॥ आदिमाया शाकंभरी: ब्रह्मांड की रक्षक ॥🌾 🌿 🍎 🥬 🧺 🔱 👁️ ☀️ 💚 🌽 🍍 🌍 🌸 ✨

Started by Atul Kaviraje, January 03, 2026, 10:13:36 PM

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Atul Kaviraje

शाकम्भरी नवरात्रि (शुरुआत के करीब): शाकम्भरी नवरात्रि का त्योहार पौष महीने में मनाया जाता है, जिसकी तैयारियां इस दौरान जारी रहती हैं।

शनिवार, 27 दिसंबर, 2025 को शाकंभरी नवरात्रि उत्सव के आगमन के अवसर पर, प्रकृति की देवी, माँ शाकंभरी को समर्पित एक भक्ति कविता यहाँ दी गई है।

॥ आदिमाया शाकंभरी: ब्रह्मांड की रक्षक ॥

1. पैराग्राफ
पौष का महीना आ गया है, शुभ त्योहार,
अब माँ शाकंभरी की पूजा करें।
ब्रह्मांड का सूखा खत्म हुआ, आपका आगमन हुआ,
भक्तों के दिलों में आपकी जगह, हमेशा बनी रहे। (मतलब: पौष महीने में देवी शाकंभरी के त्योहार का शुभ समय आ गया है। देवी के आने से ब्रह्मांड का सूखा खत्म हो गया है, भक्तों के दिलों में उनका स्थान हमेशा बना रहे।) 🌾 🥥 🕉� ✨ 🚩

2. पैराग्राफ
अष्टभुजा देवी, आप ही गोरी हैं,
आप ही फलों और सब्जियों की रक्षक हैं।
माँ, आपके सौ नेत्र प्रेम से भरे हैं,
किसानों की खुशी के लिए, आप अन्न से भरी हैं।
(मतलब: आठ भुजाओं वाली देवी ने अपनी सौ आँखों (शताक्षी) से सृष्टि को प्रेम से देखा और हर जगह फल-सब्जियाँ उगा दीं।) 👁� 🍎 🥬 🔱 🤱

3. पैराग्राफ
माँ, हरे कपड़े पहनकर, सृष्टि हरी हो गई है,
आपके दर्शन से ही आपको खुशी मिले, यही खुशी का गीत है।
आप भूखी आत्माओं का भोजन हैं,
आपके बिना, यह दुनिया राहत की सांस लेती।
(मतलब: देवी ने हरे कपड़े पहने हैं, और उनकी वजह से दुनिया हरी हो गई है। वह अन्नपूर्णा हैं, जो सभी प्राणियों की भूख मिटाती हैं।) 🌿 🥗 🧺 ☀️ 💚

4. पैराग्राफ
दुख दूर करने आओ, माँ शाकंभरी,
भक्तों के इस घर में सुख और समृद्धि फले-फूले।
प्रकृति की रक्षा ही आपकी सच्ची भक्ति है,
आपके एक नाम में बड़ी शक्ति है।
(मतलब: माँ शाकंभरी सभी के दुख दूर करने आई हैं। उनकी सच्ची भक्ति प्रकृति की रक्षा करना है और उनके नाम में बड़ी शक्ति है।) ⛈️ 🏡 🥭 🙏 💪

5. पैराग्राफ
सब्जियों और फलों से बना है यह दरबार,
भक्तों की इस भलाई का, आप ही सहारा हैं।
पौष की अष्टमी को, तुम्हारा उत्सव महान हो,
भक्ति की यह ध्वनि गूंजे, आकाश महान हो।
(अर्थ: देवी का दरबार विभिन्न सब्जियों से बनाया जाता है। पौष महीने के इस उत्सव में, भक्तों को देवी का महान सहारा महसूस होता है।) 🌽 🍍 🎀 🐚 🔔

6. पैराग्राफ
आप नौ रातों तक जागते हैं, चेतना की खान,
आपकी वजह से, ब्रह्मांड का जीवन कायम है।
एक शांत और शीतल रूप, मन प्रसन्न हो,
मैं आपके चरणों में आऊं और, आपका हो जाऊं। (मतलब: इस नौ रातों के जागरण से धरती को नया जीवन मिलता है। देवी का शांत रूप मन को मोह लेता है, ऐसा लगता है जैसे उनके चरणों में विलीन हो जाएं।) 🌙 🔥 🌍 🌸 🧘�♀️

7. पैराग्राफ
हे जगत की माता, सब्ज़ियों की देवी, मैंने आपकी शरण ली है,
आप हमेशा हमारी झोली खुशियों से भर दें।
हमारी पवित्र भावनाएँ पवित्र हों, विनम्रता का दान हो,
आपकी कृपा से ही हमें फ़ायदा हो, सार्थक जीवन जिएं।
(मतलब: हे जगत की माँ, हम आपकी शरण में आए हैं। आपके आशीर्वाद से हमारा जीवन हमेशा खुशियों और संतोष से भरा रहे।) 🤲 🕯� 🌈 🍬 🛐

इमोजी कविता का सारांश:
🌾 🌿 🍎 🥬 🧺 🔱 👁� ☀️ 💚 🌽 🍍 🌍 🌸 ✨ 🚩 🛐

--अतुल परब
--दिनांक-27.12.2025-शनिवार.
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