरती फिर से हरी हो गई है और वे ही हम सबकी रक्षा करने वाली परछाईं हैं।

कड़वे 3
सब्ज़ियों का यह सुंदर पहाड़, देवी को प्रिय यह प्रसाद महान है।
मेथी, धनिया और मूली जवान हैं, भक्तों के मेले में भक्ति का त्योहार। 🥬🥦🥕🌽

मतलब: मां शाकंभरी को कई तरह की पत्तेदार सब्जियों का महानैवेद्य चढ़ाया जाता है। भक्त मेथी, मूली जैसी कई तरह की ताज़ी सब्जियां चढ़ाकर नवरात्रि का त्योहार बड़े उत्साह से मनाते हैं।

कड़वे 4
यह नौ दिनों तक भक्ति का जागरण है, समुद्र हरे रंग से चमकता रहे।
दुनिया में मौजूद खाने के लिए हम शुक्रगुजार रहें, देवी के चरणों में सिर झुकाएं। 🕯�🛐💚👑

मतलब: देवी की पूजा और जागरण नौ दिनों तक चलता है। यह समय हमें मिले खाने के लिए शुक्रिया अदा करने का है। हम सभी को देवी के चरणों में सिर झुकाकर उनका शुक्रिया अदा करना चाहिए।

कड़वे 5
आप अन्नपूर्णा हैं, आप शाकंभरी हैं, सबके घर में सुख-समृद्धि फैले।
यह अन्न का दाना कभी कम न हो, आपके हाथों से मुसीबतों का नाश हो। 🌾🍚🏠🔥

मतलब: आप अन्न की देवी हैं, अन्नपूर्णा हैं, और आप शाकंभरी हैं। आपकी कृपा से सभी के घर में सुख-समृद्धि आए। किसी के जीवन में अन्न की कमी न हो, यही मेरी प्रार्थना है।

कड़वा 6
पत्तेदार सब्जियां खाएं और सेहत बनाए रखें, आइए दुनिया को देवी का यह मंत्र बताएं।
आइए हम प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान करें, तभी हमें सेहत की किस्में मिलेंगी। 🥗💪🌳🍎

मतलब: यह नवरात्रि पत्तेदार सब्जियों के महत्व को पहचानने और सेहत बनाए रखने का संदेश है। प्रकृति का सम्मान करने पर ही हमें स्वस्थ जीवन का वरदान मिलता है, यही इस व्रत का मूल उद्देश्य है।

कड़वा 7
जय देवी शाकंभरी माता, आप पवित्र हैं, आपके नाम से मेरा मन खुश रहता है।
भक्ति का यह बगीचा हमेशा खिलता रहे, हम सब पर आपका आशीर्वाद बना रहे। 🌸🙌💐🎊

मतलब: हे शाकंभरी माता, आप बहुत पवित्र हैं और मेरे मन को आपके नाम से शांति मिलती है। आपकी भक्ति का यह बगीचा हमेशा खिलता रहे और आपका आशीर्वाद हमेशा हम पर बना रहे।

इमोजी समरी
🌱 (प्रकृति) | 🙏 (प्रार्थना) | ✨ (प्रकाश) | 🕉� (भक्ति) | 🌧� (बारिश) | 🌿 (हरियाली) | 🌍 (पृथ्वी) | 💧 (जीवन) | 🥬 (सब्जियां) | 🥦 (हेल्दी खाना) | 🥕 (प्रसाद) | 🕯� (दिवाली) | 💚 (प्रकृति के रंग) | 🌾 (अनाज) | 🍚 (खाना) | 🔥 (एनर्जी) | 🥗 (डाइट) | 💪 (पावर) | 🌳 (एनवायरनमेंट) | 🌸 (फ्लावर) | 🙌 (सैल्यूट)

--अतुल परब
--दिनांक-26.12.2025-शुक्रवार.
===========================================