संत तुकाराम बाबा जोशी: भक्ति के सागर-🚩 🏡 🕯️ 🙏 ✨ | 🧘‍♂️ 🌱 💎 📖 💡 | 🪕 👣

Started by Atul Kaviraje, January 03, 2026, 07:22:58 PM

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Atul Kaviraje

तुकाराम बाबा जोशी जयंती-

शुक्रवार, 26 दिसंबर, 2025 को आने वाले 'तुकाराम बाबा जोशी' (लोनी कालभोर के महान संत) की जयंती के मौके पर उनके आध्यात्मिक काम और भक्ति पर आधारित एक मज़ेदार कविता:

संत तुकाराम बाबा जोशी: भक्ति के सागर-

कड़वे 1
भक्ति का उदय लोनी शहर, पावन धरती लोनी कालभोर, जहाँ यह सूरज पैदा हुआ, तुकाराम बाबा जोशी आए, भक्ति की हिम्मत को बुलाते हुए।
विट्ठल नाम हो जिसने भीतर के ज्ञान का दीपक, इंसानियत का धर्म सिखाया, और भगवान की सेवा हो। 🚩 🏡 🕯� 🙏 ✨

मतलब: तुकाराम बाबा जोशी का जन्म लोनी कालभोर की पावन धरती पर हुआ था। अपनी भक्ति और ज्ञान से उन्होंने सबको विट्ठल नाम और इंसानियत का रास्ता दिखाया।

कड़वे 2
सादा जीवन और उच्च विचार सादगी की पहचान हैं, विट्ठल नाम का चेहरा, मुश्किलों के उस पसीने से, सच्चाई के बीज बोए।
अहंकार को रास्ता दिए बिना, विनम्रता के उस महामेरु ने, दुनिया के इस अंधेरे में, ज्ञान के गुरु बन गए। 🧘�♂️ 🌱 💎 📖 💡

मतलब: बाबा का जीवन बहुत सादा था। उन्होंने मेहनत को अहमियत दी और कभी घमंड नहीं किया। वे सच में समाज के आध्यात्मिक मार्गदर्शक बन गए।

कड़वे 3
विट्ठल के प्रति अटूट भक्ति पंढरी के उस विठुरैया जैसी थी, बाबा पागल भक्त थे, चेतना की इन लहरों से, वे हमेशा मोहभंग हो जाते थे।
अभंगों की पंक्तियों के ज़रिए, इस दुनिया को पेश किया जाता है, शब्दों में छिपा जीवन का असली मतलब। 🪕 👣 🌊 📜 🧡

मतलब: भगवान विट्ठल के प्रेम में डूबे बाबा दुनिया में रहते हुए भी मोह-माया से दूर थे। उनकी शिक्षाओं से हमें दुनिया और परमात्मा का सुंदर मेल देखने को मिलता है।

कड़वे 4
दिन- बाबा ने कमजोरों के कैवारी, गरीबों के उन आंसुओं में हरि को देखा, दुखियों की मदद के लिए घर-घर दौड़े।
उन्होंने भूतदया का मंत्र दिया, और कहा, सेवा ही भगवान की पूजा है, इस युग में आप जैसा कोई संत नहीं। 🤝 ❤️ 🍲 🕊� 🌻

मतलब: बाबा ने सिर्फ मंदिरों में ही भगवान को नहीं पाया, बल्कि गरीबों की सेवा में भी भगवान का रूप देखा। उन्होंने अपने कामों से साबित कर दिया कि सेवा ही सच्ची भक्ति है।

कड़वा 5
जयंती का यह शुभ समारोह, आज सुनहरा दिन है, जयंती का यह मंच, दर्शन के लिए उमड़े भक्त, भक्ति का मार्ग रोशन हो गया है।
26 दिसंबर का यह मुहूर्त, शुक्रवार का यह योग, नाम के स्मरण से मन की ये सारी बीमारियां और रोग खत्म हो जाएं। 🗓� 🎊 🔱 🪔 🌈

मतलब: आज, 26 दिसंबर, 2025, शुक्रवार के शुभ दिन, बाबा की जयंती मनाई जा रही है। भक्तों की भीड़ और नामस्मरण ने पूरे माहौल को शुभ बना दिया है।

कड़वा 6
जीवन में अनुशासन और संस्कार जरूरी हैं, यही बाबा का कहना है, नेकी के रास्ते पर पवित्रता मांगते हुए।
उन्होंने यह संदेश दिया कि बुरे रास्ते को छोड़कर, इस सही रास्ते पर चलना चाहिए, इस पूरे नफरत-स्वर्ग को तोड़ देना चाहिए। 🧼 ⚖️ 🛤� 🚫 🛡�

मतलब: बाबा ने सिखाया कि जीवन में अनुशासन और शुद्ध आचरण होना चाहिए। बुरे विचारों को छोड़कर अच्छे रास्ते पर चलना ही सच्ची साधना है।

कड़वा 7
यह श्रद्धांजलि आपके चरणों में अर्पित है, हे तुकाराम बाबा जोशी, आपका आशीर्वाद हमेशा बना रहे, आपकी कृपा से दुनिया में यह विरोध खत्म हो जाए।
आपके चरणों में फूल अर्पित हैं, यही हमारी भक्ति है, आपके विचारों से हमें जीने की शक्ति मिले। 🌸 🙌 🙇�♂️ ☀️ 🌍

मतलब: आखिर में भक्त यही प्रार्थना करता है कि, बाबा! आपका आशीर्वाद हमेशा हम पर बना रहे। आपके विचार हमें मुश्किल समय में लड़ने की शक्ति दें।

इमोजी समरी एक नज़र में:

🚩 🏡 🕯� 🙏 ✨ | 🧘�♂️ 🌱 💎 📖 💡 | 🪕 👣 🌊 📜 🧡 | 🤝 ❤️ 🍲 🕊� 🌻 | 🗓� 🎊 🔱 🪔 🌈 | 🧼 ⚖️ 🛤� 🚫 🛡� | 🌸 🙌 🙇�♂️ ☀️ 🌍

--अतुल परब
--दिनांक-26.12.2025-शुक्रवार.
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