॥ ऋतु परिवर्तन समारोह: मार्गशीर्ष को विदाई और पौष का स्वागत ॥🚶‍♂️ ❄️ 🌫️ 💰 🪔

Started by Atul Kaviraje, January 03, 2026, 10:14:24 PM

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Atul Kaviraje

मार्गशीर्ष का अंत और पौष का आरंभ: जैसे ही मार्गशीर्ष महीना समाप्त होता है और पौष महीना आरंभ होता है, मौसम ठंडा हो जाता है और 'पौष लक्ष्मी' की पूजा का महत्व बढ़ जाता है।

मार्गशीर्ष महीने के खत्म होने और पौष महीने की शुरुआत के शुभ मौके पर, जो शनिवार, 27 दिसंबर, 2025 को पड़ रहा है, प्रकृति में होने वाले बदलावों और 'पौष लक्ष्मी' के बारे में बताने वाली एक दिल को छू लेने वाली कविता यहाँ है।

॥ ऋतु परिवर्तन समारोह: मार्गशीर्ष को विदाई और पौष का स्वागत ॥

1. पैराग्राफ
मार्गशीर्ष अब खत्म हो गया है, चलो विदा लेते हैं,
चलो विठु-राय के चरणों में सिर झुकाते हैं, दोस्तों।
सारी दुनिया भक्ति में नहा गई है,
पौष महीने का स्वागत करते हुए, अब यह रोशन हो गया है। (मतलब: मार्गशीर्ष का महीना खत्म हो गया है, और हम भगवान का शुक्रिया अदा करके अलविदा कह रहे हैं। अब नई उम्मीद के साथ पौष महीने का स्वागत करने का समय है।) 🚶�♂️ 👣 🕉� ✨ 🚩

2. पैराग्राफ
ये ठंडी बूंदाबांदी, ये कोहरे की चादर,
आइए प्रकृति के इस रूप का सम्मान करें।
पौष महीने के आने से, शरीर पर कांटे चुभ रहे हैं,
भक्ति की इस धारा में, गंगा बह रही है।
(मतलब: पौष महीने के कारण, हवा ठंडी और धुंधली हो गई है। यह कठोर ठंड का मौसम हमें दिव्य चेतना की याद दिलाता है।) ❄️ 🌫� 🧤 🌊 🕯�

3. पैराग्राफ
लक्ष्मी अब आएंगी, वैभव का स्रोत,
कठिनाई के इस पसीने से, उनके आने से लाभ हो। हर घर में दीये जलें, शुभता की रोशनी,
आइए इस धागे को इंसानियत के धागों से पिरोएं।
(मतलब: पौष महीने में 'लक्ष्मी' की पूजा का महत्व है। मेहनत से कमाई गई खुशहाली और घर में जला हुआ दीया शुभता का प्रतीक है।) 💰 🪔 🏠 🤝 🧧

4. पैराग्राफ
सूरज की यह नई चमक, पौष में आनंदित हो,
प्रकृति की गहराइयों में, नई चेतना की चमक।
तिलगुले की मिठास, तिलगुले की खुशबू,
भक्ति की खुशबू से पूरी दुनिया महक उठे। (अर्थ: पौष महीने में सूरज चमकने लगता है, जिससे सृष्टि में उत्साह भर जाता है। जल्द ही आने वाली संक्रांति के तिलगुले की खुशबू भी अब चमकने लगती है।) ☀️ 🍬 🌍 🎶 🌻

5. पैराग्राफ
खेत लहलहाते हैं, फसलें लहलहाती हैं,
यही है भगवान का प्यार, यही है बड़ी सीख।
घर में अनाज, खुशियों की बाढ़,
दुख देखकर दिल का दिल भाग जाता है।
(अर्थ: खेत में फसलें तैयार हैं और घर में अनाज आता है, यही असली लक्ष्मी है। इस खुशहाली से दिल के सारे दुख भाग जाते हैं।) 🌾 🌽 🚜 😊 🧺

6. पैराग्राफ
कड़कड़ाती ठंड, आग, ये गपशप का जमावड़ा,
यही है रिश्तों में नमी, ये फिर से कामयाब हो।
शाकंभरी त्योहार का समय आ रहा है,
अन्नदात्री मौली, बहुत तरस आ रहा है।
(मतलब: ठंड में रिश्ते आग के चारों ओर और मज़बूत हो जाते हैं। वैसे ही, पौष महीने में आने वाले शाकंभरी त्योहार का भी सबको तरस आ रहा है।) 🔥 🧣 🗣� 🤱 🍲

7. पैराग्राफ
समर्पण की भावना, मणि, सच्ची है,
आइए भक्ति में डूब जाएं, आइए आपकी सेवा करें।
मार्गशीर्ष-पौष का यह मेल,
जीवन में हमेशा सुख और शांति बनी रहे। (मतलब: मार्गशीर्ष और पौष के दो महीनों के शुभ समय में हमारा मन भक्ति से भरा रहे और जीवन में सुख और शांति बनी रहे।) 🤲 🕯� 🌈 ☮️ 🕉�

इमोजी कविता का सारांश:
🚶�♂️ ❄️ 🌫� 💰 🪔 ☀️ 🍬 🌾 🌽 🔥 🧣 🤱 🤲 🌈 🚩 🕉�

--अतुल परब
--दिनांक-27.12.2025-शनिवार.
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