॥ मासिक दुर्गाष्टमी: शक्ति का जागरण ॥🚩 🕉️ 🦁 🔱 ⚔️ 🐚 🗡️ 🔴 🪔 🌅 🧘‍♀️ 🤱 🤲

Started by Atul Kaviraje, January 03, 2026, 10:15:06 PM

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Atul Kaviraje

मासिक दुर्गाष्टमी: तिथि के अनुसार अष्टमी दोपहर 1:10 बजे के बाद पड़ती है, इसलिए यह दिन देवी की पूजा के लिए महत्वपूर्ण है।

शनिवार, 27 दिसंबर, 2025 को आने वाली 'मासिक दुर्गाष्टमी' के मौके पर, आदिशक्ति भगवती की महिमा गाती और भक्ति से भरी एक सुंदर मराठी कविता पेश है।

॥ मासिक दुर्गाष्टमी: शक्ति का जागरण ॥

1. पैराग्राफ
शुभ अष्टमी आ गई है, शक्ति का यह त्योहार,
अब माँ दुर्गा के चरणों में सिर झुकाएँ।
समय था अष्टमी दोपहर में, भक्ति का यह जोश,
बुरी शक्तियों का नाश हो गया है, यह आग जल गई है। (मतलब: आज शुभ मासिक दुर्गाष्टमी है। दोपहर में अष्टमी तिथि शुरू हो रही है, और देवी के चरणों में प्रणाम करके, आइए हम नेगेटिविटी को खत्म करने के लिए भक्ति जगाएं।) 🚩 🕉� 🔔 ✨ 🕯�

2. पैराग्राफ
सिंहवाहिनी माता माजी, आठ भुजाओं वाली देवी का रूप,
भक्तों के कल्याण का यह दीपक, जलाया जाता है।
शंख, चक्र और गदा धारण करके, माँ रक्षा करती हैं,
आपकी कृपा से, हमारे सभी रिश्ते खुशहाल रहे। (मतलब: शेर पर सवार और आठ भुजाओं वाली माँ दुर्गा अपने हथियारों से भक्तों की रक्षा करती हैं और उनकी कृपा से सभी रिश्ते और दुनिया खुश हो जाती है।) 🦁 🔱 🏹 🛡� 🤱

3. पैराग्राफ
तुम, नर महिषासुर, अम्बा, दुनिया की माँ,
तुम हमारी रक्षक हो, तुम सौभाग्य देने वाली हो।
मुसीबत के समय तुम दौड़ी चली आती हो, बुलाने पर तुम मेरी हो,
तुम्हारे एक दर्शन की मुझे लालसा होती है।
(मतलब: तुम महिषासुर को मारने वाली सभी की माँ हो। बुलाने पर तुम दौड़ी चली आती हो, इसीलिए भक्तों को तुम्हारे दर्शन की लालसा होती है।) ⚔️ 🔥 🚩 🐚 👁�

4. पैराग्राफ
हाथ में तलवार और त्रिशूल लेकर, अन्याय का अंत,
भक्तों के इन दिलों में, तुम्हारा वास हमेशा रहे। लाल कपड़े पहने माँ, कुंकवा का टीला,
तेरे नाम के जाप के साथ यह खुशी का त्योहार है।
(मतलब: हाथ में त्रिशूल लिए अन्याय का नाश करने वाली माँ का रूप लाल कपड़ों में प्रकट होता है। उनके नाम के जाप से भक्तों के जीवन में खुशी का त्योहार मनाया जाता है।) 🗡� 🔱 🔴 📿 💃

5. पैराग्राफ
अंधेरा दूर हो, तेज की यह लौ,
आपके भक्ति प्रेम की यह उमड़ती धारा।
अष्टमी के इस पावन अवसर पर, आइए हम दरवाजे पर एक दीया जलाएं,
सभी दुख और परेशानियां दूर भाग जाएं, और सभी मुश्किलें दूर हो जाएं। (मतलब: देवी तेज की लौ हैं और उनकी भक्ति से अंधेरा दूर होता है। अष्टमी के दिन घर में दीया जलाने से सारे दुख और परेशानियां दूर भाग जाती हैं।) 🪔 🕯� 🌅 🌈 🏠

6. पैराग्राफ
शांति, क्षमा, शक्ति, आप ही हमारा ज्ञान हैं,
हमने यह जीवन आपके चरणों में अर्पित किया है।
अन्नपूर्णा मां बनीं, उन्होंने हमें घास दी,
किसानों की खुशी के लिए, मां दौड़ी चली आईं।
(मतलब: देवी शांति, क्षमा और ज्ञान की प्रतीक हैं। वह एक मां के रूप में अपने बच्चों की खुशी के लिए हमेशा तैयार रहती हैं और उनकी भूख मिटाती हैं।) 🧘�♀️ 🥘 📚 🤱 ❤️

7. पैराग्राफ
मैंने आपकी शरण ली है, हे दुर्गा, मुझे यह वरदान दीजिए,
हम आपके नाम का लगातार ध्यान करें।
अष्टमी की यह रात चेतना से भरी हो,
इस मन में आपकी भक्ति हमेशा बनी रहे।
(मतलब: हे माँ दुर्गा, हमने आपकी शरण ली है। आपकी भक्ति हमेशा हमारे दिलों में बनी रहे और इस अष्टमी की रात हमें आपकी चेतना मिले।) 🤲 🌸 🌙 🚩 🛐

इमोजी कविता का सारांश:
🚩 🕉� 🦁 🔱 ⚔️ 🐚 🗡� 🔴 🪔 🌅 🧘�♀️ 🤱 🤲 🌸 ✨ 🛐

--अतुल परब
--दिनांक-27.12.2025-शनिवार.
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