.. ज्ञान महर्षि: बैरिस्टर बालासाहेब खारडेकर..🎓 🏛️ 🌟 🚩 ✨ | 📚 🌱 💡 🏫 📖 |

Started by Atul Kaviraje, January 03, 2026, 07:24:21 PM

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Atul Kaviraje

बॅरिस्टर बाळासाहेब खर्डेकर पुण्यदिन-

महान शिक्षाविद, कुशल वकील और कोल्हापुर के भूषण बैरिस्टर बालासाहेब खारडेकर की पुण्यतिथि (26 दिसंबर) पर उनके काम को श्रद्धांजलि देते हुए एक भावपूर्ण कविता:

.. ज्ञान महर्षि: बैरिस्टर बालासाहेब खारडेकर..

कड़वे 1
कोल्हापुर का सितारा डूब गया, कोल्हापुर की मिट्टी का यह चमकता सितारा, जिसके पास विद्वता की अखंड बयार थी।
बैरिस्टर की डिग्री हासिल करने के बाद, वे अपने वतन आए और अपना जीवन पूरे बहुजन समाज को समर्पित कर दिया। 🎓 🏛� 🌟 🚩 ✨

मतलब: कोल्हापुर के सपूत बालासाहेब खारडेकर ने इंग्लैंड से बैरिस्टर की डिग्री हासिल की, लेकिन उन्होंने अपना पूरा जीवन यहां के आम आदमी की भलाई के लिए समर्पित कर दिया।

कड़वे 2
उन्होंने शिक्षा की गंगोत्री बहाई। वे सिर्फ़ वकील नहीं थे, वे शिक्षा के पायनियर थे, ज्ञान के बिना तरक्की नहीं होती, यह उनका कहना था।
ग्रामीण इलाकों में उन्होंने शिक्षा के लिए पौधे लगाए, अज्ञानता के अंधेरे को दूर किया। 📚 🌱 💡 🏫 📖

मतलब: खारडेकर साहेब ने शिक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह पक्का करने के लिए संस्थाएँ बनाईं कि गाँव के बच्चों तक शिक्षा पहुँचे और अज्ञानता का अंधेरा दूर हो।

कड़वे 3
जो आवाज़ पार्लियामेंट में सुनाई देती थी, वह लोकसभा में तब पहुँची जब शिक्षा का यह शेर, जिसे न्याय के लिए लड़ने का ज़बरदस्त जुनून था, उसमें घुसा।

निडर भाषण, सच्चे विचार, यही उनकी पहचान थी, बालासाहेब की बातें पूरी दुनिया जानती थी। 🗣� 🏛� 🦁 🇮🇳 📜

मतलब: लोकसभा में MP के तौर पर काम करते हुए उन्होंने आम लोगों के मुद्दों को बहुत ही निडर और विद्वतापूर्ण तरीके से उठाया। उनकी स्पीच और विचार बहुत असरदार थे।

कड़वे 4
उन्होंने अमीर होने के बावजूद सादा जीवन और विचारों की ऊंचाई बनाए रखी, उन्होंने बहुत सादा जीवन जिया, उन्होंने हमेशा गरीबों की आंखों में आंसू ला दिए।
उसूलों के लिए जिए और उसूलों के लिए लड़े, बालासाहेब के हाथों कई स्टूडेंट्स पैदा हुए। 🧘�♂️ 🤝 ❤️ 💎 🔨

मतलब: इतने बड़े पदों पर रहने के बावजूद बालासाहेब ने बहुत सादा जीवन जिया। उन्होंने कभी उसूलों से समझौता नहीं किया और उनके मार्गदर्शन में कई महान लोग पैदा हुए।

कड़वा 5
एजुकेशन प्रमोशन बोर्ड का लक्ष्य पर आधारित जीवन, वो पिलर था, तरक्की के इस रास्ते पर, उसने एक बड़ी शुरुआत की।
संकट में बिना डगमगाए, वो सब्र से खड़ा रहा, अपने महान काम से, इतिहास में अपना नाम लिखवाया। 🏗� 🛡� 🛤� 🏆 🖋�

मतलब: उन्होंने एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के ज़रिए समाज को दिशा दी। संकट में बिना डगमगाए, उन्होंने एजुकेशन के फील्ड में अपना लक्ष्य हासिल किया और इतिहास को अमर कर दिया।

कड़वा 6
26 दिसंबर का ये काला दिन आज है, 26 दिसंबर, शुक्रवार का ये दुखद पल, उनकी पुण्यतिथि के मौके पर उनके महान मन को याद करें।
लोकतंत्र का ये पिलर, जब गिरा, तो खामोश था, कोल्हापुर की धरती एकदम खामोश थी। 🗓� 🕯� 🥀 🌑 😞

मतलब: बालासाहेब 26 दिसंबर को गुज़र गए। उनके जाने से कोल्हापुर और एजुकेशन सेक्टर को एक ऐसा नुकसान हुआ जिसकी भरपाई नहीं हो सकती, जिसकी याद आज भी दिल को छू जाती है।

कड़वे 7 पैरों वाले अर्पिली फूलों के बोल, हे महापुरुष, हे बालासाहेब, मैं आपको नमन करता हूँ, आपका आदर्श इस नई पीढ़ी के लिए हमेशा बना रहे।
शिक्षा और तरक्की की यह लौ लगातार जलती रहे, आपके काम से हमें नई दिशा मिले। 🙏 🌸 🔥 🌏 🚩

मतलब: आखिर में कवि कहते हैं कि बालासाहेब के आदर्श को नई पीढ़ी के सामने रखना चाहिए। उनके काम से हमें तरक्की की नई दिशा मिलती रहे, यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।

इमोजी समरी एक नज़र में:

🎓 🏛� 🌟 🚩 ✨ | 📚 🌱 💡 🏫 📖 | 🗣� 🏛� 🦁 🇮🇳 📜 | 🧘�♂️ 🤝 ❤️ 💎 🔨 | 🏗� 🛡� 🛤� 🏆 🖋� | 🗓� 🕯� 🥀 🌑 😞 | 🙏 🌸 🔥 🌏 🚩

--अतुल परब
--दिनांक-26.12.2025-शुक्रवार.
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