कुंबल की शांतादुर्गा: मेले का भक्ति समारोह-🚩 🙏 🏘️ 🥁 🌸 🔱 🗓️ 🪔 🥥 🎊 🤝 ✨

Started by Atul Kaviraje, January 04, 2026, 05:19:55 PM

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Atul Kaviraje

शांतादुर्गा जत्रा-कुंबळ, तालुका-दोडामार्ग-

डोडामार्ग तालुका के कुंबल में श्री शांतादुर्गा देवी के मेले के मौके पर यह एक शुभ और रसीली कविता है:

कुंबल की शांतादुर्गा: मेले का भक्ति समारोह
तारीख: 28.12.2025, रविवार

जगह: कुंबल, तालुका-डोडामार्ग (सिंधुदुर्ग)

कड़वे 1:
डोडामार्ग तालुका के कुंबल गांव में एक त्योहार है,
शांतादुर्गा के दर्शन से सारे दुख दूर हो जाते हैं।
मेले का यह दिन भक्ति का पर्व है,
माँ के चरणों में खुशियों का यह रास्ता रोशन हो गया है। 🏡 🚩 ✨ 🙏 ⛰️

कड़वे 2:
घंटियों की आवाज़ से गूंज रहा था यह बांध,
भक्तों के ये कदम माँ के चरणों की ओर मुड़ गए।
गुलाब और फूलों का नज़ारा उमड़ पड़ा,
भक्ति के इस सागर में मन का मिलन हो गया। 🥁 📢 🌸 👣 💖

कड़वे 3:
इस रविवार को सौभाग्य का यह त्यौहार आया है,
शांतादुर्गा के नाम से रंगा है यह अंतरमन।
भरपूर नज़रों से देखा जाए इस पालकी समारोह को,
माँ की यह कृपा दुनिया में हर जगह मिले। 🗓� 🎊 🔱 👀 🍯

कड़वे 4:
कुंभल की मिट्टी में माँ की यह महक,
भक्तों की यही चाहत है उनके दर्शन की।
आप गरीबों की माँ हैं, कमज़ोरों का सहारा हैं,
आपकी कृपा से चलता है यह विशाल संसार। 🌱 🏠 🤲 🌎 🛡�

कड़वे 5:
नारियल का गूलर और दोइवारी पादर,
भक्ति में नहाए भक्तों का यही सम्मान है।
माँ पुकारती हूँ, हमारी पुकार सुन लो,
मुश्किलों के तूफ़ान में सिर्फ़ तुम ही मेरे साथ खड़ी रहती हो। 👗 🥥 🗣� 🙌 ⛈️

कड़वे 6:
दीपों की इस माला से रोशन है ये मंदिर,
मेले की इस भीड़ में दिखता है ये गहरा एहसास।
गाँव का ये मेला खुशियों की खान है,
परंपरा की लाज यहाँ रखी जाती है। 🪔 🕯� 💎 🤝 🏆

कड़वे 7:
शांतादुर्गा मौली, तुम कुंबल की शान हो,
तुम्हारे चरणों में हम अपनी जान चढ़ाते हैं।
वापस आने की तमन्ना ही तमन्ना है,
भक्ति की ये खुशबू दरवाले चोहिपास में है। 🚩 🙇�♂️ ✨ 🌹 🕉�

सारांश इमोजी: 🚩 🙏 🏘� 🥁 🌸 🔱 🗓� 🪔 🥥 🎊 🤝 ✨ 💖

कुंभल में श्री शांतादुर्गा देवी के मेले की सभी भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं!

--अतुल परब
--दिनांक-28.12.2025-रविवार.
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